radha bhajan

क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै गौरा रै गौरा चाल कसूती चालै लिरिक्स (Kyu Khadi Khadi Tu Hale Gora Re gora chal kasuti chale Lyrics in Hindi) - by FOJI KARAMBIR - Bhaktilok

512 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै

क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै


तू चाल कसूती चालै

आज चाल कसूती चालै


रै क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै

क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै


आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


भंग मनै भी पी ली

आज भंग मनै भी पी ली

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै

रै गौरा चाल कसूती चालै

आज भंगिया मनै पी ली ओ भोले


न्यू रिस्क लिया ना करते

रै गौरा भंग पिया ना करते

इसा रिस्क लिया ना करते

रै गौरा भंग पिया ना करते


हेरै भंग पिया ना करते

यूं भंग पिया ना करते

ऐसा रिस्क लिया ना करते

गौरा भंग पिया ना करते


बिन सोचे समझे ऐसे

गौरा भंग पिया ना करते


ओ मनै ठा लिया किंदी सोटा

मैं पीऊँगी भर भर लौटा

मनै ठा लिया किंदी सोटा

मैं पीऊँगी भर भर लौटा


पीऊँगी भर भर लौटा

मैं पीऊँगी भर भर लौटा

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


हेरै चाल कसूती चालै

आज तू खड़ी खड़ी क्यूँ हालै

आज भंगिया मन्नै पी ली ओ भोले


मैं बात कहूं सु साची

रै या चीज नहीं सै आच्छी

मैं बात कहूं तानै साची

रै या चीज नहीं सै आच्छी


या चीज नहीं सै आच्छी

भंगिया चीज नहीं सै आच्छी

गौरा बात कहूं सु साची

रै या चीज नहीं सै आच्छी


तनै भांग नहीं पीणी चहिये थी

या चीज नहीं सै आच्छी


जब चीज नहीं सै आच्छी

तो क्यूँ रोज घुटावै काची

जब चीज नहीं सै आच्छी

तो क्यूँ रोज घुटावै काची


क्यूँ रोज घुटावै काची

भोले क्यूँ रोज घुटावै काची

आज कर क छोटी ढीली

भोले भंग मनै भी पी ली


हेरै चाल कसूती चालै

आज तू खड़ी खड़ी क्यूँ हालै

आज भंगिया मनै पी ली ओ भोले


क्यूँ इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी

क्यूँ इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी


अरै कान पकड़ क सॉरी

मैं भी भंग पीऊं ना गौरी

रै क्यूँ इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी


तू इतणी छो म होरी

मैं कहूं कान पकड़ क सॉरी


वो महेन्दर सादा भोला

माहरा मिट ग्या घर रोला

तनै भंग छोड़ दी भोले

माहरा मिट ग्या घर रोला


आज फौजी कर्मवीर गावै

गाकै शिव गौरा नै मनावै

तनै भंग छोड़ दी भोले

माहरा मिट ग्या घर रोला


आज फौजी कर्मवीर गावै

गाकै शिव गौरा नै मनावै

तनै भंग छोड़ दी भोले

|| माहरा मिट ग्या घर रोला ||


Also ReadBholenath Bhajan:

इन आँखों में सूरत है तेरी भोले (In aankhon me soorat hai teri bhole Lyrics in Hindi) - Bholenath Bhajan by ANURADHA PAUDWAL - तुझ संग लगी है कैसी लगन (Tujh Sang Lagi Hai Kaisi Lagan Lyrics in Hindi) - Bholenath Bhajan SHEKHAR JAISWAL 

दूल्हा बने है बाबा (Dulha Bane Hai Baba Lyrics in Hindi) - Bholenath Bhajan

भोला देर करो ना (Bhola Der Karo Na Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan Nitin Tripathi 

भोले तेरा नाम लेकर मारते चिलम (Bhole Tera Naam Lekar Maarte Chilam Lyrics in Hindi) - by Shekhar Jaiswal Bholenath Bhajan 

सब तेरा महादेव मैं तेरा तू मेरा (Sab tera mahadev main tera tu mera Lyrics in Hindi) - Mahadev Bhajan Hansharaj 

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "क्यूँ खड़ी खड़ी तू हालै गौरा रै गौरा चाल कसूती चालै लिरिक्स (Kyu Khadi Khadi Tu Hale Gora Re gora chal kasuti chale Lyrics in Hindi) - by FOJI KARAMBIR - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!