क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै गौरा रै गौरा चाल कसूती चालै लिरिक्स (Kyu Khadi Khadi Tu Hale Gora Re gora chal kasuti chale Lyrics in Hindi) - 


क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै

क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै


तू चाल कसूती चालै

आज चाल कसूती चालै


रै क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै

क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै


आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


भंग मनै भी पी ली

आज भंग मनै भी पी ली

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै

आज भंगिया मनै पी ली ओ भोले


न्यू रिस्क लिया ना करते

रै गौरा भंग पिया ना करते

इसा रिस्क लिया ना करते

रै गौरा भंग पिया ना करते


हेरै भंग पिया ना करते

यूं भंग पिया ना करते

ऐसा रिस्क लिया ना करते

गौरा भंग पिया ना करते


बिन सोचे समझे ऐसे

गौरा भंग पिया ना करते


ओ मनै ठा लिया किंदी सोटा

मैं पीऊँगी भर भर लौटा

मनै ठा लिया किंदी सोटा

मैं पीऊँगी भर भर लौटा


पीऊँगी भर भर लौटा

मैं पीऊँगी भर भर लौटा

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


हेरै चाल कसूती चालै

आज तू खड़ी खड़ी क्यूँ हालै

आज भंगिया मन्नै पी ली ओ भोले


मैं बात कहूं सु साची

रै या चीज नहीं सै आच्छी

मैं बात कहूं तानै साची

रै या चीज नहीं सै आच्छी


या चीज नहीं सै आच्छी

भंगिया चीज नहीं सै आच्छी

गौरा बात कहूं सु साची

रै या चीज नहीं सै आच्छी


तनै भांग नहीं पीणी चहिये थी

या चीज नहीं सै आच्छी


जब चीज नहीं सै आच्छी

तो क्यूँ रोज घुटावै काची

जब चीज नहीं सै आच्छी

तो क्यूँ रोज घुटावै काची


क्यूँ रोज घुटावै काची

भोले क्यूँ रोज घुटावै काची

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


हेरै चाल कसूती चालै

आज तू खड़ी खड़ी क्यूँ हालै

आज भंगिया मनै पी ली ओ भोले


क्यूँ इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी

क्यूँ इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी


अरै कान पकड़ क सॉरी

मैं भी भंग पीऊं ना गौरी

रै क्यूँ इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी


तू इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी


वो महेन्दर सादा भोला

माहरा मिट ग्या घर रोला

तनै भंग छोड़ दी भोले

माहरा मिट ग्या घर रोला


आज फौजी कर्मवीर गावै

गाकै शिव गौरा नै मनावै

तनै भंग छोड़ दी भोले

माहरा मिट ग्या घर रोला


आज फौजी कर्मवीर गावै

गाकै शिव गौरा नै मनावै

तनै भंग छोड़ दी भोले

|| माहरा मिट ग्या घर रोला ||



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