भक्ति, साधना एवं वैदिक ज्ञान की अमृत धारा
संपूर्ण भजन, सिद्ध मंत्र, पावन आरती संग्रह, चालीसा पाठ, दैनिक पंचांग व व्रत-त्योहारों की प्रामाणिक एवं संदर्भ-आधारित मार्गदर्शिका।
आज का पंचांग · नई दिल्ली
नवीनतम भक्ति आलेख एवं धार्मिक कथाएँ
शान्तं कार्म भुजगशयनम् श्लोक अर्थ सहित (Shantam Bhujagashayanam S…
भगवान विष्णु की महिमा और उनके शांत रूप का वर्णन करने वाला यह अति पावन श्लोक साधक के जीवन में शांति और दिव्यता …
श्री सूक्तम् पाठ और हिंदी अर्थ
श्री सूक्तम् ऋग्वेद का एक अत्यंत प्रभावशाली और प्राचीन सूक्त है, जो देवी लक्ष्मी की आराधना के लिए समर्पित है। …
Achutam Keshavam Bhajan - सम्पूर्ण मूल पाठ, हिंदी अर्थ एवं विधि
अच्युतम केशवम - आध्यात्मिक परिचय एवं पौराणिक पृष्ठभूमि सनातन धर्म में नाम-संकीर्तन और भजनों का अत्यंत विश…
Arey Dwarpalo Bhajan Lyrics - सम्पूर्ण मूल पाठ व हिंदी अर्थ | Bha…
सनातन संस्कृति में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग, समर्पण, प्रेम और निःस्वार्थ भाव की सर्वोच्च परि…
Chhoti Chhoti Gaiya Chote Chote Gwal - सम्पूर्ण भजन लिरिक्स एवं अ…
सनातन संस्कृति में श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण मात्र से ही मानव हृदय आनंदित हो उठता है। ब्रज भूमि की धूल…
पुरुष सूक्तम: सम्पूर्ण मूल पाठ, हिंदी अर्थ एवं पाठ विधि | Bhaktil…
भगवान महाविष्णु को समर्पित पवित्र पुरुष सूक्तम (सहस्रशीर्षा पुरुषः) का सम्पूर्ण वैदिक मूल पाठ, विस्तृत हिंदी भ…
सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
सत्य की ही जीत होती है, असत्य की नहीं। सत्य के मार्ग से ही दिव्य देवलोक की यात्रा प्रशस्त होती है।
— मुण्डकोपनिषद्द्वादश राशि वैदिक साधना, दैनिक मार्गदर्शन एवं सिद्ध उपाय
मेष (Aries)
ॐ भौं भौमाय नमः
वैदिक बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।
तांत्रिक मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
साहस और आत्मविश्वास से व्यापार व नौकरी में प्रगति होगी। महत्वपूर्ण मीटिंग्स व नए निवेश में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
रक्तचाप और अत्यधिक उत्तेजना से बचें। प्रातः सूर्य नमस्कार व प्राणायाम ऊर्जा संतुलन बनाए रखेगा।
पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। जीवनसाथी के साथ संवाद में विनम्रता बनाए रखें।
लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र जरूरतमंदों को दान करें।
लोकप्रिय भजन एवं भक्तिगीत संग्रह
Bajao Ram Naam Ki Tali Lyrics - बजाओ राम नाम की ताली
बजाओ राम नाम की ताली भजन भगवान श्रीराम के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। इस हृदयस्पर्शी भजन के…
Main Dware Tere Aaya O Radha Raman Lyrics - भजन
मैं द्वारे तेरे आया ओ राधा रमन भजन के माध्यम से भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, समर्पण और व्याकुलता…
सांई चरणों में दिन है सांई चरणों में रात: आध्यात्मिक मूल्य और भक्…
साईं चरणों में दिन है, सांई चरणों में रात भजन शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए अनन्य समर्पण का प्रतीक है। इस ल…
गाड़ी बाबा श्याम की
भक्तिलोक पर आज हम आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं बाबा श्याम अर्थात खाटूश्याम जी की अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण…
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया)लिरिक्स
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया) कृष्ण भजन के भावपूर्ण लिरिक्स और विरह रस से परिपूर्ण प…
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से (श्याम दीवानी)लिरिक्स
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से श्याम दीवानी भजन के भावपूर्ण बोल पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित इस सुंद…
