सनातन धर्म एवं अध्यात्म का पावन डिजिटल मंच · सोमवार विशेष (महादेव शिव व चंद्र देव)

भक्ति, साधना एवं वैदिक ज्ञान की अमृत धारा

संपूर्ण भजन, सिद्ध मंत्र, पावन आरती संग्रह, चालीसा पाठ, दैनिक पंचांग व व्रत-त्योहारों की प्रामाणिक एवं संदर्भ-आधारित मार्गदर्शिका।

आज का पंचांग · नई दिल्ली

02 Nov 2026 (विक्रम संवत २०८३)
तिथि शुक्ल पक्ष, सप्तमी
नक्षत्र मघा
राहुकाल 07:30 - 09:00 (प्रातः)
अभिजित मुहूर्त 11:48 - 12:38 (सर्वार्थ सिद्धि)
विस्तृत पंचांग
नव प्रकाशित

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आज का पावन सुभाषित श्लोक

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।

तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फलों पर कभी नहीं। इसलिए कर्म फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करो।

— श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय २, श्लोक ४७)
वैदिक ज्योतिष एवं साधना मार्गदर्शिका

द्वादश राशि वैदिक साधना, दैनिक मार्गदर्शन एवं सिद्ध उपाय

पंचांग व विस्तृत राशिफल
♈

मेष (Aries)

तत्व: अग्नि (Fire) स्वामी: मंगल (Mars)
आत्मिक ऊर्जा स्तर 94%
दिव्य तेज एवं पराक्रम
सिद्ध बीज मंत्र
ॐ भौं भौमाय नमः
नित्य जप: १०८ बार (प्रातः/संध्या)
नित्य मंत्र जप साधना
इष्ट देव / अधिष्ठाता देवता
भगवान श्री कार्तिकेय एवं श्री हनुमान जी
शुभ रत्न व उपरत्न
मूंगा (Red Coral) (उपरत्न: लाल अकीक / तामड़ा (Garnet))
शुभ दिशा व अनुकूल धातु
पूर्व दिशा (East) · तांबा (Copper) व स्वर्ण
शुभ अंक व भाग्यशाली रंग
9, 1, 8 · लाल, केसरिया व नारंगी
प्रकृति स्वभाव व शरीर अंग
चर (Movable) · पुरुष व क्षत्रिय वर्ण · मस्तिष्क, सिर व नेत्र
संबंधित नक्षत्र एवं चरण विस्तार
अश्विनी (4 चरण), भरणी (4 चरण), कृतिका (1 चरण)
दैनिक सिद्ध बीज मंत्र

ॐ भौं भौमाय नमः

वैदिक बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।

तांत्रिक मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः।

अनुशंसित जप संख्या व समय
१०८ बार (प्रातः/संध्या)
श्रेष्ठ साधना दिवस
मंगलवार (Tuesday)
साधना विधि व विशेष फल

आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।

आज का समग्र आध्यात्मिक मार्गदर्शन

आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।

करियर व वित्त

साहस और आत्मविश्वास से व्यापार व नौकरी में प्रगति होगी। महत्वपूर्ण मीटिंग्स व नए निवेश में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

स्वास्थ्य व स्फूर्ति

रक्तचाप और अत्यधिक उत्तेजना से बचें। प्रातः सूर्य नमस्कार व प्राणायाम ऊर्जा संतुलन बनाए रखेगा।

पारिवारिक व संबंध

पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। जीवनसाथी के साथ संवाद में विनम्रता बनाए रखें।

आज क्या करें (शुभ कर्म): प्रातः तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें, लाल चंदन तिलक लगाएं, हनुमान चालीसा पढ़ें।
आज क्या न करें (सावधानी): अनावश्यक वाद-विवाद, जल्दबाजी में वाहन चलाना और क्रोध करने से बचें।
अनुकूल रुद्राक्ष धारण
तीन मुखी रुद्राक्ष (Three Mukhi Rudraksha) आत्मबल, नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा और एकाग्रता हेतु।
सिद्ध यंत्र पूजन
सिद्ध श्री मंगल यंत्र घर या पूजा स्थल के ईशान कोण में स्थापित करें।
नित्य पठनीय वैदिक स्तोत्र व कवच
श्री हनुमत् वडवानल स्तोत्र / ऋणमोचक मंगल स्तोत्र प्रतिदिन प्रातः स्नान के उपरांत इस स्तोत्र का पाठ करने से ग्रह दोषों की शांति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
ग्रह शांति हेतु पुण्य दान सामग्री

लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र जरूरतमंदों को दान करें।

अनुकूल मित्र राशियां
सिंह, धनु, मिथुन (अत्यंत शुभ) · मकर, कर्क (मध्यम)
शुभ दिन व उपासना मुहूर्त
मंगलवार (Tuesday) (सूर्योदय व संध्या काल)
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भक्ति रस

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नित्य साधना

दैनिक गृह पूजा एवं साधना समय सारिणी

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04:00 - 06:00 AM

ब्रह्म मुहूर्त साधना व ध्यान

ईश्वर स्मरण, प्राणायाम एवं गायत्री मंत्र का जप मानसिक एकाग्रता हेतु सर्वोत्तम है।

06:00 - 08:00 AM

प्रातःकालीन सूर्य अर्घ्य व देव पूजन

तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य, मंदिर में दीपक प्रज्वलन व नित्य आरती।

12:00 - 01:00 PM

मध्याह्न स्वाध्याय व गीता पाठ

श्रीमद्भगवद्गीता अथवा रामायण के एक अध्याय का अर्थ सहित पावन स्वाध्याय।

06:00 - 07:30 PM

संध्या आरती व दीप प्रज्वलन

तुलसी जी के समक्ष घी का दीपक, धूप अर्पण व पारिवारिक संध्या आरती पाठ।

09:00 - 10:00 PM

रात्रिकालीन कृतज्ञता प्रार्थना

दिनभर के कर्मों का आत्मचिंतन, शांति पाठ एवं ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन।

सर्वकालिक

महामंत्र जप अनुष्ठान

'हरे राम हरे कृष्ण' अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का १०८ बार तुलसी/रुद्राक्ष माला पर जप।

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पंचांग
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