दिवाली 2026: 8 से 10 नवंबर तक रोशनी का पाँच दिवसीय महापर्व | Diwali 2026: Five-Day Festival of Lights from November 8 to 10 (Main Days)
दिवाली, जिसे दीपावली भी कहते हैं, भारत का सबसे बड़ा और सबसे चमकीला त्योहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दिवाली पाँच दिनों तक मनाई जाती है: धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), लक्ष्मी पूजन (मुख्य दिवाली), गोवर्धन पूजा और भाई दूज। वर्ष 2026 में यह पर्व रविवार, 8 नवंबर (धनतेरस) से गुरुवार, 12 नवंबर (भाई दूज) तक मनाया जाएगा। मुख्य लक्ष्मी पूजन बुधवार, 11 नवंबर 2026 को होगा।
📅 दिवाली 2026: पाँच दिनों का कार्यक्रम और मुहूर्त (Five-Day Schedule & Timings)
- धनतेरस (8 नवंबर, रविवार): धन्वंतरि जयंती और धन-धान्य की खरीदारी का दिन। शुभ मुहूर्त: शाम 05:52 से 07:48 बजे तक।
- नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली (9 नवंबर, सोमवार): भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध की याद। अभ्यंग स्नान (तेल मालिश) का महत्व। शुभ मुहूर्त: सुबह 05:24 से 06:44 बजे तक।
- लक्ष्मी पूजन (10 नवंबर, मंगलवार): मुख्य दिवाली, अमावस्या तिथि। प्रदोष काल में माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा। पूजा का शुभ समय: शाम 06:35 से 08:17 बजे तक (प्रदोष काल)।
- गोवर्धन पूजा / अन्नकूट (11 नवंबर, बुधवार): भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला की याद।
- भाई दूज (12 नवंबर, गुरुवार): बहनें भाइयों को तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। शुभ मुहूर्त: दोपहर 01:30 बजे से 03:45 बजे तक।
🪔 मुख्य दिवाली: लक्ष्मी पूजन विधि (Lakshmi Puja Vidhi)
- घर की साफ-सफाई और सजावट (रंगोली, दीए) करें।
- पूजा की थाली सजाएँ – चावल, रोली, कुमकुम, गंगाजल, सिक्के, मिठाई, कलावा।
- भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- गणेश पूजन के बाद लक्ष्मी जी का षोडशोपचार पूजन करें – ध्यान, आवाहन, स्नान, वस्त्र, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आरती।
- लेखनी-बहीखाता पूजन (व्यापारी लोग करते हैं)।
- पूरे घर में दीए जलाएँ और आतिशबाजी का आनंद लें।
🗺️ भारत के विभिन्न क्षेत्रों में दिवाली (Regional Celebrations)
उत्तर भारत
राम के अयोध्या लौटने की खुशी में दिवाली मनाई जाती है। घरों में दीए जलते हैं, लक्ष्मी पूजन होता है।
पश्चिम बंगाल
यहाँ काली पूजा का आयोजन होता है (दिवाली की रात)। श्मशान घाटों पर तंत्र साधना भी होती है।
गुजरात
दिवाली के अगले दिन बेस्टु वर्ष (नए साल) के रूप में मनाते हैं। लोग मिलकर मिठाइयाँ बाँटते हैं।
महाराष्ट्र
वसुबारस (गायों की पूजा), धनतेरस, नरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान) और लक्ष्मी पूजन।
🍛 दिवाली के विशेष व्यंजन (Special Diwali Dishes)
- मिठाइयाँ: लड्डू, बर्फी, काजू कतली, गुलाब जामुन, पेड़ा, चकली, शंकरपाली।
- नमकीन: चिवड़ा, मठरी, नमकपारे, भुजिया।
- खास पकवान: पूरी, छोले, हलवा, करी।
- मेवे और खजूर: ड्राई फ्रूट्स के पैकेट बाँटे जाते हैं।
🎆 पटाखे और प्रदूषण (Firecrackers & Pollution)
दिवाली पर पटाखे जलाने की परंपरा है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण अब लोग जागरूक हो रहे हैं। हरित पटाखे (ग्रीन क्रैकर्स) का उपयोग करें और सीमित मात्रा में ही जलाएँ। कई स्थानों पर सामूहिक आतिशबाजी का आयोजन होता है, जिससे व्यक्तिगत नुकसान कम होता है।
💡 दिवाली 2026 के लिए सुझाव (Tips for Diwali 2026)
- खरीदारी धनतेरस पर करें – सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स।
- लक्ष्मी पूजन के समय घर के मुख्य द्वार पर रोली से स्वास्तिक बनाएँ।
- आतिशबाजी करते समय आँखों का ध्यान रखें, पानी की बाल्टी पास रखें।
- पटाखों के शोर से बुजुर्गों, बच्चों और पालतू जानवरों को बचाएँ।
- गरीबों और जरूरतमंदों को मिठाई और उपहार बाँटें।
🙏 दिवाली 2026 की शुभकामनाएँ
दीपों का यह पर्व आपके जीवन में खुशहाली, सुख-समृद्धि और प्रकाश लेकर आए।
दिवाली 2026 की हार्दिक बधाई! शुभ दीपावली!