भक्ति, साधना एवं वैदिक ज्ञान की अमृत धारा
संपूर्ण भजन, सिद्ध मंत्र, पावन आरती संग्रह, चालीसा पाठ, दैनिक पंचांग व व्रत-त्योहारों की प्रामाणिक एवं संदर्भ-आधारित मार्गदर्शिका।
आज का पंचांग · मुंबई
नवीनतम भक्ति आलेख एवं धार्मिक कथाएँ
भगवान कार्तिकेय की भक्ति और संकट निवारण की अद्भुत कथा
भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की यह Bhakti Story एक भक्त के अटूट विश्वास और संकट निवारण की प्रेरक Katha है। जानें क…
भगवान कार्तिकेय ने कैसे की अपने भक्त की रक्षा: एक अमर भक्ति प्रसं…
भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की यह Bhakti Story एक भक्त की अटूट श्रद्धा और ईश्वर की कृपा की सुंदर Katha है। पढ़ें …
भगवान धन्वंतरि की कृपा और अटूट विश्वास की विजय की प्रेरक कथा
भगवान धन्वंतरि की यह Bhakti Story अटूट विश्वास और स्वास्थ्य के दिव्य आशीर्वाद की प्रेरक Katha है। पढ़ें पूरी क…
भगवान धन्वंतरि के दिव्य चमत्कार और संतों के अद्भुत अनुभव
भगवान धन्वंतरि के प्रत्यक्ष चमत्कार और संतों के दिव्य साक्षात्कार की यह Bhakti Story आपको स्वास्थ्य और भक्ति क…
भगवान धन्वंतरि की अद्भुत कथा: जब नारायण बने वैद्य के सहायक
भगवान धन्वंतरि की यह Bhakti Story एक निस्वार्थ वैद्य की सेवा और भक्ति की कथा है। जानें कैसे प्रभु स्वयं सेवा क…
भगवान धन्वंतरि और उनके अनन्य भक्त की अद्भुत रक्षा कथा
भगवान धन्वंतरि की यह Bhakti Story एक वैद्य की निस्वार्थ सेवा और अटूट विश्वास की प्रेरक Katha है। जानें कैसे भग…
सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
सत्य की ही जीत होती है, असत्य की नहीं। सत्य के मार्ग से ही दिव्य देवलोक की यात्रा प्रशस्त होती है।
— मुण्डकोपनिषद्द्वादश राशि वैदिक साधना, दैनिक मार्गदर्शन एवं सिद्ध उपाय
मेष (Aries)
ॐ भौं भौमाय नमः
वैदिक बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।
तांत्रिक मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
आज आपकी आंतरिक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। कार्यक्षेत्र में साहसपूर्वक लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष मानसिक शांति व विजय प्राप्त होगी।
साहस और आत्मविश्वास से व्यापार व नौकरी में प्रगति होगी। महत्वपूर्ण मीटिंग्स व नए निवेश में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
रक्तचाप और अत्यधिक उत्तेजना से बचें। प्रातः सूर्य नमस्कार व प्राणायाम ऊर्जा संतुलन बनाए रखेगा।
पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। जीवनसाथी के साथ संवाद में विनम्रता बनाए रखें।
लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र जरूरतमंदों को दान करें।
लोकप्रिय भजन एवं भक्तिगीत संग्रह
Bajao Ram Naam Ki Tali Lyrics - बजाओ राम नाम की ताली
बजाओ राम नाम की ताली भजन भगवान श्रीराम के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। इस हृदयस्पर्शी भजन के…
Main Dware Tere Aaya O Radha Raman Lyrics - भजन
मैं द्वारे तेरे आया ओ राधा रमन भजन के माध्यम से भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, समर्पण और व्याकुलता…
सांई चरणों में दिन है सांई चरणों में रात: आध्यात्मिक मूल्य और भक्…
साईं चरणों में दिन है, सांई चरणों में रात भजन शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए अनन्य समर्पण का प्रतीक है। इस ल…
गाड़ी बाबा श्याम की
भक्तिलोक पर आज हम आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं बाबा श्याम अर्थात खाटूश्याम जी की अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण…
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया)लिरिक्स
तुझे देख के जी भरता ही नहीं (अब जाऊँ कहाँ मैं साँवरिया) कृष्ण भजन के भावपूर्ण लिरिक्स और विरह रस से परिपूर्ण प…
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से (श्याम दीवानी)लिरिक्स
