सनातन काल चक्र व पंचांग निर्देशिका

सनातन हिंदू कैलेंडर २०२६ (Hindu Calendar 2026)

दैनिक पंचांग, आज की तिथि व शुभ मुहूर्त, २४ एकादशी व्रत सूची, प्रमुख हिंदू पर्व (दिवाली, होली, नवरात्रि, रक्षाबंधन) व व्रत-त्योहारों का संपूर्ण प्रामाणिक संकलन।

संवत वर्ष
विक्रम संवत २०८२-२०८३
शक संवत
शक संवत १९४७-१९४८
एकादशी व्रत
२४ पावन एकादशियां
माह व पक्ष
१२ मास, शुक्ल व कृष्ण
काल गणना
सूर्य-चंद्र समन्वित
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मासिक हिंदू कैलेंडर २०२६

जनवरी २०२६
१ जनवरी २०२६ पंचांग विवरण विस्तृत पंचांग देखें
तिथि एवं पक्ष (Tithi & Paksha): त्रयोदशी तिथि, शुक्ल पक्ष
नक्षत्र एवं योग (Nakshatra & Yoga): रोहिणी नक्षत्र, ब्रह्म योग
सूर्योदय एवं सूर्यास्त (Sun Timing): सूर्योदय: ०७:१४ AM | सूर्यास्त: ०५:३६ PM
राहुकाल (अशुभ समय): ०१:४५ PM से ०३:०२ PM
व्रत, पर्व एवं विशेष मुहूर्त: प्रदोष व्रत, नववर्ष शुभारंभ।

वर्ष २०२६ के प्रमुख हिंदू त्योहार (Major Hindu Festivals 2026)

सनातन पंचांग के अनुसार वर्ष २०२६ में मनाए जाने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय धार्मिक पर्वों की प्रामाणिक सूची:

त्योहार / पर्व दिनांक (२०२६) वार (दिन) हिंदू तिथि व मास धार्मिक महत्व व विशेषता
मकर संक्रांति १४ जनवरी २०२६ बुधवार माघ कृष्ण एकादशी / सूर्य मकर प्रवेश सूर्य का उत्तरायण, गंगा स्नान व तिल-गुड़ दान
वसंत पंचमी २३ जनवरी २०२६ शुक्रवार माघ शुक्ल पंचमी माँ सरस्वती प्राकट्य दिवस, विद्यारंभ संस्कार
महाशिवरात्रि १५ फरवरी २०२६ रविवार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी भगवान शिव-पार्वती विवाह, ४ प्रहर महाभिषेक
होलिका दहन ०३ मार्च २०२६ मंगलवार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा भक्त प्रह्लाद रक्षा, बुराई पर अच्छाई की विजय
होली (धुलेंडी) ०४ मार्च २०२६ बुधवार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा रंगों का महाउत्सव, वसंतोत्सव का उल्लास
चैत्र नवरात्रि प्रारंभ १९ मार्च २०२६ गुरुवार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत २०८३), घटस्थापना
श्री राम नवमी २७ मार्च २०२६ शुक्रवार चैत्र शुक्ल नवमी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जन्मोत्सव
हनुमान जयंती ०२ अप्रैल २०२६ गुरुवार चैत्र शुक्ल पूर्णिमा संकटमोचन श्री हनुमान प्राकट्य दिवस
अक्षय तृतीया १९ अप्रैल २०२६ रविवार वैशाख शुक्ल तृतीया अबूझ सर्वसिद्ध मुहूर्त, स्वर्ण क्रय व दान
जगन्नाथ रथयात्रा १६ जुलाई २०२६ गुरुवार आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पुरी में श्री जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की रथयात्रा
गुरु पूर्णिमा २९ जुलाई २०२६ बुधवार आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास जयंती, गुरु वंदना व पूजन
नाग पंचमी १८ अगस्त २०२६ मंगलवार श्रावण शुक्ल पंचमी नाग देवता पूजन, कालसर्प दोष शांति
रक्षा बंधन २८ अगस्त २०२६ शुक्रवार श्रावण शुक्ल पूर्णिमा भाई-बहन के पवित्र प्रेम व रक्षा का पर्व
श्री कृष्ण जन्माष्टमी ०४ सितम्बर २०२६ शुक्रवार भाद्रपद कृष्ण अष्टमी योगेश्वर श्री कृष्ण का मध्यरात्रि जन्मोत्सव
गणेश चतुर्थी १४ सितम्बर २०२६ सोमवार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी १० दिवसीय गणेशोत्सव, गणपति बप्पा की स्थापना
शारदीय नवरात्रि प्रारंभ १२ अक्टूबर २०२६ सोमवार अश्विन शुक्ल प्रतिपदा माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना व घटस्थापना
विजयादशमी (दशहरा) २० अक्टूबर २०२६ मंगलवार अश्विन शुक्ल दशमी रावण दहन, महिषासुर मर्दिनी विजय उत्सव
करवा चौथ २९ अक्टूबर २०२६ गुरुवार कार्तिक कृष्ण चतुर्थी अखंड सौभाग्य व्रत, चंद्र दर्शन व अर्घ्य
धनतेरस (धनत्रयोदशी) ०६ नवम्बर २०२६ शुक्रवार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी भगवान धन्वंतरि जयंती, यम दीपदान, बर्तन क्रय
दीपावली (लक्ष्मी पूजन) ०८ नवम्बर २०२६ रविवार कार्तिक कृष्ण अमावस्या प्रकाश पर्व, महालक्ष्मी व गणेश पूजन
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) १५ नवम्बर २०२६ रविवार कार्तिक शुक्ल षष्ठी भगवान सूर्य व छठी मइया का महापर्व
देवउठनी एकादशी २० नवम्बर २०२६ शुक्रवार कार्तिक शुक्ल एकादशी भगवान विष्णु का जाग्रत होना, तुलसी विवाह प्रारंभ
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वर्ष २०२६ की सम्पूर्ण २४ एकादशी तिथियां (2026 Ekadashi Schedule)

भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित वर्ष २०२६ की समस्त २४ एकादशियों के नाम, मास, पक्ष और व्रत दिनांक:

एकादशी का नाम मास एवं पक्ष दिनांक (२०२६) व्रत का आध्यात्मिक फल
सफला एकादशीपौष कृष्ण पक्ष१४ जनवरी २०२६समस्त कार्यों में सफलता व विघ्न नाश
पौष पुत्रदा एकादशीपौष शुक्ल पक्ष२९ जनवरी २०२६संतान सुख, वंश वृद्धि व दीर्घायु
षटतिला एकादशीमाघ कृष्ण पक्ष१३ फरवरी २०२६तिल दान से पाप मुक्ति व आरोग्य
जया एकादशीमाघ शुक्ल पक्ष२७ फरवरी २०२६पिशाच योनि से मुक्ति व विजय
विजया एकादशीफाल्गुन कृष्ण पक्ष१५ मार्च २०२६शत्रु पराजय व संकटों पर विजय
आमलकी एकादशीफाल्गुन शुक्ल पक्ष२९ मार्च २०२६आंवले के वृक्ष पूजन से मोक्ष प्राप्ति
पापमोचनी एकादशीचैत्र कृष्ण पक्ष१३ अप्रैल २०२६पूर्व जन्मों के पापों का शमन
कामदा एकादशीचैत्र शुक्ल पक्ष२७ अप्रैल २०२६समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति
वरुथिनी एकादशीवैशाख कृष्ण पक्ष१३ मई २०२६सौभाग्य वृद्धि व अन्नदान का फल
मोहिनी एकादशीवैशाख शुक्ल पक्ष२७ मई २०२६मोह-माया के बंधनों से मुक्ति
अपरा एकादशीज्येष्ठ कृष्ण पक्ष११ जून २०२६अपार धन, यश व कीर्ति की प्राप्ति
निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल पक्ष२५ जून २०२६बिना जल के व्रत, समस्त एकादशियों का फल
योगिनी एकादशीआषाढ़ कृष्ण पक्ष१० जुलाई २०२६शारीरिक व्याधि व रोगों से मुक्ति
देवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल पक्ष२५ जुलाई २०२६चातुर्मास प्रारंभ, श्रीहरि योगनिद्रा
कामिका एकादशीश्रावण कृष्ण पक्ष०९ अगस्त २०२६तुलसी दल पूजन से पितृ तृप्ति
श्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण शुक्ल पक्ष२४ अगस्त २०२६योग्य संतान की प्राप्ति व रक्षा
अजा एकादशीभाद्रपद कृष्ण पक्ष०७ सितम्बर २०२६अश्वमेध यज्ञ तुल्य पुण्य फल
परिवर्तिनी एकादशीभाद्रपद शुक्ल पक्ष२२ सितम्बर २०२६श्रीहरि की करवट बदलना, पुण्य लाभ
इंदिरा एकादशीअश्विन कृष्ण पक्ष०६ अक्टूबर २०२६पितृ पक्ष में पितरों को मुक्ति व मोक्ष
पापांकुशा एकादशीअश्विन शुक्ल पक्ष२१ अक्टूबर २०२६पापों पर अंकुश, स्वर्ग की प्राप्ति
रमा एकादशीकार्तिक कृष्ण पक्ष०५ नवम्बर २०२६महालक्ष्मी कृपा व दरिद्रता नाश
देवउठनी एकादशीकार्तिक शुक्ल पक्ष२० नवम्बर २०२६चातुर्मास समापन, शुभ कार्यों का शुभारंभ
उत्पन्ना एकादशीमार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष०५ दिसम्बर २०२६एकादशी माता का प्राकट्य दिवस
मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष२० दिसम्बर २०२६गीता जयंती, जन्म-मरण से मुक्ति

