🙏 श्री राम तुम्हारे चरणों में – मैं शीश झुकाने आया हूँ (भाग - 2)
(Shri Ram Tumhare Charanon Mein – Main Sheesh Jhukane Aaya Hoon Part 2) – प्रकाश गाँधी राम भजन
📝 भजन विवरण
📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
मैं जन्म-जन्म का पापी हूँ,
प्रभु दाग धुलाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
पत्थर सी अहिल्या तारी थी,
शबरी के झूठे बेर चखे।
मुझ पापी अधम की बारी है,
ये याद दिलाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
केवट की नैया पार करी,
जटायु को निज धाम दिया।
मैं डूब रहा भवसागर में,
पतवार थमाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
सौंपि थी खड़ाऊँ भरत जी को,
और अपना सारा राज दिया।
मैं अपने मन के आँगन में,
प्रभु तुम्हें बिठाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
गाता है गांधी भाव यही,
श्री राम सा दूजा कोई नहीं।
मैं अपने पत्थर से मन को,
भगवान पिघलाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
मैं जन्म-जन्म का पापी हूँ,
प्रभु दाग धुलाने आया हूँ।
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
🎤 गायक : प्रकाश गाँधी
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह प्रकाश गाँधी का मार्मिक राम भजन है, जो पहले भाग की तरह ही करुणा और समर्पण से भरा है। “श्री राम तुम्हारे चरणों में, मैं शीश झुकाने आया हूँ” – भक्त पुनः राम के चरणों में सिर झुकाने आया है, अपने जन्म-जन्म के पापों का दाग धुलाने।
पहले अंतरे में – भक्त राम के उन लीलाओं को याद दिलाता है जहाँ उन्होंने पत्थर सी अहिल्या को तारा और शबरी के झूठे बेर खाए। वह कहता है – अब मुझ पापी अधम की बारी है, यह याद दिलाने आया हूँ।
दूसरे अंतरे में – केवट की नैया पार की, जटायु को मोक्ष दिया। भक्त कहता है – मैं भवसागर में डूब रहा हूँ, मुझे पतवार थमाने आया हूँ (अर्थात मेरी नाव पार लगाने)।
तीसरे अंतरे में – भरत को खड़ाऊँ सौंपी और सारा राज्य दिया। भक्त कहता है – मैं अपने मन के आँगन में प्रभु को बिठाने आया हूँ।
चौथे अंतरे में – गायक प्रकाश गाँधी स्वयं कहते हैं – “श्री राम सा दूजा कोई नहीं”। वह अपने पत्थर से मन को भगवान पिघलाने आया है – अर्थात राम की कृपा से उसका कठोर हृदय भी द्रवित हो जाए।
यह भजन राम की करुणा और सबको उद्धार करने की क्षमता पर अटूट विश्वास व्यक्त करता है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व
प्रकाश गाँधी का भावपूर्ण स्वर: प्रकाश गाँधी अपने मार्मिक और भावपूर्ण राम भजनों के लिए जाने जाते हैं। यह भाग 2 पहले भाग की तरह ही लोकप्रिय है।
राम के चरित्र की महिमा: अहिल्या, शबरी, केवट, जटायु, भरत – ये सभी प्रसंग राम की दयालुता और सबको स्वीकार करने की क्षमता को दर्शाते हैं।
पत्थर पिघलाने की प्रार्थना: “अपने पत्थर से मन को भगवान पिघलाने आया हूँ” – यह पंक्ति राम की कृपा से हृदय परिवर्तन की प्रार्थना है।
💖 राम करुणा के पात्र
🎯 संदेश
राम ने अहिल्या, शबरी, केवट, जटायु, भरत सब पर कृपा की। वे दयालुता के सागर हैं। यदि हम सच्चे मन से उनकी शरण में आएँ, तो वे हमारे पत्थर-से मन को भी पिघला सकते हैं और हमारी नैया पार लगा सकते हैं।
✨ आस्था का प्रतीक
यह भजन हर उस भक्त के लिए प्रेरणा है जो अपने पापों से दबा हुआ है। राम की कृपा की एक झलक सब कुछ बदल सकती है।
🙏 जय श्री राम ।। प्रकाश गाँधी की राम भक्ति को नमन ।। श्री राम सा दूजा कोई नहीं ।।