भगवान श्रीहरि विष्णु व्रत महात्म्य

एकादशी व्रत कैलेंडर २०२६ (Ekadashi Calendar 2026)

वर्ष २०२६ की समस्त २४ एकादशियों की प्रामाणिक सूची – सफला, षटतिला, आमलकी, निर्जला, देवशयनी, देवउठनी व मोक्षदा एकादशी का व्रत दिनांक, पारण समय (Parana Muhurat) एवं शास्त्रोक्त नियम।

कुल एकादशी
२४ पावन व्रत
शुक्ल पक्ष
१२ एकादशियां
कृष्ण पक्ष
१२ एकादशियां
सर्वश्रेष्ठ व्रत
निर्जला एकादशी
आराध्य देव
भगवान श्रीहरि विष्णु
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वर्ष २०२६ की समस्त एकादशी तिथियां

पौष कृष्ण पक्ष

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi)

14 January 2026

साल की प्रथम एकादशी। पाँच हजार वर्ष तक तपस्या करने का पुण्य फल मात्र इस एक व्रत से प्राप्त होता है। समस्त कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

पारण मुहूर्त: १५ जनवरी, प्रातः ०७:१५ से ०९:२२ AM
पौष शुक्ल पक्ष

पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada)

29 January 2026

संतान प्राप्ति, संतान के आरोग्य, सुयश व वंश वृद्धि हेतु यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।

पारण मुहूर्त: ३० जनवरी, प्रातः ०७:१० से ०९:२० AM
माघ कृष्ण पक्ष

षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi)

13 February 2026

तिल के ६ रूपों (स्नान, उबटन, हवन, तर्पण, भोजन व दान) में उपयोग का विधान। समस्त पापों का शमन होता है।

पारण मुहूर्त: १४ फरवरी, प्रातः ०७:०० से ०९:१५ AM
माघ शुक्ल पक्ष

जया एकादशी (Jaya Ekadashi)

27 February 2026

पिशाच व भूत योनि से मुक्ति दिलाने वाली पावन एकादशी। साधक को ब्रह्महत्या जैसे महापाप से भी मुक्ति मिलती है।

पारण मुहूर्त: २८ फरवरी, प्रातः ०६:४८ से ०९:०९ AM
फाल्गुन कृष्ण पक्ष

विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi)

15 March 2026

लंका पर विजय प्राप्ति हेतु मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने समुद्र तट पर यह व्रत किया था। कठिन समय में विजय प्रदाता।

पारण मुहूर्त: १६ मार्च, प्रातः ०६:३० से ०८:५५ AM
फाल्गुन शुक्ल पक्ष महापर्व

आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi)

29 March 2026

आंवले के पवित्र वृक्ष का पूजन। आंवले में भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी का साक्षात् वास माना जाता है। समस्त तीर्थों के दर्शन का फल।

पारण मुहूर्त: ३० मार्च, प्रातः ०६:१५ से ०८:४२ AM
चैत्र कृष्ण पक्ष

पापमोचिनी एकादशी (Papmochani)

13 April 2026

जाने-अनजाने में हुए समस्त संचित पापों के प्रायश्चित और निवारण हेतु चैत्र मास की परम कल्याणकारी एकादशी।

पारण मुहूर्त: १४ अप्रैल, प्रातः ०५:५८ से ०८:२८ AM
चैत्र शुक्ल पक्ष

कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi)

27 April 2026

साधक की समस्त सात्विक मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली एकादशी। शाप मुक्ति एवं संकटों से रक्षा होती है।

पारण मुहूर्त: २८ अप्रैल, प्रातः ०५:४५ से ०८:१५ AM
वैशाख कृष्ण पक्ष

वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi)

13 May 2026

अखंड सौभाग्य, ऐश्वर्य व परलोक में मोक्ष प्रदाता। दस हजार वर्ष तक तपस्या करने व कन्यादान के समान फल मिलता है।

पारण मुहूर्त: १४ मई, प्रातः ०५:३३ से ०८:०५ AM
वैशाख शुक्ल पक्ष

मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi)

27 May 2026

समुद्र मंथन के पश्चात अमृत वितरण हेतु भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था। सांसारिक मोह-माया के बंधनों से मुक्ति।

पारण मुहूर्त: २८ मई, प्रातः ०५:२५ से ०७:५८ AM
ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi)

11 June 2026

अपार धन-धान्य, यश और कीर्ति प्रदाता। ब्रह्महत्या, परनिंदा और असत्य भाषण जैसे दोषों से मुक्ति दिलाती है।

