सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण संग्रह 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह

समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की प्रसिद्ध आरतियाँ, नित्य पूजा विधि, राग-ताल, भावार्थ एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रामाणिक संकलन।

विज्ञापन / ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजक संदेश · ज्ञान एवं आध्यात्मिकता को समर्पित डिजिटल मंच

आरती का शास्त्रीय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, अनुष्ठान या दैनिक संध्या वंदन की पूर्णता आरती से होती है। आरती शब्द संस्कृत के 'आर्त्रिका' से बना है, जिसका भावार्थ है 'विपत्तियों का नाश करने वाला पावन मंगल गान'।

आरती की थाली में प्रज्वलित दीपक ईश्वर के दिव्य तेज और प्रकाश का प्रतीक है। जब हम थाली को भगवान के विग्रह के समक्ष श्रद्धापूर्वक घुमाते हैं, तो यह हमारे सांसारिक अहंकार के विसर्जन और परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाता है।

पावन आरतियाँ संग्रह (222)

20 आरतियाँ प्रदर्शित
अ
श्री अम्बे
1,625 पाठ

जय अम्बे गौरी आरती (Jai Ambe Gauri Aarti) – Lyrics in Hindi

माँ दुर्गा की अत्यंत लोकप्रिय और पवित्र 'जय अम्बे गौरी' आरती के संपूर्ण बोल हिंदी एवं अंग्रेजी में पढ़ें। यह आरती माँ शक्ति की आराधना और उनके भक्तों के लिए विशेष रूप से प्रस्तुत की गई है।

द
श्री दुर्गा
974 पाठ

जय माता दी आरती (Jai Mata Di Aarti) – Lyrics in Hindi | Ambe Tu Hai Jagdambe

पढ़ें प्रसिद्ध जय माता दी आरती 'अम्बे तू है जगदम्बे' के संपूर्ण बोल हिंदी में। माँ दुर्गा की भक्ति और शक्ति से परिपूर्ण यह आरती आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाए।

ग
श्री गणेश
911 पाठ

जय गणेश जय गणेश देवा आरती (Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Aarti) – Lyrics in Hindi

जय गणेश जय गणेश देवा आरती के बोल हिंदी में पढ़ें। भगवान गणेश की यह प्रसिद्ध आरती संकट मोचन और मंगलकारी मानी जाती है। संदर्भ एवं व्याख्या सहित संपूर्ण पाठ यहाँ देखें।

श
श्री शेरावाली माता
651 पाठ

शेरावाली माता आरती (Sheranwali Mata Aarti) – Lyrics in Hindi

जय शेरावाली माता आरती हिंदी लिरिक्स पढ़ें। माँ दुर्गा के स्वरूप सिंह वाहिनी की यह पावन आरती भक्तों को शक्ति, रक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है। संदर्भ एवं व्याख्या सहित संपूर्ण पाठ यहाँ देखें।

व
श्री विष्णु
499 पाठ

ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare Aarti) – Lyrics in Hindi

भगवान विष्णु की अत्यंत लोकप्रिय आरती 'ॐ जय जगदीश हरे' के संपूर्ण बोल हिंदी में पढ़ें। यह आरती सनातन परंपरा में प्रतिदिन संध्या समय मुख्य रूप से गायी जाती है, जिससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

श
श्री शिव
482 पाठ

ॐ जय शिव ओंकारा आरती (Om Jai Shiv Omkara Aarti) – Lyrics in Hindi

पढिए प्रसिद्ध शिव आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' हिंदी लिरिक्स और अर्थ के साथ। भगवान शिव की कृपा प्राप्ति के लिए यह आरती अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

द
श्री दुर्गा
356 पाठ

जगदम्बा आरती (Jagadamba Aarti) – Lyrics in Hindi

प्रसिद्ध जगदम्बा आरती के पावन बोल हिंदी में पढ़ें। माँ दुर्गा की आराधना से जुड़े इस भक्तिमय पाठ से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अ
श्री अम्बे गौरी
281 पाठ

ॐ जय अम्बे गौरी आरती (Om Jai Ambe Gauri Aarti) – Lyrics in Hindi

माँ दुर्गा की अत्यंत लोकप्रिय ॐ जय अम्बे गौरी आरती हिंदी लिरिक्स और संदर्भ सहित व्याख्या पढ़ें। शक्ति स्वरूपा माँ अम्बे की आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि और रक्षा की प्राप्ति होती है।

आ
श्री आदि शक्ति
266 पाठ

जय आदि शक्ति माता आरती (Jai Adi Shakti Aarti) – Lyrics in Hindi

जय आदि शक्ति माता की पावन आरती हिंदी लिरिक्स के साथ पढ़ें। माँ आदिशक्ति की यह आरती सृजन, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है, जिसे पढ़ने से मन को शांति मिलती है।

आ
श्री आदि शक्ति
223 पाठ

आदि शक्ति आरती (Adi Shakti Aarti) – ॐ जय अम्बे गौरी | Lyrics in Hindi

पढ़ें माँ दुर्गा की प्रसिद्ध आदि शक्ति आरती 'ॐ जय अम्बे गौरी' हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित। यह पावन आरती माता की कृपा प्राप्ति और दैनिक पूजा के लिए अत्यंत फलदायी है।

भ
श्री भगवान बद्रीनाथ (भगवान विष्णु)
145 पाठ

श्री बद्रीनाथ जी की आरती - ॐ जय बद्री भगवान, स्वामी जय बद्री भगवान सम्पूर्ण बोल एवं भावार्थ

