१२+ पावन त्यौहार विक्रम संवत २०८४ शास्त्रसम्मत मुहूर्त व विधियां

सनातन त्यौहार एवं पर्व निर्देशिका २०२७

समस्त हिंदू व्रत, पावन पर्वों एवं उत्सवों की तिथिवार प्रामाणिक सूची, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व शास्त्रोक्त महत्व।

ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजित धार्मिक सामग्री विज्ञापन
पंचांग पर्व ४७
१४ सितम्बर २०२७, मंगलवार

पितृ पक्ष (महालय श्राद्ध) 2027: 16 दिवसीय श्राद्ध विधि, तर्पण, पिंडदान एवं पूर्वजों का आशीर्वाद

पितृ पक्ष 2027 के महावसर पर जानें 16 दिनों तक चलने वाले महालय श्राद्ध की संपूर्ण विधि, पिंडदान, तर्पण, और अपने पूर्...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
नवरात्रि उत्सव ४३
०२ अक्टूबर २०२७, शनिवार

शारदीय नवरात्रि 2027: कलश स्थापना घटस्थापना मुहूर्त, नौ देवियों की साधना, अखंड ज्योति नियम व दुर्गा सप्तशती पाठ विधि

शारदीय नवरात्रि 2027 के पावन अवसर पर जानें घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त, माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा विधि, अखंड...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख हिंदू त्योहार १२१
१५ अगस्त २०२७, रविवार

रक्षाबंधन 2027: राखी बांधने का भद्रा रहित शुभ मुहूर्त, रक्षा सूत्र संकल्प एवं भाई-बहन का प्रेम

रक्षाबंधन 2027 सनातन संस्कृति में भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा का महापर्व है। सावन पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले इ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
पंचांग पर्व ११५
०८ अगस्त २०२७, रविवार

नाग पंचमी 2027: 12 दिव्य नागों का पूजन, कालसर्प दोष शांति एवं दूध अर्पण विधि

नाग पंचमी 2027 के पावन पर्व पर भगवान शिव के आभूषण अष्ट/द्वादश नागों की पूजा का विधान है। जानिए नाग पंचमी का शुभ मुह...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
पंचांग पर्व ७२
१८ जुलाई २०२७, रविवार

गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) 2027: महर्षि वेदव्यास जयंती, गुरु पूजन विधि व दीक्षा महत्व

गुरु पूर्णिमा 2027 का संपूर्ण वैदिक गाइड। जानिए व्यास पूर्णिमा का महत्व, महर्षि वेदव्यास जयंती की कथा, गुरु पूजन की...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
एकादशी व्रत ५९
१३ जुलाई २०२७, मंगलवार

देवशयनी एकादशी 2027: चातुर्मास का आरंभ, भगवान विष्णु की योगनिद्रा एवं साधना नियम

देवशयनी एकादशी 2027 के पावन अवसर पर भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन होते हैं, जिससे च...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख हिंदू त्योहार १११
०७ जून २०२७, सोमवार

जगन्नाथ रथयात्रा 2027: पुरी धाम में महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की दिव्य रथयात्रा

वर्ष 2027 की महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा का संपूर्ण धार्मिक, पौराणिक और पंचांग आधारित विवरण। जानिए पुरी धाम के इस पाव...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
जयंती व प्राकट्य उत्सव ७४
२० अप्रैल २०२७, मंगलवार

श्री हनुमान जन्मोत्सव 2027: शुभ पूजा मुहूर्त, सिंदूर अर्पण और सुंदरकांड पाठ विधि

श्री हनुमान जन्मोत्सव 2027 के पावन पर्व पर जानिए सटीक तिथि, शुभ पूजा मुहूर्त, सिंदूर अर्पण विधि, सुंदरकांड पाठ के न...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख हिंदू त्योहार ५९
०६ अप्रैल २०२७, मंगलवार

चैत्र नवरात्रि 2027: घटस्थापना कलश मुहूर्त, मां दुर्गा के 9 स्वरूप, व्रत नियम व कन्या पूजन

चैत्र नवरात्रि 2027 के पावन पर्व पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना, घटस्थापना शुभ मुहूर्त, सटीक पूजा विधि, व्र...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख हिंदू त्योहार ७५
२२ मार्च २०२७, सोमवार

होलिका दहन एवं होली 2027: भद्रा रहित शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा

होलिका दहन और होली 2027 का संपूर्ण वैदिक गाइड। जानें भद्रा रहित शुभ मुहूर्त, होलिका पूजा की विधि, प्रह्लाद-हिरण्यकश...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख हिंदू त्योहार ६२
११ फ़रवरी २०२७, गुरुवार

वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) 2027: मां सरस्वती प्राकट्य, पीत वस्त्र, विद्यारंभ संस्कार व शुभ मुहूर्त

वसंत पंचमी 2027 के पावन पर्व पर विद्या, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना का विधान जानें। जानि...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
पंचांग पर्व ५९
०६ फ़रवरी २०२७, शनिवार

मौनी अमावस्या 2027: माघ मेला अमृत स्नान, मौन व्रत, पितृ तर्पण और दान का महात्म्य

मौनी अमावस्या हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान पर्व है। वर्ष 2027 में माघ मास के कृष्ण पक्ष की इस अमावस...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
कुल १२ / १२ त्यौहार प्रदर्शित
समस्त उपलब्ध त्यौहार प्रदर्शित हो चुके हैं।

सनातन पर्व परंपरा एवं वैदिक काल-गणना का विज्ञान

सनातन हिंदू परंपरा में प्रत्येक पर्व और त्यौहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि वे सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों और ऋतु संक्रमण के गहन खगोलीय सामंजस्य पर आधारित आध्यात्मिक विज्ञान हैं। वैदिक काल से ही हमारे ऋषियों ने मानव जीवन को प्रकृति के साथ लयबद्ध करने हेतु इन पावन पर्वों का निर्धारण किया है।

१. उदया तिथि एवं काल-व्यापिनी तिथि का शास्त्रीय नियम

धर्मसिंधु एवं निर्णयसिंधु ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में पर्वों का निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख आधारों पर होता है:

  • उदया तिथि (Udaya Tithi): जिस तिथि में सूर्योदय होता है, दिनभर सामान्यतः उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है (जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, दशहरा)।
  • काल-विशिष्ट व्यापिनी तिथि (Kala Vyapini): कुछ पर्व विशिष्ट प्रहर में मनाए जाते हैं—जैसे दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त उपरांत) में, महाशिवरात्रि का रुद्राभिषेक निशीथ काल (मध्यरात्रि) में, और करवा चौथ का पारण चंद्रोदय काल में। ऐसे में उस विशिष्ट काल में उपस्थित तिथि को ही ग्रहण किया जाता है।

२. लूनी-सोलर (Lunisolar) समन्वय और अधिकमास

सौर वर्ष ३६५.२४२ दिन का और चंद्र वर्ष ३५४.३६ दिन का होता है। प्रतिवर्ष आने वाले लगभग ११ दिनों के अंतर को संतुलित करने हेतु प्रत्येक ३२ माह १६ दिन (लगभग ३ वर्ष) में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक सामंजस्य के कारण हिंदू त्यौहार हमेशा अपनी प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार ही आते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ: यह सामग्री वैदिक पंचांग, पुराणों एवं प्रतिष्ठित सनातन धर्मग्रंथों के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा शोधपरक रूप से तैयार की गई है।
ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजित विज्ञापन