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भोला देर करो ना (Bhola Der Karo Na Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan Nitin Tripathi - Bhaktilok

110 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भोला भगवान की कृपा का अवसर

भोला भोलेनाथ की इसर्तन में भक्ति के साथ आंसू बहाएं और कृपा की प्रार्थना करें।

 भोला देर करो ना (Bhola Der Karo Na Lyrics in Hindi) - मेरी बिगड़ी बनाने में भोला देर करो ना भोला देर करो ना, भोला देर करो नाभोला देर करो ना, भोला देर करो नाजब भी कोई मुसीबत आये हमने भोले तुझको पुकारा तुझपे है विश्वास हमाराभोले तू हम सबका सहाराहम भी आपके दीवाने हैं,ध्यान धरो ना भोला देर करो ना, भोला देर करो नाभोला देर करो ना, भोला देर करो नातेरे दर पे दिल मेरा बोलेमेरा नसीब भी खोल दे भोलेहम पे कृपा कब तेरी होगीएक दफा ये बोल दे भोलेआँख से आंसू बरस रहे हैं, लाज रखो ना भोला देर करो ना, भोला देर करो नाभोला देर करो ना, भोला देर करो ना

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भोला देर करो ना भजन की धुन में प्रार्थना की गहराई समायी हुई है। यह भजन भगवान शिव की ओर हमरे समर्पण और उनके प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। 'मेरी बिगड़ी बनाने में' का अर्थ है कि हम जीवन में आने वाली समस्याओं और विफलताओं से जूझ रहे हैं और सिद्धि की प्राप्ति के लिए शिव जी से सहायता मांगते हैं। जहां भगवान शिव को भोला कहा गया है, वहां दर्शाता है कि वे सरलता से भक्तों की मनोकामनाओं को सुनते और पूरा करते हैं। भक्त बार-बार 'भोला देर करो ना' कहकर उनकी कृपा के लिए प्रार्थना करता है, दर्शाता है कि हम उन पर निर्भर हैं और उन पर हमारा विश्वास अडिग है।

इस भजन का भावार्थ हमारे आध्यात्मिक और भावनात्मक अस्तित्व को जोड़ता है। 'आँख से आंसू बरस रहे हैं' पंक्ति का अर्थ है कि भक्त अपने ह्रदय की गहराइयों से प्रार्थना कर रहा है। यह दर्शाता है कि जब संकट आते हैं, तो भक्तों का ह्रदय कैसे विकल हो जाता है। 'लाज रखो ना' के साथ जोड़कर, यह प्रकट होता है कि भक्त स्वयं को इतना असहाय महसूस कर रहा है कि भगवान को याद कर रहा है। शिव जी की कृपा से ही वह अपने जीवन में सुख, शांति और संजीवनी की आशा रखता है।

भोला दर पर आने वाले भक्तों के प्रति उनकी उदारता और दया प्रकट करता है। भक्ति मार्ग में यह भाव है कि भक्त को अपने ह्रदय की गहराइयों से भगवान से कोई विशेष उपहार या कृपा की आवश्यकता होती है। शिव जी के प्रति भक्ति प्रकट करने से हम अपने अंदर की नकारात्मकता को दूर करते हैं और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होते हैं। यह भजन भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है, जहां भक्त अपनी आत्मा की गहराई से भगवान शिव से जुड़ता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्त्व हिंदू धर्म में भगवान शिव को प्रदर्शित करने में है, जो दयालुता और करुणा के प्रतीक हैं। शिव पुराण, भागवत पुराण और महाभारत में भक्तों की सहायता करने के लिए भगवान शिव की कथा ओझल नहीं होती। वे संकट में अपने भक्तों की सुने उनकी बिगड़ी बना देते हैं। यह प्रार्थना उनकी करुणा और अनुग्रह की मांग करती है और यही इसकी पौराणिक महत्ता है।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति और संकट के समय में धैर्य की अनुभूति हो सकती है। यह कष्ट और दुश्वारियों को दूर करने में सहायता करता है और भक्तों को शिव जी के प्रति और अधिक विश्वास जगाता है। सहभागिता के इस माध्यम से श्रद्धालु अपने जीवन में सकारात्मकता लेकर आता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भोला देर करो ना भजन को प्रतिदिन सुबह सूर्योदय के समय या शाम को अंधेरा होने पर गाया जा सकता है। इसे गाते समय एक दीया जलाना और भगवान शिव की तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठकर ध्यान लगाना चाहिए। शांत मन और समर्पित भाव से इसे गाने से इसका प्रभाव अधिकतम होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भोला देर करो ना भजन का अर्थ क्या है?

यह भजन भगवान शिव से कृपा और सहायता की प्रार्थना है, जिसमें भक्त अपने जीवन की समस्याओं से मुक्ति हेतु भगवान की ओर रुख करता है।

इस भजन को किस समय गाना सर्वोत्तम है?

यह भजन सुबह या शाम के समय गाना सर्वोत्तम होता है, जिससे आपका मन शांति से भरा रहे और शिव जी की कृपा की प्राप्ति होती रहे।

इस भजन का प्रभाव क्या होता है?

इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति, और विश्वास में वृद्धि होती है। यह संकट का सामना करने की क्षमता को बढ़ाता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 31 Aug 2026

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