गुरु नानक जयंती 2026: 15 नवंबर को प्रकाश पर्व | Guru Nanak Jayanti 2026: Prakash Parv on November 15

गुरु नानक जयंती, जिसे गुरुपर्व या प्रकाश पर्व भी कहते हैं, सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। वर्ष 2026 में गुरु नानक जयंती रविवार, 15 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन दुनिया भर के गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजते हैं, अखंड पाठ होते हैं, और विशाल लंगर का आयोजन होता है।

📅 गुरु नानक जयंती 2026: पूर्णिमा तिथि और अखंड पाठ का समय (Timings)

  • कार्तिक पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 14 नवंबर 2026, शनिवार, रात 09:15 बजे (लगभग)
  • कार्तिक पूर्णिमा तिथि समाप्त: 15 नवंबर 2026, रविवार, रात 10:30 बजे (लगभग)
  • प्रकाश पर्व: 15 नवंबर 2026 – सुबह से गुरुद्वारों में प्रभात फेरियाँ, शाम को अखंड पाठ का समापन और रात्रि जागरण।

📜 गुरु नानक देव जी की जीवनी और शिक्षाएँ (Biography & Teachings)

गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में तलवंडी (अब पाकिस्तान के ननकाना साहिब) में हुआ। बचपन से ही वे आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने "न कोई हिंदू, न कोई मुसलमान" का संदेश दिया और एक ईश्वर (इक ओंकार) की उपासना पर बल दिया। उन्होंने चार बड़ी यात्राएँ (उदासियाँ) की और लोगों को सच्चे नाम (सिमरन) का मार्ग बताया। उनकी शिक्षाएँ गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं।

🛕 गुरुपर्व की रस्में (Guruparv Rituals)

  • अखंड पाठ: गुरुपर्व से 2 दिन पहले गुरुद्वारों में अखंड पाठ (गुरु ग्रंथ साहिब का निर्बाध पाठ) शुरू हो जाता है, जो प्रकाश पर्व के दिन सुबह समाप्त होता है।
  • प्रभात फेरी: सुबह-सुबह संगतें नगर कीर्तन करते हुए गुरुद्वारे तक जाती हैं, भजन-कीर्तन गाती हैं।
  • दीवान (सभा): गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन दरबार, गुरुवाणी का पाठ, और गुरु नानक के जीवन पर प्रवचन होते हैं।
  • लंगर: सभी धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर लंगर (सामूहिक भोजन) ग्रहण करते हैं।
  • नगर कीर्तन: शाम को एक विशाल जुलूस निकलता है, जिसमें पंज प्यारे आगे चलते हैं, और सिख धर्म के ध्वज (निशान साहिब) लेकर चलते हैं।

🗺️ प्रमुख गुरुद्वारे (Major Gurudwaras)

ननकाना साहिब (पाकिस्तान)

गुरु नानक की जन्मभूमि। हालाँकि भारतीय सिख वहाँ नहीं जा सकते, लेकिन वहाँ भी गुरुपर्व मनाया जाता है।

स्वर्ण मंदिर, अमृतसर

दुनिया का सबसे प्रसिद्ध गुरुद्वारा। यहाँ गुरुपर्व पर विशेष सजावट, आतिशबाजी और दीवान होते हैं। हजारों श्रद्धालु माथा टेकते हैं।

दिल्ली (गुरुद्वारा बैसाखी, गुरुद्वारा बंगला साहिब)

यहाँ भी गुरुपर्व पर विशेष आयोजन होते हैं, लाखों श्रद्धालु लंगर में शामिल होते हैं।

हेमकुंड साहिब (उत्तराखंड)

हालाँकि यह स्थान सर्दियों में बंद रहता है, गुरुपर्व के समय यह बंद रहेगा।

🍛 लंगर के व्यंजन (Langar Dishes)

लंगर में बनने वाले मुख्य व्यंजन:

  • मक्की की रोटी और सरसों का साग (सर्दियों में खास)
  • दाल मखनी और राजमा चावल
  • छोले-पूरी
  • खीर या हलवा (मीठा प्रसाद)
  • गुड़ की चाय और मठरी

💡 गुरु नानक जयंती 2026 के लिए सुझाव (Tips for Guruparv 2026)

  1. गुरुद्वारे में दर्शन करने जा रहे हैं, तो सिर ढकना (पगड़ी या रुमाल) और जूते उतारना न भूलें।
  2. लंगर में सेवा करें – बर्तन धोना, खाना परोसना सेवा का सबसे बड़ा रूप है।
  3. गुरुवाणी का पाठ सुनें और मनन करें।
  4. घर पर भी दीपक जलाकर इस पर्व को मना सकते हैं।
  5. सिख इतिहास और गुरु नानक की शिक्षाओं के बारे में जानें।

🙏 गुरु नानक जयंती 2026 की शुभकामनाएँ

गुरु नानक देव की शिक्षाएँ हमें सच्चाई, सेवा और एकता का मार्ग दिखाती हैं।

गुरु नानक जयंती 2026 की हार्दिक बधाई! सत श्री अकाल!