मांगलिक प्रतीक दार्शनिक विनिर्देशन
ॐ (Om / Pranava)
| १. आध्यात्मिक दार्शनिक अर्थ: | ब्रह्मांड की आदि ध्वनि व ब्रह्म का प्रतीक। |
| २. वैज्ञानिक महत्व: | 0 |
| ३. सही स्थापना स्थान (Vastu Placement): | 0 |
| विशेष प्रतीक सूत्र: 0 | |
मांगलिक प्रतीकों के ३ आवश्यक वास्तु नियम
घर में मांगलिक चिन्हों का प्रयोग करते समय ऊर्जा प्रवाह को संतुलित रखने हेतु इन नियमों का पालन करें:
घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर रोली या सिंदूर से ९ अंगुल (लगभग ६ इंच) आकार का स्वस्तिक अवश्य बनाना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जाएं मुख्य द्वार से ही लौट जाती हैं।
त्रिशूल साक्षात रक्षा का प्रतीक है। मुख्य द्वार के ऊपर पीतल या तांबे का त्रिशूल-स्वस्तिक-ॐ (त्रिशक्ति यंत्र) स्थापित करने से घर में अकाल संकट और तंत्र बाधाएं प्रवेश नहीं कर पातीं।
प्रतीक विज्ञान शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
संकेत ज्यामिति व आगम ग्रन्थ संपादन
भक्तिलोक संकेत मीमांसा पीठ (Bhaktilok Symbolology Wing)
वास्तु शास्त्र रहस्य, विश्वकर्मा प्रकाश और शारदा तिलक ग्रंथों की ज्यामितीय रेखाओं के अनुसार प्रतीक व्याख्या करने वाली विंग।
वास्तु व वैदिक कर्मकांड समीक्षा
पं. भानुप्रताप नारायण (Pt. Bhanupratap Narayan)
वरिष्ठ प्राध्यापक, वास्तु विभाग, संस्कृत गुरुकुल ऋषिकेश। ३२+ वर्षों का वैदिक प्रतीकात्मक शुद्धि व गृह वास्तु समीक्षा अनुभव।
प्रतीक सूत्र सत्यापित