ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
मंत्र का आध्यात्मिक अर्थ व महत्व:
मैं भगवान वासुदेव को नमन करता हूँ।
डिजिटल जप माला काउंटर (Click to Count)
नीचे दिए गए चक्र को प्रत्येक मंत्र जप पूरा होने पर दबाएं। १०८ बार जप करने पर एक माला पूर्ण होगी।
यह साधना आपके मन को परम शांति और एकाग्रता प्रदान करेगी।
मंत्र साधना का मानसिक एवं भौतिक विज्ञान
सनातन ध्यान पद्धति में **'मंत्र'** शब्द दो धातुओं से मिलकर बना है: **'मन'** अर्थात सोचना/बुद्धि और **'त्र'** अर्थात रक्षा करना/मुक्त करना। वह विशिष्ट ध्वनि तरंग जो हमारे मन को फालतू के विचारों से मुक्त कर रक्षा करती है, मंत्र कहलाती है।
जब हम किसी मंत्र का बार-बार जप (Chanting) करते हैं, तो जीभ और तालु के विशिष्ट बिंदुओं के टकराने से मस्तिष्क के पीनियल और हाइपोथैलेमस ग्रंथियां (Pineal & Hypothalamus glands) उत्तेजित होती हैं। इसके प्रभाव से शरीर में मेलाटोनिन और एंडोर्फिन जैसे प्रसन्नता देने वाले हार्मोन स्रावित होते हैं और ध्यान की गहराई प्राप्त होती है।
माला में १०८ (108) मनकों के जप का खगोलीय नियम
शास्त्रों में किसी भी मंत्र जप की पूर्णता के लिए १०८ बार का विधान है। इसके पीछे गहरा खगोलीय और गणितीय नियम है:
मंत्र साधना सम्बन्धी आम प्रश्न (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
लेखन एवं संकलन
भक्तिलोक शोध मंडल (Bhaktilok Research Council)
धार्मिक ग्रंथों के प्राचीन ज्ञान का सरल और प्रामाणिक अनुवाद करने वाली समर्पित संस्था।
तथ्य-जांच व धार्मिक समीक्षा
डॉ. विकास शास्त्री (Dr. Vikas Shastri)
वैदिक संस्कृति व मंत्र विज्ञान के विशेषज्ञ विद्वान। पीएचडी (वैदिक अध्ययन)।
प्रामाणिकता सत्यापित