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श्री राम तुम्हारे चरणों में मैं शीश झुकाने आया हूँ (प्रार्थना) भजन लिरिक्स | Shri Ram Tumhare Charanon Mein Main Sheesh Jhukane Aaya Hoon Prayer Bhajan Lyrics

224 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 श्री राम तुम्हारे चरणों में – मैं शीश झुकाने आया हूँ

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

(Shri Ram Tumhare Charanon Mein – Main Sheesh Jhukane Aaya Hoon) – प्रार्थना / राम भजन

🌸 मैं जन्म-जन्म का पापी हूँ – प्रभु दाग धुलाने आया हूँ – करुण प्रार्थना

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: राम भजन / प्रार्थना / शरणागति गीत
🎶 भाव: विनम्रता, पश्चाताप, समर्पण, करुणा
📍 विशेषता: भक्त की अपनी दीन-हीन स्थिति स्वीकार करते हुए श्री राम के चरणों में शीश झुकाने की प्रार्थना
📀 प्रचलन: राम भक्तों में अत्यंत प्रिय, विशेषकर आत्म-समर्पण भाव से गाया जाने वाला भजन

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।
मैं जन्म-जन्म का पापी हूँ,
प्रभु दाग धुलाने आया हूँ,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।

बजरंग सी सेवा-भाव नहीं,
और भरत सा मुझ में त्याग नहीं,
बजरंग सी सेवा-भाव नहीं,
और भरत सा मुझ में त्याग नहीं।
इस खोटे सिक्के को प्रभु जी,
मैं आज चलाने आया हूँ,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।

कुछ पुण्य कमाई पास नहीं,
बस पाप की गठरी लाया हूँ,
कुछ पुण्य कमाई पास नहीं,
बस पाप की गठरी लाया हूँ।
रो-रो कर अपने कष्टों को,
प्रभु तुम्हें सुनाने आया हूँ,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।

गंगा जल की कोई बूंद नहीं,
और पास में अमृत है ही नहीं,
गंगा जल की कोई बूंद नहीं,
और पास में अमृत है ही नहीं।
इन पापी आँखों के जल से,
तेरे चरणों को धोने आया हूँ,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।

ये गांधी मूर्ख अज्ञानी,
न जप तप योग भजन जाने,
ये गांधी मूर्ख अज्ञानी,
न जप तप योग भजन जाने।
बस अपने इन दो नैनों से,
मैं नीर बहाने आया हूँ,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,
मैं शीश झुकाने आया हूँ।

✍️ रचनाकार : लोक परम्परा / राम भक्ति गीत

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत विनम्र और करुण प्रार्थना भजन है, जिसमें भक्त श्री राम के चरणों में अपना सिर झुकाते हुए अपनी दीनता स्वीकार करता है। “श्री राम तुम्हारे चरणों में, मैं शीश झुकाने आया हूँ” – भक्त केवल शीश झुकाने आया है, कोई माँग नहीं, बस समर्पण। “मैं जन्म-जन्म का पापी हूँ, प्रभु दाग धुलाने आया हूँ” – वह अपने पापों का दाग धुलाने आया है, अर्थात क्षमा याचना करने।

पहले अंतरे में – भक्त कहता है कि उसमें हनुमान जैसा सेवा-भाव नहीं है, और न ही भरत जैसा त्याग। वह स्वयं को “खोटा सिक्का” बताता है, फिर भी प्रभु से प्रार्थना करता है कि इस खोटे सिक्के को चला लो (स्वीकार कर लो)।

दूसरे अंतरे में – उसके पास कोई पुण्य कमाई नहीं, केवल पापों की गठरी है। वह रो-रोकर अपने कष्ट सुनाने आया है।

तीसरे अंतरे में – उसके पास गंगाजल की एक बूंद भी नहीं, न ही अमृत। वह अपनी पापी आँखों के आँसुओं से राम के चरण धोने आया है। यह अत्यंत मार्मिक भाव है – आँसू ही उसका अर्पण है।

चौथे अंतरे में – “गांधी” शब्द संभवतः भक्त का नाम है (गांधी परिवार से संबंधित या उपनाम)। वह स्वयं को मूर्ख, अज्ञानी कहता है, जो जप, तप, योग, भजन कुछ नहीं जानता। बस अपनी दो आँखों से आँसू बहाने आया है।

यह भजन सिखाता है कि सच्ची भक्ति के लिए न तो पुण्य चाहिए, न तप, न ज्ञान – बस विनम्र हृदय और आँसुओं की भेंट ही पर्याप्त है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

खोटा सिक्का स्वीकार करने की प्रार्थना: भक्त स्वयं को खोटा सिक्का कहता है, फिर भी प्रार्थना करता है कि प्रभु उसे स्वीकार कर लें। यह अत्यंत विनम्रता का भाव है।

आँसुओं से चरण धोने का भाव: “इन पापी आँखों के जल से तेरे चरणों को धोने आया हूँ” – यह मीरा और तुलसीदास की परम्परा में आता है, जहाँ आँसू ही सबसे शुद्ध अर्पण है।

बिना साधन के शरणागति: यह भजन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो लगता है कि उनके पास कोई साधन, पुण्य या योग्यता नहीं है। राम की शरण में आने के लिए केवल सच्चा मन चाहिए।

💖 विनम्रता और शरणागति का भाव

🎯 संदेश

श्री राम के चरणों में सिर झुकाने के लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं। पापी हो या पुण्यात्मा, बस सच्चे मन से शरण में आना ही सबसे बड़ा धर्म है। राम दाग धुला देते हैं, आँसू स्वीकार करते हैं।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन लाखों राम भक्तों के हृदय की आवाज़ है। “शीश झुकाने आया हूँ” का सरल भाव ही सच्ची आस्था को दर्शाता है।

🙏 जय श्री राम ।। श्री राम तुम्हारे चरणों में मैं शीश झुकाने आया हूँ ।।

॥ इति राम प्रार्थना भजनम् ॥
॥ मैं जन्म-जन्म का पापी हूँ – प्रभु दाग धुलाने आया हूँ – इन पापी आँखों के जल से तेरे चरणों को धोने आया हूँ ॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "श्री राम तुम्हारे चरणों में मैं शीश झुकाने आया हूँ (प्रार्थना) भजन लिरिक्स | Shri Ram Tumhare Charanon Mein Main Sheesh Jhukane Aaya Hoon Prayer Bhajan Lyrics" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ and अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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