पारण मुहूर्त: १२ जून, प्रातः ०५:२३ से ०७:५५ AM
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष महापर्व

निर्जला एकादशी (Nirjala / Bhimseni)

25 June 2026

वर्ष की सबसे कठिन व श्रेष्ठ एकादशी। बिना जल ग्रहण किए यह व्रत रखने से वर्ष की संपूर्ण २४ एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है।

पारण मुहूर्त: २६ जून, प्रातः ०५:२५ से ०८:०२ AM
आषाढ़ कृष्ण पक्ष

योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi)

10 July 2026

शारीरिक व्याधियों, कुष्ठ रोग तथा असाध्य कष्टों के निवारण हेतु आषाढ़ मास की प्रमुख एकादशी।

पारण मुहूर्त: ११ जुलाई, प्रातः ०५:३१ से ०८:१० AM
आषाढ़ शुक्ल पक्ष महापर्व

देवशयनी एकादशी (Devshayani)

25 July 2026

भगवान विष्णु क्षीरसागर में ४ मास के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। चातुर्मास का शुभारंभ होता है। समस्त मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

पारण मुहूर्त: २६ जुलाई, प्रातः ०५:३८ से ०८:१६ AM
श्रावण कृष्ण पक्ष

कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi)

09 August 2026

श्रावण मास में भगवान श्रीहरि की तुलसी पत्र से पूजा करने पर अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। पितरों को तृप्ति मिलती है।

पारण मुहूर्त: १० अगस्त, प्रातः ०५:४६ से ०८:२४ AM
श्रावण शुक्ल पक्ष

श्रावण पुत्रदा एकादशी (Pavitropana)

24 August 2026

संतान की दीर्घायु, यश और सद्गुणों की प्राप्ति हेतु यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।

पारण मुहूर्त: २५ अगस्त, प्रातः ०५:५५ से ०८:३० AM
भाद्रपद कृष्ण पक्ष

अजा एकादशी (Aja Ekadashi)

07 September 2026

राजा हरिश्चंद्र ने इस व्रत के प्रभाव से अपना खोया हुआ राज्य, पुत्र और मान-सम्मान पुनः प्राप्त किया था।

पारण मुहूर्त: ०८ सितम्बर, प्रातः ०६:०२ से ०८:३४ AM
भाद्रपद शुक्ल पक्ष

परिवर्तिनी / पद्मा एकादशी (Parivartini)

22 September 2026

योगनिद्रा में भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, अतः इसे परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। वामन अवतार की पूजा का विशेष विधान।

पारण मुहूर्त: २३ सितम्बर, प्रातः ०६:१० से ०८:३८ AM
अश्विन कृष्ण पक्ष (पितृ पक्ष) महापर्व

इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi)

06 October 2026

पितृ पक्ष में आने वाली एकादशी। इस व्रत का पुण्य पितरों को समर्पित करने से उन्हें यमलोक की यातना से मुक्ति मिलकर वैकुंठ की प्राप्ति होती है।

पारण मुहूर्त: ०७ अक्टूबर, प्रातः ०६:१७ से ०८:४२ AM
अश्विन शुक्ल पक्ष

पापांकुशा एकादशी (Papankusha)

21 October 2026

मनुष्य के समस्त मानसिक, वाचिक और शारीरिक पापों पर अंकुश लगाने वाली एकादशी। सूर्यलोक व वैकुंठ लोक की प्राप्ति।

पारण मुहूर्त: २२ अक्टूबर, प्रातः ०६:२६ से ०८:४७ AM
कार्तिक कृष्ण पक्ष

रमा एकादशी (Rama Ekadashi)

05 November 2026

दीपावली से पूर्व आने वाली एकादशी। माँ लक्ष्मी के 'रमा' स्वरूप की कृपा से दरिद्रता का नाश और अखंड सुख-समृद्धि की प्राप्ति।

पारण मुहूर्त: ०६ नवम्बर, प्रातः ०६:३६ से ०८:५४ AM
कार्तिक शुक्ल पक्ष महापर्व

देवउठनी / प्रबोधिनी एकादशी (Devutthana)

20 November 2026

भगवान विष्णु ४ मास की योगनिद्रा के उपरांत जागते हैं। चातुर्मास समापन, तुलसी विवाह और विवाह आदि मांगलिक कार्यों का शुभारंभ।

पारण मुहूर्त: २१ नवम्बर, प्रातः ०६:४८ से ०९:०२ AM
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi)

05 December 2026

भगवान विष्णु के शरीर से एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ था जिन्होंने मुर नामक राक्षस का वध किया था। एकादशी व्रत का आरंभ इसी दिन से किया जाता है।