पंचांग के ५ मुख्य अंग (The 5 Pillars of Hindu Panchang)

वैदिक ज्योतिष में काल गणना हेतु पंचांग के पाँच अंगों का अध्ययन किया जाता है। इन्हीं पाँच घटकों के समन्वय से किसी भी समय का शुभ या अशुभ प्रभाव निर्धारित होता है:

१. तिथि (Tithi)

सूर्य और चंद्रमा के बीच १२ अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं। माह में ३० तिथियां (१५ शुक्ल + १५ कृष्ण) होती हैं।

२. वार (Vaar)

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का काल एक वार (दिन) कहलाता है। सात ग्रहों के नाम पर ७ वार होते हैं।

३. नक्षत्र (Nakshatra)

आकाश मंडल के ३६०° को २७ नक्षत्रों में विभाजित किया गया है। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र में भ्रमण करता है।

४. योग (Yoga)

सूर्य और चंद्रमा के स्पष्ट भोगांश के योग से २७ योग बनते हैं, जैसे विष्कुंभ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य आदि।

५. करण (Karana)

एक तिथि का आधा भाग (६ अंश का अंतर) करण कहलाता है। कुल ११ करण होते हैं (७ चर और ४ स्थिर)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

सनातन हिंदू कैलेंडर सूर्य और चंद्रमा दोनों की गतियों पर आधारित 'सूर्य-चंद्र समन्वित' (Lunisolar) काल गणना प्रणाली पर आधारित है। इसमें चंद्रमा के आधार पर तिथियां व मास (शुक्ल व कृष्ण पक्ष) निर्धारित होते हैं और सौर संक्रांति के आधार पर ऋतुओं व वर्ष का संतुलन बनाया जाता है।

पंचांग के पाँच मूल अंग हैं: १. तिथि (चंद्र दिवस), २. वार (सप्ताह का दिन), ३. नक्षत्र (चंद्रमा की तारामंडल स्थिति - २७ नक्षत्र), ४. योग (सूर्य-चंद्रमा का कोणीय योग - २७ योग), और ५. करण (तिथि का आधा भाग - ११ करण)।

वर्ष २०२६ में महाशिवरात्रि १५ फरवरी, होलिका दहन ०३ मार्च, चैत्र नवरात्रि १९ मार्च से २७ मार्च, रक्षाबंधन २८ अगस्त, श्री कृष्ण जन्माष्टमी ०४ सितम्बर, गणेश चतुर्थी १४ सितम्बर, शारदीय नवरात्रि १२ अक्टूबर से २० अक्टूबर, तथा दीपावली (लक्ष्मी पूजन) ०८ नवम्बर २०२६ को मनाई जाएगी।

एकादशी व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना का सर्वोत्कृष्ट दिन है। एक सामान्य वर्ष में २४ एकादशियां (प्रत्येक माह में २ - कृष्ण पक्ष व शुक्ल पक्ष) होती हैं। यह व्रत शारीरिक शुद्धि, मानसिक शांति और मोक्ष प्राप्ति हेतु अमोघ माना गया है।
संपादकीय पारदर्शिता एवं ज्योतिषीय संदर्भ:

यह कैलेंडर सूर्य सिद्धांत, द्रिक गणित पंचांग तथा प्रतिष्ठित भारतीय पंचांगों के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय सूर्योदय समय और भौगोलिक अक्षांश-देशांतर के आधार पर विभिन्न शहरों में तिथियों के प्रारंभ और समाप्ति समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।

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२०२६ के प्रमुख पर्व

महाशिवरात्रि
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
१५ फ़रवरी २०२६
होली (धुलेंडी)
चैत्र कृष्ण प्रतिपदा
०४ मार्च २०२६
श्री राम नवमी
चैत्र शुक्ल नवमी
२७ मार्च २०२६
रक्षा बंधन
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा
२८ अगस्त २०२६
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
०४ सितम्बर २०२६
दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
कार्तिक कृष्ण अमावस्या
०८ नवम्बर २०२६

दैनिक प्रातः स्मरण मंत्र

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ॥

प्रतिदिन प्रातःकाल हथेलियों का दर्शन करते हुए यह श्लोक पढ़ने से दिन मंगलमय व शुभ होता है।