लागी लागी रे लागी प्रीत मोरी कान्हा से श्याम दीवानी भजन के भावपूर्ण बोल पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित इस सुंद…
पावन वैदिक मंत्र एवं स्तोत्र साधना
श्री हनुमान गायत्री मंत्र: जप विधि, अर्थ और अद्भुत लाभ
श्री हनुमान गायत्री मंत्र का जप करने से साधक को बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। यह मंत्र भय को दूर क…
श्री हनुमान महामंत्र: 108 बार जप विधि, लाभ और सिद्ध विधान
श्री हनुमान महामंत्र का 108 बार नित्य जप साधक को अतुलित बल और निर्भयता प्रदान करता है। जानिए इस सिद्ध मंत्र की…
भगवान सदाशिव गायत्री मंत्र: जप विधि, लाभ और मोक्ष प्राप्ति
भगवान सदाशिव गायत्री मंत्र का जप अकाल मृत्यु के भय को दूर करने और मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम मार्ग है। इस लेख…
भगवान सदाशिव महामंत्र: जप विधि, लाभ और मोक्ष का सिद्ध विधान
भगवान सदाशिव का यह महामंत्र अकाल मृत्यु के भय को दूर करने और मोक्ष प्रदान करने वाला परम सिद्ध मंत्र है।
देवर्षि नारद गायत्री मंत्र: विधि, जप और भक्ति सूत्र का रहस्य
देवर्षि नारद गायत्री मंत्र के जप से साधक को भगवान नारायण की अनन्य भक्ति और अखंड कीर्तन का आशीर्वाद प्राप्त होत…
देवर्षि नारद महामंत्र: 108 बार नित्य जप से नारद भक्ति सूत्र व नार…
देवर्षि नारद महामंत्र का 108 बार नित्य जप करने से साधक को नारद भक्ति सूत्र के गूढ़ दर्शन और अखंड नारायण कीर्तन…
दिव्य आरती संग्रह
सभी आरतियाँपावन चालीसा पाठ
सभी चालीसाआगामी प्रमुख हिंदू व्रत एवं पावन त्योहार
दिवाली 2026
दिवाली 2026 का पाँच दिवसीय महापर्व 8 नवंबर से 12 नवंबर तक मनाया जाएगा। जानिए धनतेरस, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूज...
धनतेरस 2026: कुबेर लक्ष्मी पूजन, खरीदारी का शुभ मुहूर्त और यम दीपदान विधि
धनतेरस 2026 का पावन पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर भगवान धन्व...
गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट 2026: तिथि, मुहूर्त, 56 भोग, पूजा विधि और पौराणिक कथा
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का महापर्व भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन पर्वत लीला और प्रकृति पूजा को समर्पित है। जानिए ...
गुरु नानक जयंती 2026
गुरु नानक जयंती 2026 इस वर्ष 15 नवंबर को मनाई जाएगी। सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर...
छठ पूजा 2026: नहाय-खाय, खरना, अर्घ्य समय और संपूर्ण विधि
छठ पूजा महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का सबसे कठिन और पवित्र व्रत है। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष...
देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी 2026: तुलसी विवाह मुहूर्त, भगवान विष्णु का योगनिद्रा से जागरण और चातुर्मास का समापन
देवउठनी एकादशी 2026 पर भगवान श्री हरि विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है...
दैनिक गृह पूजा एवं साधना समय सारिणी
ब्रह्म मुहूर्त साधना व ध्यान
ईश्वर स्मरण, प्राणायाम एवं गायत्री मंत्र का जप मानसिक एकाग्रता हेतु सर्वोत्तम है।
प्रातःकालीन सूर्य अर्घ्य व देव पूजन
तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य, मंदिर में दीपक प्रज्वलन व नित्य आरती।
मध्याह्न स्वाध्याय व गीता पाठ
श्रीमद्भगवद्गीता अथवा रामायण के एक अध्याय का अर्थ सहित पावन स्वाध्याय।
संध्या आरती व दीप प्रज्वलन
तुलसी जी के समक्ष घी का दीपक, धूप अर्पण व पारिवारिक संध्या आरती पाठ।
रात्रिकालीन कृतज्ञता प्रार्थना
दिनभर के कर्मों का आत्मचिंतन, शांति पाठ एवं ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन।
महामंत्र जप अनुष्ठान
'हरे राम हरे कृष्ण' अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का १०८ बार तुलसी/रुद्राक्ष माला पर जप।