|| कान्हा कान्हा करती राधा घूमती रही बरसाने में ||
|| कान्हा कान्हा करती राधा घूमती रही बरसाने में ||
सोर्री सोर्री राधा प्यारी देर हो जा रही में,
|| कान्हा कान्हा करती ||
साची साची बोलो कान्हा कौन मेरे से प्यारा था,
सीर सागर में हर नंदी का भट भरन मैं जा रेहा सा,
हर नंदी ने बिथा लिया युगी हो गया में आ रहा है,
सोर्री सोर्री राधा प्यारी देर हो जा रही में,
साची साची बोलो कान्हा कौन मेरे से प्यारा था,
द्रोपती की लाज बचाई चीर बडावन जा रही थी,
द्रोपती ने बिथा लिया न्यू ली हो गई चली आ रही है,
|| कान्हा कान्हा करती ||
साची साची बोलो कान्हा कौन मेरे से प्यारा था,
सुदामा की झोपडी का मेहल बना नजारा था,
सुदामा ने बिठा लिया न्यू गीत हो गए आ रहे हैं,
सोर्री सोर्री राधा प्यारी देर हो जा रही में,
|| कान्हा कान्हा करती ||