सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

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श्री श्री सत्यनारायण भगवान
10 पाठ

श्री सत्यनारायण भगवान की पावन आरती - जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री सत्यनारायण भगवान की आरती 'जय लक्ष्मी रमणा' सनातन धर्म में अत्यंत लोकप्रिय और कल्याणकारी है। इस पावन लेख में पढ़ें आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

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श्री श्री बाल गोपाल
10 पाठ

श्री बालगोपाल भगवान की पावन आरती - यशोदा नंदन गोपाल, तेरी आरती गाऊं: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री बालगोपाल भगवान की पावन आरती, यशोदा नंदन गोपाल के संपूर्ण बोल, अर्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व का संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री श्री राहु एवं केतु देव
10 पाठ

श्री राहु एवं केतु देव की आरती - ॐ जय राहवे केतवे नमः: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राहु एवं केतु देव की संपूर्ण आरती, भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व। जानें कैसे शांत करें छाया ग्रह राहु और केतु को।

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श्री माँ शीतला
10 पाठ

श्री शीतला माता की आरती - ॐ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री शीतला माता की आरती (ॐ जय शीतला माता) के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व को जानें Bhaktilok.in पर।

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श्री माँ अन्नपूर्णा
10 पाठ

श्री अन्नपूर्णा माता की आरती - ॐ जय अन्नपूर्णा माता, मैया जय अन्नपूर्णा माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ अन्नपूर्णा जगत को जीवन और पोषण देने वाली साक्षात जगदम्बा हैं। श्री अन्नपूर्णा माता की आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और पूजा विधि यहाँ पढ़ें।

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श्री भगवान धन्वंतरि
10 पाठ

श्री धन्वंतरि भगवान की आरती - ॐ जय धन्वंतरि देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं आरोग्य प्राप्ति विधि

सनातन धर्म में आरोग्य एवं आयुर्वेद के आदि देव भगवान धन्वंतरि की पावन आरती 'ॐ जय धन्वंतरि देवा' के प्रामाणिक बोल, विस्तृत भावार्थ, पौराणिक पृष्ठभूमि तथा आरोग्य दायिनी पूजन विधि का संपूर्ण संग्रह।

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श्री राणी सती दादी
10 पाठ

माता राणी सती जी की आरती: संपूर्ण बोल, पूजा विधि और इतिहास

भक्तिलोक के इस विस्तृत गाइड में जानिए राजस्थान की कुलदेवी माता राणी सती दादी जी की संपूर्ण आरती, इसके गहरे आध्यात्मिक भावार्थ, पूजा विधि और प्रामाणिक इतिहास।

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श्री श्री सूर्य देव
9 पाठ

श्री भगवान सूर्य नारायण की पावन आरती - जय कश्यप नंदन, प्रभु जय श्लोक वंदन: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन धर्म में प्रत्यक्ष देवता श्री सूर्य नारायण की आराधना का विशेष महत्व है। प्रस्तुत है सूर्य देव की पावन आरती, संपूर्ण बोल, सरल भावार्थ और सटीक पूजा विधि।

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श्री माँ दधिमती
9 पाठ

श्री दधिमती माता की आरती - जय दधिमती माता, मैया जय दधिमती माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ दधिमती की पावन आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि, नियम और धार्मिक महत्व का संपूर्ण दिग्दर्शन।

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श्री सालासर बालाजी
9 पाठ

श्री सालासर बालाजी की आरती - आरती बाल कृष्ण की कीजै सालासर में विराजे बालाजी महाराज

श्री सालासर बालाजी की आरती 'आरती बाल कृष्ण की कीजै' कलयुग के जाग्रत देव हनुमान जी के सालासर धाम की महिमा का गुणगान करती है। यहाँ जानिए इसके सम्पूर्ण बोल, अर्थ और विधान।

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श्री भगवान श्री राम
9 पाठ

भगवान श्री राम जी की आरती - श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं सम्पूर्ण तुलसीदास पद

महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन स्तुति और आरती का सम्पूर्ण पाठ, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व पढ़ें। यह स्तोत्र भक्तों को भगवान श्री राम के चरणों में शरणागत होने की प्रेरणा देता है।

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श्री भगवान जगन्नाथ
8 पाठ

श्री जगन्नाथ भगवान की पावन आरती - आरती श्री जगन्नाथ जी की, जय जगन्नाथ स्वामी: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान जगन्नाथ, जो ब्रह्मांड के स्वामी हैं, उनकी आरती न केवल एक स्तुति है बल्कि मोक्ष का द्वार है। इस लेख में आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ और शास्त्रीय विधि का विस्तृत वर्णन है।

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श्री श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज
8 पाठ

श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की पावन आरती - आरती ज्ञानेश्वर माउली, योगियांची माउली: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की पावन आरती 'आरती ज्ञानेश्वर माउली, योगियांची माउली' के संपूर्ण बोल, सरल हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री श्री कृष्ण
8 पाठ

श्री कुंज बिहारी जी की पावन आरती - आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरिधारी की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री कुंज बिहारी जी की पावन आरती 'आरती कुंज बिहारी की' भगवान श्री कृष्ण को समर्पित अत्यंत मधुर एवं पवित्र आरती है। इसके संपूर्ण बोल, भावार्थ, और पूजा विधि यहाँ पढ़ें।

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श्री माँ गायत्री
8 पाठ

श्री गायत्री माता की आरती - जय गायत्री माता, मैया जय गायत्री माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ गायत्री वेदों की माता और जगत जननी हैं। श्री गायत्री माता की आरती के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और इसके अलौकिक आध्यात्मिक महत्व को यहाँ पढ़ें।

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श्री भगवान भुवनेश्वर
8 पाठ

श्री भुवनेश्वर भगवान की विशेष आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा, स्वामी जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान भुवनेश्वर त्रिलोक के स्वामी और संपूर्ण ब्रह्मांड के संरक्षक हैं। उनकी यह विशेष आरती 'ॐ जय भुवनेश्वर देवा' भक्तों के जीवन के सभी कष्टों को हरने वाली और मोक्ष प्रदान करने वाली है।

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श्री माँ पार्वती
8 पाठ

श्री सौभाग्यासुंदर माता की आरती - जय सौभाग्यासुंदर माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ पार्वती के सौभाग्यासुंदर स्वरूप की उपासना और आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, नियम और आध्यात्मिक लाभ Bhaktilok.in पर पढ़ें।

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श्री माँ कामाख्या (शक्तिपीठ)
8 पाठ

श्री कामाख्या माता की आरती - जय देवी कामाख्या: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ कामाख्या शक्तिपीठ की पावन आरती, संपूर्ण बोल, सरल हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत मार्गदर्शिका।

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श्री माँ बगलामुखी (पीताम्बरा देवी)
8 पाठ

श्री बगलामुखी माता की आरती - ॐ जय बगलामुखी माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

दश महाविद्याओं में अष्टम महाविद्या माँ बगलामुखी (पीताम्बरा देवी) की पावन आरती, गूढ़ आध्यात्मिक भावार्थ, तांत्रिक-वैदिक पूजन विधि तथा शत्रु-विघ्न निवारक चमत्कारी लाभों का समग्र संकलन।

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श्री श्री अर्धनारीश्वर
8 पाठ

श्री अर्धनारीश्वर जी की आरती: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन संस्कृति में शिव और शक्ति का मिलन ही संपूर्ण सृष्टि का आधार है। श्री अर्धनारीश्वर जी की यह पावन आरती साधक को परम चेतना और द्वैत भाव से मुक्ति का मार्ग दिखाती है।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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