भक्ति, साधना एवं वैदिक ज्ञान की अमृत धारा
संपूर्ण भजन, सिद्ध मंत्र, पावन आरती संग्रह, चालीसा पाठ, दैनिक पंचांग व व्रत-त्योहारों की प्रामाणिक एवं संदर्भ-आधारित मार्गदर्शिका।
आज का पंचांग · नई दिल्ली
नवीनतम भक्ति आलेख एवं धार्मिक कथाएँ
भगवान धन्वंतरि की कृपा: जब प्रभु स्वयं भक्त की सेवा में आए
भगवान धन्वंतरि की यह Bhakti Story एक सच्चे भक्त की सेवा और ईश्वर के प्रति समर्पण की सुंदर Katha है। पढ़ें पूरी…
भगवान धन्वंतरि की कृपा: एक भक्त के संकट निवारण की अद्भुत कथा
भगवान धन्वंतरि की इस Bhakti Story में जानें कैसे एक भक्त की सच्ची श्रद्धा ने उसके प्राणों की रक्षा की। पढ़ें य…
अटूट विश्वास की विजय: माँ कामाख्या की कृपा की प्रेरक गाथा
माँ कामाख्या की भक्ति और अटूट विश्वास की यह अद्भुत Bhakti Story आपको जीवन की कठिन चुनौतियों से लड़ने की शक्ति द…
माँ कामाख्या के प्रत्यक्ष चमत्कार: संतों की दिव्य भक्ति गाथा
माँ कामाख्या की अद्भुत Bhakti Story और संतों के दिव्य अनुभवों की यह Katha आपको भक्ति के गहरे अर्थ समझाएगी। पढ़…
माँ कामाख्या की अद्भुत महिमा: जब देवी स्वयं भक्त के घर पधारीं
माँ कामाख्या की यह Bhakti Story एक सच्चे भक्त की श्रद्धा और देवी की करुणा की गाथा है। पढ़ें पूरी Maa Kamakhya …
माँ कामाख्या की अद्भुत महिमा: संकट टालने वाली सच्ची भक्ति कथा
माँ कामाख्या की भक्ति और शरणागति की यह अद्भुत Bhakti Story पढ़ें। जानें कैसे एक भक्त का संकट टला और क्या है इस…
उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः। न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥
कोई भी कार्य केवल इच्छा करने से नहीं बल्कि कठिन परिश्रम से ही सिद्ध होता है। सोए हुए शेर के मुंह में हिरण खुद प्रवेश नहीं करता।
— हितोपदेशद्वादश राशि वैदिक साधना, दैनिक मार्गदर्शन एवं सिद्ध उपाय
मेष (Aries)
ॐ भौं भौमाय नमः
वैदिक बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।
तांत्रिक मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
साहस और आत्मविश्वास से व्यापार व नौकरी में प्रगति होगी। महत्वपूर्ण मीटिंग्स व नए निवेश में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
रक्तचाप और अत्यधिक उत्तेजना से बचें। प्रातः सूर्य नमस्कार व प्राणायाम ऊर्जा संतुलन बनाए रखेगा।
पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। जीवनसाथी के साथ संवाद में विनम्रता बनाए रखें।
लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र जरूरतमंदों को दान करें।
लोकप्रिय भजन एवं भक्तिगीत संग्रह
Bajao Ram Naam Ki Tali Lyrics - बजाओ राम नाम की ताली
बजाओ राम नाम की ताली भजन भगवान श्रीराम के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। इस हृदयस्पर्शी भजन के…
Main Dware Tere Aaya O Radha Raman Lyrics - भजन
मैं द्वारे तेरे आया ओ राधा रमन भजन के माध्यम से भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, समर्पण और व्याकुलता…
सांई चरणों में दिन है सांई चरणों में रात: आध्यात्मिक मूल्य और भक्…
साईं चरणों में दिन है, सांई चरणों में रात भजन शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए अनन्य समर्पण का प्रतीक है। इस ल…
गाड़ी बाबा श्याम की
भक्तिलोक पर आज हम आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं बाबा श्याम अर्थात खाटूश्याम जी की अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण…
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया)लिरिक्स
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया) कृष्ण भजन के भावपूर्ण लिरिक्स और विरह रस से परिपूर्ण प…
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से (श्याम दीवानी)लिरिक्स