भगवान श्री बद्रीनाथ जी के पावन धाम की दिव्य आरती 'ॐ जय बद्री भगवान' के सम्पूर्ण बोल और गूढ़ भावार्थ पढ़ें। जानिए इस अलौकिक आरती का पाठ करने से मिलने वाले धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ।

श
श्री श्री राधा रानी
127 पाठ

श्री राधा रानी की आरती - ॐ जय श्री राधेश्याम, आरती श्री वृषभानु लली की

भक्तलोक के इस पवित्र गाइड में पढ़ें श्री राधा रानी की आरती के संपूर्ण बोल, उनका विस्तृत भावार्थ, नियम, सामग्री और अलौकिक आध्यात्मिक महत्व।

ह
श्री हनुमान जी
121 पाठ

श्री हनुमान लला की आरती - आरती कीजै हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की सम्पूर्ण बोल व भावार्थ

हनुमान जी की यह आरती स्वामी रामानंद द्वारा रचित है, जो भक्त के संकटों का नाश करने वाली और प्रभु श्री राम की कृपा प्राप्त कराने वाली है।

ह
श्री हनुमान जी
112 पाठ

श्री हनुमान लला की आरती - आरती कीजै हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की सम्पूर्ण बोल व भावार्थ

श्री हनुमान लला की दिव्य आरती 'आरती कीजै हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की' के संपूर्ण बोल, विस्तृत हिंदी भावार्थ, और शास्त्रीय पूजन विधि का पावन संकलन।

भ
श्री भगवान कुबेर
101 पाठ

श्री कुबेर जी की आरती - ॐ जय कुबेर हरे स्वामी जय कुबेर हरे, धन धान्य भंडारी कृपा करो मेरे

भगवान कुबेर धन के देवता और यक्षराज हैं। श्री कुबेर जी की आरती के सस्वर पाठ से घर में सुख, समृद्धि, वैभव और अपार धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

म
श्री माँ विंध्येश्वरी
100 पाठ

श्री विंध्येश्वरी जी की आरती - जय विंध्यचरे वासिनी माता संपूर्ण बोल एवं भावार्थ

माँ विंध्येश्वरी की पावन आरती के संपूर्ण बोल और भावार्थ पढ़ें। विंध्याचल धाम में विराजमान आदि शक्ति जगदम्बा की यह दिव्य आरती भक्तों के समस्त संतापों को दूर कर सुख-शांति प्रदान करती है।

भ
श्री भगवान चित्रगुप्त
96 पाठ

श्री चित्रगुप्त जी की आरती - ॐ जय चित्रगुप्त प्रभु जय चित्रगुप्त, कर्म हिसाब किताब लिखने वाले स्वामी

भगवान चित्रगुप्त जी की संपूर्ण आरती, अर्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत विवरण भक्तीलोक पर पढ़ें।

म
श्री माता गंगा
85 पाठ

श्री गंगा जी की आरती - ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता (संपूर्ण बोल एवं भावार्थ)

श्री गंगा जी की प्रसिद्ध आरती 'ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पौराणिक महत्व और पूजा की विधि को विस्तार से जानें।

भ
श्री भगवान दत्तात्रेय
82 पाठ

श्री दत्तात्रेय जी की आरती - ॐ जय दिगंबरा स्वामी जय दिगंबरा संपूर्ण बोल एवं भावार्थ

सनातन धर्म में भगवान दत्तात्रेय त्रिमूर्ति—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—के साक्षात स्वरूप हैं। 'ॐ जय दिगंबरा स्वामी जय दिगंबरा' आरती के संपूर्ण बोल, गूढ़ भावार्थ और पूजन विधि पढ़ें।

कुल 222 आरतियों में से 20 प्रदर्शित

आरती करने की सही शास्त्रीय विधि (Aarati Vidhi)

शास्त्र 'हरिभक्ति विलास' के अनुसार, भगवान के विग्रह के समक्ष आरती की थाली को निश्चित क्रम एवं संख्या में घुमाना चाहिए:

१

चरणों की ४ बार आरती

थाली को भगवान के दोनों पावन चरणों के समक्ष ४ बार चक्राकार घुमाएं।

२

नाभि मण्डल की २ बार आरती

भगवान की नाभि की दिशा में २ बार घुमाएं (सृष्टि के केंद्र को नमन)।

३

मुखारविंद की १ बार आरती

भगवान के करुणामय मुख के समक्ष १ बार घुमाकर सौम्य स्वरूप का दर्शन करें।

४

सम्पूर्ण विग्रह की ७ बार आरती

मस्तक से लेकर चरणों तक सम्पूर्ण दिव्य स्वरूप के चारों ओर ७ बार चक्राकार घुमाएं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं प्रमुख आध्यात्मिक लाभ

वैज्ञानिक आधार

भीमसेनी कपूर व गाय के शुद्ध घी के जलने से निकलने वाले सूक्ष्म तत्व वातावरण के हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करते हैं। पीतल व तांबे की घंटियों की गुंजन मस्तिष्क में अल्फा तरंगें उत्पन्न कर शांति लाती है।

आरती पाठ के लाभ

गृह में सकारात्मक ऊर्जा का संचार, मानसिक एकाग्रता, भय एवं अवसाद का नाश, तथा पूजा में हुई किसी भी अनजानी त्रुटि का निवारण होता है।

आरती से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।

आरती करने के बाद थाली के चारों ओर जल घुमाकर आचमन किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से आरती की पावन अग्नि शांत होती है और भक्तों को उसका शीतल आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सूचना
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!