भक्ति, साधना एवं वैदिक ज्ञान की अमृत धारा
संपूर्ण भजन, सिद्ध मंत्र, पावन आरती संग्रह, चालीसा पाठ, दैनिक पंचांग व व्रत-त्योहारों की प्रामाणिक एवं संदर्भ-आधारित मार्गदर्शिका।
आज का पंचांग · नई दिल्ली
नवीनतम भक्ति आलेख एवं धार्मिक कथाएँ
माँ छिन्नमस्तिका के 108 पावन नाम जप: अष्टोत्तर शतनामावली
Read complete Maa Chhinnamastika 108 names Ashtottara Shatanamavali in Hindi and Sanskrit with profound spirit…
माँ छिन्नमस्तिका का पावन ध्यान श्लोक, बीज मंत्र एवं सरल पूजन विधि
Discover Maa Chhinnamastika Dhyana Shloka, Beej Mantra, complete Puja Vidhi, and spiritual significance in Hin…
माँ तारा उग्रतारा का सिद्ध रक्षा कवच पाठ एवं रहस्य
माँ तारा (उग्रतारा) का सिद्ध रक्षा कवच पाठ, अंगन्यास, ध्यान, भवसागर तारण और मोक्ष प्राप्ति के उपाय जानें। सम्प…
भगवान विट्ठल के 108 पावन नाम जप अष्टोत्तर शतनामावली
भगवान विट्ठल (पांडुरंग) के 108 पावन नाम अष्टोत्तर शतनामावली, मंत्र, अर्थ एवं फलश्रुति। Read Vitthal 108 Names …
माता राधा रानी का सिद्ध रक्षा कवच: अंगन्यास, ध्यान एवं रहस्य
Discover Mata Radha Rani Siddha Raksha Kavach with Anganyasa, Dhyana, and detailed spiritual meaning. Read com…
भगवान विष्णु का बीज मंत्र अनुष्ठान: सवा लाख जप विधि
भगवान विष्णु के बीज मंत्र अनुष्ठान की सवा लाख जप विधि, दशांश हवन, नियम, और आध्यात्मिक लाभ की विस्तृत जानकारी। …
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान होता है, तब-तब मैं सज्जनों के कल्याण और धर्म की स्थापना के लिए स्वयं को प्रकट करता हूँ।
— श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय ४, श्लोक ७)द्वादश राशि वैदिक साधना, दैनिक मार्गदर्शन एवं सिद्ध उपाय
मेष (Aries)
ॐ भौं भौमाय नमः
वैदिक बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।
तांत्रिक मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
साहस और आत्मविश्वास से व्यापार व नौकरी में प्रगति होगी। महत्वपूर्ण मीटिंग्स व नए निवेश में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
रक्तचाप और अत्यधिक उत्तेजना से बचें। प्रातः सूर्य नमस्कार व प्राणायाम ऊर्जा संतुलन बनाए रखेगा।
पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। जीवनसाथी के साथ संवाद में विनम्रता बनाए रखें।
लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र जरूरतमंदों को दान करें।
लोकप्रिय भजन एवं भक्तिगीत संग्रह
Bajao Ram Naam Ki Tali Lyrics - बजाओ राम नाम की ताली
बजाओ राम नाम की ताली भजन भगवान श्रीराम के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। इस हृदयस्पर्शी भजन के…
Main Dware Tere Aaya O Radha Raman Lyrics - भजन
मैं द्वारे तेरे आया ओ राधा रमन भजन के माध्यम से भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, समर्पण और व्याकुलता…
सांई चरणों में दिन है सांई चरणों में रात: आध्यात्मिक मूल्य और भक्…
साईं चरणों में दिन है, सांई चरणों में रात भजन शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए अनन्य समर्पण का प्रतीक है। इस ल…
गाड़ी बाबा श्याम की
भक्तिलोक पर आज हम आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं बाबा श्याम अर्थात खाटूश्याम जी की अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण…
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया)लिरिक्स
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया) कृष्ण भजन के भावपूर्ण लिरिक्स और विरह रस से परिपूर्ण प…
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से (श्याम दीवानी)लिरिक्स
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से श्याम दीवानी भजन के भावपूर्ण बोल पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित इस सुंद…
पावन वैदिक मंत्र एवं स्तोत्र साधना