पारण मुहूर्त: ०६ दिसम्बर, प्रातः ०६:५९ से ०९:१२ AM
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष महापर्व

मोक्षदा एकादशी (Mokshada / Gita Jayanti)

20 December 2026

इसी पावन दिन भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को 'श्रीमद्भगवद्गीता' का अमर उपदेश दिया था। गीता जयंती व मोक्ष प्रदाता।

पारण मुहूर्त: २१ दिसम्बर, प्रातः ०७:०८ से ०९:२१ AM

२. २०२६ एकादशी व्रत एवं पारण समय सारणी (Master Table)

एकादशी का नाम दिनांक (२०२६) मास एवं पक्ष पारण का शुभ समय आराध्य स्वरूप
सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) 14 Jan 2026 पौष कृष्ण पक्ष १५ जनवरी, प्रातः ०७:१५ से ०९:२२ AM भगवान नारायण
पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada) 29 Jan 2026 पौष शुक्ल पक्ष ३० जनवरी, प्रातः ०७:१० से ०९:२० AM भगवान श्री कृष्ण / नारायण
षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi) 13 Feb 2026 माघ कृष्ण पक्ष १४ फरवरी, प्रातः ०७:०० से ०९:१५ AM भगवान श्रीहरि विष्णु
जया एकादशी (Jaya Ekadashi) 27 Feb 2026 माघ शुक्ल पक्ष २८ फरवरी, प्रातः ०६:४८ से ०९:०९ AM भगवान दामोदर
विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) 15 Mar 2026 फाल्गुन कृष्ण पक्ष १६ मार्च, प्रातः ०६:३० से ०८:५५ AM भगवान श्री राम / विष्णु
आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) 29 Mar 2026 फाल्गुन शुक्ल पक्ष ३० मार्च, प्रातः ०६:१५ से ०८:४२ AM भगवान परशुराम व आंवला वृक्ष
पापमोचिनी एकादशी (Papmochani) 13 Apr 2026 चैत्र कृष्ण पक्ष १४ अप्रैल, प्रातः ०५:५८ से ०८:२८ AM भगवान श्रीहरि
कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) 27 Apr 2026 चैत्र शुक्ल पक्ष २८ अप्रैल, प्रातः ०५:४५ से ०८:१५ AM भगवान वासुदेव
वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) 13 May 2026 वैशाख कृष्ण पक्ष १४ मई, प्रातः ०५:३३ से ०८:०५ AM भगवान मधुसूदन
मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) 27 May 2026 वैशाख शुक्ल पक्ष २८ मई, प्रातः ०५:२५ से ०७:५८ AM भगवान मोहिनी स्वरूप
अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) 11 Jun 2026 ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष १२ जून, प्रातः ०५:२३ से ०७:५५ AM भगवान त्रिविक्रम
निर्जला एकादशी (Nirjala / Bhimseni) 25 Jun 2026 ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष २६ जून, प्रातः ०५:२५ से ०८:०२ AM भगवान अच्युत
योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) 10 Jul 2026 आषाढ़ कृष्ण पक्ष ११ जुलाई, प्रातः ०५:३१ से ०८:१० AM भगवान नारायण
देवशयनी एकादशी (Devshayani) 25 Jul 2026 आषाढ़ शुक्ल पक्ष २६ जुलाई, प्रातः ०५:३८ से ०८:१६ AM भगवान श्रीहरि विष्णु (योगनिद्रा)
कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) 09 Aug 2026 श्रावण कृष्ण पक्ष १० अगस्त, प्रातः ०५:४६ से ०८:२४ AM भगवान श्रीधर
श्रावण पुत्रदा एकादशी (Pavitropana) 24 Aug 2026 श्रावण शुक्ल पक्ष २५ अगस्त, प्रातः ०५:५५ से ०८:३० AM भगवान जनार्दन
अजा एकादशी (Aja Ekadashi) 07 Sep 2026 भाद्रपद कृष्ण पक्ष ०८ सितम्बर, प्रातः ०६:०२ से ०८:३४ AM भगवान ऋषिकेश
परिवर्तिनी / पद्मा एकादशी (Parivartini) 22 Sep 2026 भाद्रपद शुक्ल पक्ष २३ सितम्बर, प्रातः ०६:१० से ०८:३८ AM भगवान वामन स्वरूप
इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi) 06 Oct 2026 अश्विन कृष्ण पक्ष (पितृ पक्ष) ०७ अक्टूबर, प्रातः ०६:१७ से ०८:४२ AM भगवान पद्मनाभ
पापांकुशा एकादशी (Papankusha) 21 Oct 2026 अश्विन शुक्ल पक्ष २२ अक्टूबर, प्रातः ०६:२६ से ०८:४७ AM भगवान पद्मनाभ
रमा एकादशी (Rama Ekadashi) 05 Nov 2026 कार्तिक कृष्ण पक्ष ०६ नवम्बर, प्रातः ०६:३६ से ०८:५४ AM भगवान केशव व माँ लक्ष्मी
देवउठनी / प्रबोधिनी एकादशी (Devutthana) 20 Nov 2026 कार्तिक शुक्ल पक्ष २१ नवम्बर, प्रातः ०६:४८ से ०९:०२ AM भगवान श्रीहरि विष्णु (जाग्रत स्वरूप)
उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) 05 Dec 2026 मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष ०६ दिसम्बर, प्रातः ०६:५९ से ०९:१२ AM एकादशी देवी व भगवान विष्णु
मोक्षदा एकादशी (Mokshada / Gita Jayanti) 20 Dec 2026 मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष २१ दिसम्बर, प्रातः ०७:०८ से ०९:२१ AM भगवान श्री कृष्ण व दामोदर