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से श्याम दीवानी भजन के भावपूर्ण बोल पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित इस सुंद…
पावन वैदिक मंत्र एवं स्तोत्र साधना
श्री वरुण देव मंत्र: जल तत्व दोष निवारण और पारिवारिक शांति
भगवान वरुण देव जल के अधिपति हैं। उनके मंत्रों के जाप से घर का वास्तु दोष दूर होता है और पारिवारिक जीवन में सुख…
श्री दक्षिणामूर्ति मंत्र: ज्ञान, मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति का मा…
भगवान शिव का दक्षिणामूर्ति स्वरूप साक्षात ज्ञान के अधिष्ठाता हैं। इस मंत्र के माध्यम से साधक अज्ञान के अंधकार …
भगवान चित्रगुप्त कर्म फल मंत्र: पाप मुक्ति, आयु वृद्धि और यम भय न…
भगवान चित्रगुप्त सृष्टि के लेखपाल हैं। उनके मंत्रों के जप से मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा शुद्ध होता है और अक…
देवर्षि नारद रक्षा कवच मंत्र: सर्व बाधा शांति व अभयदान
देवर्षि नारद रक्षा कवच मंत्र सर्वबाधा शांति, ग्रह दोष निवारण और साधक को दैवीय अभयदान प्रदान करने वाला एक अत्यं…
मां स्वयंवर पार्वती सिद्ध मंत्र - ॐ ह्रीं योगिनि योगेश्वरी: मनचाह…
शीघ्र विवाह और मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए मां स्वयंवर पार्वती का यह दिव्य सिद्ध मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है। इ…
श्री अश्विनी कुमार आरोग्य मंत्र: ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः - असाध्…
अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं। इस मंत्र साधना से असाध्य रोगों का नाश होता है और शरीर का कायाकल्प होता है।
दिव्य आरती संग्रह
सभी आरतियाँपावन चालीसा पाठ
सभी चालीसाआगामी प्रमुख हिंदू व्रत एवं पावन त्योहार
करवा चौथ व्रत 2026: सरगी का समय, करवा माता पूजन विधि, चंद्रोदय अर्घ्य समय व कथा
करवा चौथ 2026 का पावन व्रत सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य, दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक है। जानि...
दिवाली 2026
दिवाली 2026 का पाँच दिवसीय महापर्व 8 नवंबर से 12 नवंबर तक मनाया जाएगा। जानिए धनतेरस, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूज...
धनतेरस 2026: कुबेर लक्ष्मी पूजन, खरीदारी का शुभ मुहूर्त और यम दीपदान विधि
धनतेरस 2026 का पावन पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर भगवान धन्व...
गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट 2026: तिथि, मुहूर्त, 56 भोग, पूजा विधि और पौराणिक कथा
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गुरु नानक जयंती 2026
गुरु नानक जयंती 2026 इस वर्ष 15 नवंबर को मनाई जाएगी। सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर...
छठ पूजा 2026: नहाय-खाय, खरना, अर्घ्य समय और संपूर्ण विधि
छठ पूजा महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का सबसे कठिन और पवित्र व्रत है। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष...
दैनिक गृह पूजा एवं साधना समय सारिणी
ब्रह्म मुहूर्त साधना व ध्यान
ईश्वर स्मरण, प्राणायाम एवं गायत्री मंत्र का जप मानसिक एकाग्रता हेतु सर्वोत्तम है।
प्रातःकालीन सूर्य अर्घ्य व देव पूजन
तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य, मंदिर में दीपक प्रज्वलन व नित्य आरती।
मध्याह्न स्वाध्याय व गीता पाठ
श्रीमद्भगवद्गीता अथवा रामायण के एक अध्याय का अर्थ सहित पावन स्वाध्याय।
संध्या आरती व दीप प्रज्वलन
तुलसी जी के समक्ष घी का दीपक, धूप अर्पण व पारिवारिक संध्या आरती पाठ।
रात्रिकालीन कृतज्ञता प्रार्थना
दिनभर के कर्मों का आत्मचिंतन, शांति पाठ एवं ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन।
महामंत्र जप अनुष्ठान
'हरे राम हरे कृष्ण' अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का १०८ बार तुलसी/रुद्राक्ष माला पर जप।