वैदिक काल गणना व मुहूर्त शास्त्र

दैनिक हिंदू पंचांग (Daily Hindu Panchang)

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की वैज्ञानिक गणना। जानिए आज का शुभ अभिजित मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल, दिन-रात्रि का चौघड़िया एवं राहुकाल का समय।

दिनांक
26 September 2026
संवत वर्ष
विक्रम संवत २०८३
चंद्र पक्ष
Waxing Gibbous
सूर्योदय समय
05:42 AM
अभिजित मुहूर्त
11:45 AM

पंचांग अवलोकन व दैनिक संकल्प से पूर्व मंगलकारी घंटा नाद करें।

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१. पंचांग विस्तृत विवरण (26 September 2026)

दैनिक काल विवरण

  • तिथिएकादशी (Ekadashi)
  • नक्षत्ररोहिणी (Rohini)
  • योगहर्षण (Harshana)
  • करणबव (Bava)

नक्षत्र व राशि योग

  • नक्षत्र देवताप्रजापति (Prajapati)
  • नक्षत्र प्रतीकरथ (Chariot)
  • नक्षत्र चरण1
  • चंद्र राशिवृषभ (Taurus)

सूर्य संचरण

  • सूर्योदय05:42 AM
  • सूर्यास्त06:55 PM
  • दिन का मान (Day Length)13 hours 13 minutes

चंद्र संचरण

  • चंद्रोदय07:30 PM
  • चंद्रास्त06:15 AM
  • चंद्र पक्षWaxing Gibbous

दिन का चौघड़िया

समयचौघड़ियाप्रकार
05:42 - 07:18 शुभ शुभ मुहूर्त
07:18 - 08:53 रोग अशुभ समय
08:53 - 10:29 उद्वेग अशुभ समय
10:29 - 12:04 चर सामान्य
12:04 - 13:40 लाभ शुभ मुहूर्त
13:40 - 15:15 अमृत शुभ मुहूर्त
15:15 - 16:51 काल अशुभ समय
16:51 - 18:55 शुभ शुभ मुहूर्त

रात्रि का चौघड़िया

समयचौघड़ियाप्रकार
18:55 - 20:20 अमृत शुभ मुहूर्त
20:20 - 21:44 चर सामान्य
21:44 - 23:09 रोग अशुभ समय
23:09 - 00:33 काल अशुभ समय
00:33 - 01:58 लाभ शुभ मुहूर्त
01:58 - 03:22 उद्वेग अशुभ समय
03:22 - 04:47 शुभ शुभ मुहूर्त
04:47 - 05:42 अमृत शुभ मुहूर्त

नवग्रह राशि गोचर स्थिति

Sun Cancer
Moon Taurus
Mars Taurus
Mercury Leo
Jupiter Taurus
Venus Leo
Saturn Aquarius
Rahu Pisces
Ketu Virgo

ब्रह्म मुहूर्त

समय: 04:12 AM - 05:02 AM

ध्यान, साधना, योग व स्वाध्याय हेतु सर्वश्रेष्ठ काल।

अभिजित मुहूर्त

समय: 11:45 AM - 12:35 PM

दिन का सर्वाधिक शुभ समय, नए कार्य शुभारंभ हेतु अनुकूल।

अमृत काल

समय: 02:15 PM - 03:05 PM

मांगलिक एवं धार्मिक अनुष्ठानों हेतु अमृततुल्य शुभ फल प्रदाता।

राहुकाल

समय: 03:30 PM - 05:05 PM

शुभ कार्य, व्यापार आरंभ या गृह प्रवेश हेतु वर्जित समय।

यमगंड काल

समय: 07:18 AM - 08:53 AM

यात्रा आरंभ एवं महत्वपूर्ण सौदों के लिए त्याग योग्य समय।

गुलिक काल

समय: 12:20 PM - 01:55 PM

इस काल में किए गए कार्यों में विलंब की संभावना रहती है।

आज का दैनिक संकल्प मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

भावार्थ: मैं भगवान वासुदेव को नमन करता हूँ।

२. सनातन काल गणना: पंचांग के ५ प्रमुख अंग

वैदिक ज्योतिष में पंचांग का शाब्दिक अर्थ है "पाँच अंग" (Five Limbs of Time)। काल की प्रत्येक इकाई का अपना सूक्ष्म गणितीय और आध्यात्मिक प्रभाव होता है:

  • १. तिथि (Tithi): सूर्य और चंद्रमा के मध्य के १२ डिग्री कोणीय अंतर को एक तिथि कहते हैं। माह में ३० तिथियां होती हैं।
  • २. वार (Vaar): एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक का मान वार (दिन) कहलाता है। सातों ग्रहों के आधार पर सप्ताह के ७ दिन निर्धारित हैं।
  • ३. नक्षत्र (Nakshatra): आकाश मंडल के २७ भागों में से चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र क्षेत्र (१३° २०') में गोचर करता है।
  • ४. योग (Yoga): सूर्य और चंद्रमा के देशांतर के योग से २७ योगों का निर्माण होता है।
  • ५. करण (Karana): आधी तिथि के मान को करण कहते हैं। कुल ११ करण होते हैं (७ चर और ४ स्थिर)।

३. पंचांग सम्बन्धी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

भक्तिलोक पर दिए गए पंचांग की दैनिक गणना मुख्य रूप से भारतीय मानक समय (IST) और मध्य भारत के अक्षांश/रेखांश (उज्जैन/वाराणसी) की वैदिक काल गणना पद्धति पर आधारित होती है।

हाँ, राहुकाल के दौरान दैनिक नित्य कर्म, नियमित भगवान की पूजा, आरती, हनुमान चालीसा का पाठ अथवा ध्यान करने में कोई दोष नहीं है। केवल नया शुभ कार्य, विवाह, अथवा गृह प्रवेश आरंभ करना वर्जित माना गया है।

अभिजित मुहूर्त दिन के आठवें मुहूर्त को कहा जाता है, जो मध्याह्न काल में लगभग ४८ मिनट का होता है। यह भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय मुहूर्त है और इसमें प्रारंभ किया गया कार्य निश्चित रूप से सफल होता है।
संपादकीय पारदर्शिता एवं शास्त्रीय संदर्भ:

यह पंचांग सूर्य सिद्धांत, द्रिक गणित पंचांग तथा प्रतिष्ठित भारतीय पंचांगों के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय सूर्योदय समय और भौगोलिक अक्षांश-देशांतर के आधार पर विभिन्न शहरों में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।

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दैनिक प्रातः स्मरण मंत्र

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ॥

प्रतिदिन प्रातःकाल हथेलियों का दर्शन करते हुए यह श्लोक पढ़ने से दिन मंगलमय व शुभ होता है।