श्री दक्षिणामूर्ति मंत्र: ज्ञान, मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति का मा…
भगवान शिव का दक्षिणामूर्ति स्वरूप साक्षात ज्ञान के अधिष्ठाता हैं। इस मंत्र के माध्यम से साधक अज्ञान के अंधकार …
भगवान चित्रगुप्त कर्म फल मंत्र: पाप मुक्ति, आयु वृद्धि और यम भय न…
भगवान चित्रगुप्त सृष्टि के लेखपाल हैं। उनके मंत्रों के जप से मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा शुद्ध होता है और अक…
देवर्षि नारद रक्षा कवच मंत्र: सर्व बाधा शांति व अभयदान
देवर्षि नारद रक्षा कवच मंत्र सर्वबाधा शांति, ग्रह दोष निवारण और साधक को दैवीय अभयदान प्रदान करने वाला एक अत्यं…
मां स्वयंवर पार्वती सिद्ध मंत्र - ॐ ह्रीं योगिनि योगेश्वरी: मनचाह…
शीघ्र विवाह और मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए मां स्वयंवर पार्वती का यह दिव्य सिद्ध मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है। इ…
श्री अश्विनी कुमार आरोग्य मंत्र: ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः - असाध्…
अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं। इस मंत्र साधना से असाध्य रोगों का नाश होता है और शरीर का कायाकल्प होता है।
श्री गरुड़ पुराण आधारित पितृ दोष निवारण मंत्र: ॐ पितृभ्यः नमः - प…
गरुड़ पुराण में वर्णित 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र पितृ दोष से मुक्ति, वंश वृद्धि और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त क…
दिव्य आरती संग्रह
सभी आरतियाँपावन चालीसा पाठ
सभी चालीसाआगामी प्रमुख हिंदू व्रत एवं पावन त्योहार
करवा चौथ व्रत 2026: सरगी का समय, करवा माता पूजन विधि, चंद्रोदय अर्घ्य समय व कथा
करवा चौथ 2026 का पावन व्रत सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य, दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक है। जानि...
दिवाली 2026
दिवाली 2026 का पाँच दिवसीय महापर्व 8 नवंबर से 12 नवंबर तक मनाया जाएगा। जानिए धनतेरस, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूज...
धनतेरस 2026: कुबेर लक्ष्मी पूजन, खरीदारी का शुभ मुहूर्त और यम दीपदान विधि
धनतेरस 2026 का पावन पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर भगवान धन्व...
गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट 2026: तिथि, मुहूर्त, 56 भोग, पूजा विधि और पौराणिक कथा
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का महापर्व भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन पर्वत लीला और प्रकृति पूजा को समर्पित है। जानिए ...
गुरु नानक जयंती 2026
गुरु नानक जयंती 2026 इस वर्ष 15 नवंबर को मनाई जाएगी। सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर...
छठ पूजा 2026: नहाय-खाय, खरना, अर्घ्य समय और संपूर्ण विधि
छठ पूजा महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का सबसे कठिन और पवित्र व्रत है। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष...
दैनिक गृह पूजा एवं साधना समय सारिणी
ब्रह्म मुहूर्त साधना व ध्यान
ईश्वर स्मरण, प्राणायाम एवं गायत्री मंत्र का जप मानसिक एकाग्रता हेतु सर्वोत्तम है।
प्रातःकालीन सूर्य अर्घ्य व देव पूजन
तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य, मंदिर में दीपक प्रज्वलन व नित्य आरती।
मध्याह्न स्वाध्याय व गीता पाठ
श्रीमद्भगवद्गीता अथवा रामायण के एक अध्याय का अर्थ सहित पावन स्वाध्याय।
संध्या आरती व दीप प्रज्वलन
तुलसी जी के समक्ष घी का दीपक, धूप अर्पण व पारिवारिक संध्या आरती पाठ।
रात्रिकालीन कृतज्ञता प्रार्थना
दिनभर के कर्मों का आत्मचिंतन, शांति पाठ एवं ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन।
महामंत्र जप अनुष्ठान
'हरे राम हरे कृष्ण' अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का १०८ बार तुलसी/रुद्राक्ष माला पर जप।