३. एकादशी व्रत के शास्त्रोक्त नियम एवं पारण विधान

न तथा गङ्गा न गया न सेतुर्न च पुष्करम् ।
न चापि कौशिकी पुण्या यथा हरितिथिः परा ॥

पद्म पुराण भावार्थ: जिस प्रकार गंगा, गया, सेतुबंध, पुष्कर और कौशिकी तीर्थ अत्यंत पावन हैं, उसी प्रकार श्रीहरि की तिथि 'एकादशी' समस्त तीर्थों में सर्वश्रेष्ठ और परम पुण्य प्रदायिनी है।

एकादशी व्रत के मुख्य नियम:

  • दशमी के नियम: दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त से पूर्व सात्विक भोजन ग्रहण करें। मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और मसूर की दाल का त्याग करें। रात्रि में ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • एकादशी के दिन: प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर तीर्थ स्नान अथवा गंगाजल युक्त जल से स्नान करें। दिनभर श्रीहरि विष्णु के 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें।
  • अन्न व चावल त्याग: एकादशी के दिन चावल और किसी भी प्रकार का अन्न खाना सर्वथा वर्जित है। फलाहार में कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, दूध व फल लिए जा सकते हैं।
  • द्वादशी पारण विधान: द्वादशी तिथि समाप्त होने से पूर्व और सूर्योदय के उपरांत पारण करें। हरि वासर में पारण न करें। ब्राह्मण अथवा जरूरतमंद को दान देकर व्रत खोलें।

४. एकादशी व्रत सम्बन्धी प्रश्नोत्तर (FAQs)

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पूर्व और सूर्योदय के बाद किया जाता है। हरि वासर (द्वादशी की प्रथम एक-चौथाई अवधि) में पारण करना वर्जित है। पारण के समय भगवान श्रीहरि को तुलसी दल व पंचामृत अर्पित कर सात्विक अन्न अथवा चरणामृत ग्रहण कर व्रत खोलना चाहिए।

वर्ष २०२६ की प्रमुख महा एकादशियों में निर्जला एकादशी (२५ जून), देवशयनी एकादशी (२५ जुलाई), इंदिरा एकादशी (०६ अक्टूबर), देवउठनी एकादशी (२० नवम्बर), और मोक्षदा एकादशी / गीता जयंती (२० दिसम्बर) शामिल हैं।

पौराणिक मान्यता के अनुसार महर्षि मेधा के शरीर के अंग पृथ्वी में समाहित होकर जौ और चावल के रूप में उत्पन्न हुए थे। एकादशी के दिन चावल को जीव रूप माना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से चावल में जल तत्व अधिक होता है, जिससे एकादशी के दिन चंद्रमा के आकर्षण से मन चंचल हो सकता है, अतः सात्विक एकाग्रता हेतु चावल त्याग का विधान है।
संपादकीय पारदर्शिता एवं शास्त्रीय संदर्भ:

यह एकादशी विवरण पद्म पुराण, वराह पुराण, स्कंद पुराण एवं द्रिक गणित पंचांग के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय सूर्योदय समय के अनुसार पारण समय में कुछ मिनटों का सूक्ष्म अंतर संभव है।

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श्री विष्णु महामंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

एकादशी के दिन इस द्वादशाक्षर मंत्र का १०८ बार जप समस्त पापों से मुक्ति और भगवान श्रीहरि का परम धाम प्रदान करता है।