बालक एवं बालिकाओं के लिए नवीनतम, अर्थपूर्ण संस्कृत व वैदिक नाम। १२ राशियों के नामाक्षर, २७ नक्षत्र चरण, अंक ज्योतिष और नामकरण संस्कार की प्रामाणिक शास्त्रीय विधि।
अर्थ: इच्छा, चाह और अर्चन स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और आरती स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और आशा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और उमा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और करुणा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और कविता स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और कांति स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और किरण स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और कीर्ति स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और कुमारी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और गीता स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और गौरी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और चंदा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और चित्रा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और ज्योति स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और ज्योत्स्ना स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और तनु स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और तारा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और तारा_देवी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और दीपा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और दीप्ति स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और देवी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और धरा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और नंदिनी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और निशा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और नीला स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और नेहा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और पुष्पा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और पूजा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और पूनम स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और प्रतिभा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और प्रभा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और प्रिया स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और प्रीति स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और मंजरी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और माया स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और माला स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और मीरा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और मुक्ता स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और रचना स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और रानी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और रूपा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और रेखा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और रेणु स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और लेखा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और वंदना स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और वाणी स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और शीतल स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और सीमा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और सुधा स्वरूपा
अर्थ: इच्छा, चाह और सृष्टि स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और अर्चन स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और आरती स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और आशा स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और उमा स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और करुणा स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और कविता स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और कांति स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और किरण स्वरूपा
अर्थ: चिह्नित, विशिष्ट और कीर्ति स्वरूपा
सनातन धर्म के १६ संस्कारों में 'नामकरण संस्कार' पंचम संस्कार है। यह शिशु के जन्म के १० दिन बाद (११वें या १२वें दिन) सूतक निवृत्ति के उपरांत संपन्न किया जाता है। नाम केवल लौकिक पहचान नहीं है, अपितु यह जीवन भर गूंजने वाली एक सकारात्मक ध्वनि तरंग (Phonetic Vibration) है।
जन्म नक्षत्र के चरण के अनुसार निर्धारित वर्णमाला के अक्षर पर रखा जाने वाला मुख्य ज्योतिषीय नाम।
कुलदेवता, इष्टदेव या माता दुर्गा, भगवान शिव, नारायण के पावन नामों पर आधारित नाम।
जन्म के हिन्दू मास (चैत्र, वैशाख, आदि) के अधिष्ठाता देवता के नाम पर आधारित नाम।
केवल माता-पिता और कुलगुरु को ज्ञात अत्यंत गोपनीय नाम, जो धार्मिक अनुष्ठानों व नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा हेतु प्रयुक्त होता है।