पावन वैदिक मंत्र एवं स्तोत्र साधना
मां स्वयंवर पार्वती सिद्ध मंत्र - ॐ ह्रीं योगिनि योगेश्वरी: मनचाह…
शीघ्र विवाह और मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए मां स्वयंवर पार्वती का यह दिव्य सिद्ध मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है। इ…
श्री अश्विनी कुमार आरोग्य मंत्र: ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः - असाध्…
अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं। इस मंत्र साधना से असाध्य रोगों का नाश होता है और शरीर का कायाकल्प होता है।
श्री गरुड़ पुराण आधारित पितृ दोष निवारण मंत्र: ॐ पितृभ्यः नमः - प…
गरुड़ पुराण में वर्णित 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र पितृ दोष से मुक्ति, वंश वृद्धि और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त क…
श्री राहु बीज मंत्र - ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः राहु महादश…
श्री राहु बीज मंत्र राहु ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने और जीवन में स्थिरता लाने का एक अत्यंत शक्तिशा…
श्री कामधेनु मंत्र: ॐ सुरभ्यै नमः - मनोकामना पूर्ति एवं पारिवारिक…
सनातन संस्कृति में माता कामधेनु को समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने वाली कल्पवृक्ष स्वरूपा गोमाता माना गया है। 'ॐ स…
श्री कार्तवीर्य अर्जुन मंत्र - ॐ कार्तवीर्यार्जुनो नाम राजा बाहुस…
भगवान कार्तवीर्य अर्जुन का यह मंत्र खोई हुई वस्तुओं को खोजने और धन की हानि को रोकने के लिए अत्यंत प्रभावशाली औ…
दिव्य आरती संग्रह
सभी आरतियाँपावन चालीसा पाठ
सभी चालीसाआगामी प्रमुख हिंदू व्रत एवं पावन त्योहार
दशहरा 2026
दशहरा 2026 बुधवार, 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर रावण दहन, विजयादशमी तिथि, शुभ मुहूर्त, शस्त्र पू...
पापांकुशा एकादशी 2026: आश्विन शुक्ल एकादशी व्रत, श्रीहरि पूजन व पारण मुहूर्त
पापांकुशा एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। पद्म पुराण के अनुसार यह एकादशी सभी प...
शरद पूर्णिमा (कोजागरी व्रत) 2026: अमृतमयी खीर का भोग, लक्ष्मी पूजन व चंद्र अर्घ्य समय
शरद पूर्णिमा यानी कोजागरी व्रत सनातन संस्कृति में विशेष आध्यात्मिक और आरोग्यकारी महत्व रखता है। इस पावन रात्रि...
करवा चौथ व्रत 2026: सरगी का समय, करवा माता पूजन विधि, चंद्रोदय अर्घ्य समय व कथा
करवा चौथ 2026 का पावन व्रत सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य, दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक है। जानि...
दिवाली 2026
दिवाली 2026 का पाँच दिवसीय महापर्व 8 नवंबर से 12 नवंबर तक मनाया जाएगा। जानिए धनतेरस, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूज...
धनतेरस 2026: कुबेर लक्ष्मी पूजन, खरीदारी का शुभ मुहूर्त और यम दीपदान विधि
धनतेरस 2026 का पावन पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर भगवान धन्व...
दैनिक गृह पूजा एवं साधना समय सारिणी
ब्रह्म मुहूर्त साधना व ध्यान
ईश्वर स्मरण, प्राणायाम एवं गायत्री मंत्र का जप मानसिक एकाग्रता हेतु सर्वोत्तम है।
प्रातःकालीन सूर्य अर्घ्य व देव पूजन
तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य, मंदिर में दीपक प्रज्वलन व नित्य आरती।
मध्याह्न स्वाध्याय व गीता पाठ
श्रीमद्भगवद्गीता अथवा रामायण के एक अध्याय का अर्थ सहित पावन स्वाध्याय।
संध्या आरती व दीप प्रज्वलन
तुलसी जी के समक्ष घी का दीपक, धूप अर्पण व पारिवारिक संध्या आरती पाठ।
रात्रिकालीन कृतज्ञता प्रार्थना
दिनभर के कर्मों का आत्मचिंतन, शांति पाठ एवं ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन।
महामंत्र जप अनुष्ठान
'हरे राम हरे कृष्ण' अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का १०८ बार तुलसी/रुद्राक्ष माला पर जप।