सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

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श्री श्री झूलेलाल
8 पाठ

श्री झूलेलाल जी की आरती: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं चेटीचंड विशेष

श्री झूलेलाल जी की प्रामाणिक आरती, संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और चेटीचंड पर्व के विशेष अनुष्ठान की पावन मार्गदर्शिका।

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श्री श्री चित्रगुप्त महाराज
7 पाठ

श्री चित्रगुप्त महाराज की पावन आरती - ॐ जय चित्रगुप्त देवा, स्वामी जय चित्रगुप्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री चित्रगुप्त महाराज की पावन आरती का संपूर्ण संग्रह। यहाँ जानें चित्रगुप्त जी की पूजा विधि, आरती के बोल, उनका पौराणिक महत्व और जीवन में उनके स्मरण के लाभ।

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श्री श्री कृष्ण
7 पाठ

श्री कुंज बिहारी जी की पावन आरती - आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री कुंज बिहारी जी की पावन आरती भगवान कृष्ण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस लेख में आरती के बोल, भावार्थ और पूजा की संपूर्ण विधि का वर्णन है।

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श्री भगवान धन्वंतरि
7 पाठ

श्री धन्वंतरि भगवान की पावन आरती - ॐ जय धन्वंतरि देवा, स्वामी जय धन्वंतरि देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान धन्वंतरि आरोग्य के देवता हैं। उनकी आरती करने से शारीरिक और मानसिक रोगों का नाश होता है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण आरती, भावार्थ और पूजा विधि।

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श्री भगवान नरसिंह
7 पाठ

श्री नरसिंह भगवान की पावन आरती - ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान नरसिंह की आरती का संपूर्ण विवरण, जिसमें स्तुति, भावार्थ, पूजा विधि और उनके उग्र एवं सौम्य स्वरूप का आध्यात्मिक महत्व समाहित है।

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श्री माँ गायत्री
7 पाठ

श्री गायत्री माता की पावन आरती - जय गायत्री माता, मैया जय गायत्री माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ गायत्री वेदों की माता, भारतीय संस्कृति की प्राण और सभी शक्तियों की आधार हैं। श्री गायत्री माता की पावन आरती 'जय गायत्री माता' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि यहाँ पढ़ें।

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श्री श्री साईं बाबा
7 पाठ

श्री साईं बाबा की पावनआरती - आरती श्री साईं गुरुवर की, सबका मालिक एक हमारा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री साईं बाबा की प्रसिद्ध आरती 'आरती श्री साईं गुरुवर की' के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके अलौकिक आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी।

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श्री भगवान यमराज
7 पाठ

श्री यमराज भगवान की पावन आरती - ॐ जय यमराज देवा, स्वामी जय यमराज देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

धर्मराज यम न्याय के देवता हैं। उनकी पावन आरती करने से अकाल मृत्यु का भय मिटता है और जीवन में धर्म का मार्ग प्रशस्त होता है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण आरती और पूजा विधि।

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श्री भगवान बद्रीनाथ
7 पाठ

श्री बद्रीनाथ जी कीआरती - ॐ जय बद्री विशाल, स्वामी जय बद्री विशाल: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान बद्रीनाथ की पावन आरती 'ॐ जय बद्री विशाल' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत विवरण।

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श्री भगवान नरसिंह
7 पाठ

श्री नरसिंह भगवान की आरती - ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान नरसिंह भगवान विष्णु के अत्यंत प्रतापी और उग्र चतुर्थ अवतार हैं। 'ॐ जय नरसिंह हरे' आरती के गायन से भक्तों के सभी भय और संकट दूर होते हैं।

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श्री श्री खाटूश्याम जी
7 पाठ

श्री खाटूश्याम जी की आरती - ओम जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तिलोक के इस विस्तृत गाइड में श्री खाटूश्याम जी की प्रसिद्ध आरती 'ओम जय श्री श्याम हरे' के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि, और इसके आध्यात्मिक महत्व का पूर्ण वर्णन पढ़ें।

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श्री श्री साई बाबा
7 पाठ

श्री साई बाबा की आरती - आरती श्री साई गुरुवर की, सब घट बासी दीन दयाला: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री साई बाबा की परम पावन आरती 'आरती श्री साई गुरुवर की' के संपूर्ण बोल, गहन भावार्थ, विधि-विधान और इसके आध्यात्मिक लाभों की संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री माँ यमुना
7 पाठ

श्री यमुना माता की आरती - ॐ जय यमुना माता, मैया जय यमुना माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री यमुना माता की पावन आरती (ॐ जय यमुना माता) के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व को जानें।

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श्री भगवान सूर्य
7 पाठ

श्री सूर्य देव की आरती - जय कश्यप नंदन, प्रभू जय कश्यप नंदन: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन संस्कृति में भगवान सूर्य को साक्षात दृश्य देवता माना गया है। 'जय कश्यप नंदन' सूर्य आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ, और विधि विधान के साथ पढ़ें।

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श्री श्री चित्रगुप्त जी
7 पाठ

श्री चित्रगुप्त भगवान की आरती - ॐ जय चित्रगुप्त भगवान: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री चित्रगुप्त भगवान की संपूर्ण आरती, इसके गहरे दार्शनिक भावार्थ, पूजा की सही विधि और आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से जानें।

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श्री बाबा रामदेव जी
7 पाठ

श्री रामदेव जी की आरती - ॐ जय श्री रामदेव पीर, स्वामी जय श्री रामदेव पीर: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

रुणिचाधनी बाबा रामदेव जी की लोकप्रिय आरती 'ॐ जय श्री रामदेव पीर' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और इसके धार्मिक महत्व को जानें।

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श्री भगवान वराह
7 पाठ

श्री वराह भगवान की आरती - ॐ जय वराह देवा, स्वामी जय वराह देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के तीसरे अवतार श्री वराह भगवान की संपूर्ण आरती, इसके गहरे दार्शनिक भावार्थ, धार्मिक महत्व और सही पूजा विधि की विस्तृत मार्गदर्शिका।

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श्री काल भैरव
7 पाठ

काल भैरव जी की आरती - जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा जय काली और गौरा देवी कृत सेवा

सनातन धर्म में भगवान काल भैरव को न्याय का अधिष्ठाता और भय का नाश करने वाला माना जाता है। संदर्भ एवं व्याख्या सहित काल भैरव जी की आरती और इसके महिमा की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।

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श्री गंगा मैया
7 पाठ

माता गंगा जी की आरती - ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता

सनातन संस्कृति में माता गंगा केवल एक नदी नहीं, अपितु मोक्षदायिनी, पापहारिणी और साक्षात लोक-कल्याणकारी भगवती हैं। पढ़िए संपूर्ण गंगा आरती और उसका विस्तृत भावार्थ।

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श्री सूर्य देव
7 पाठ

सूर्य देव जी की आरती - जय कश्यप नंदन ॐ जय अदिति नंदन त्रिभुवन तिमिर निकंदन भक्त हृदय चंदन

सनातन संस्कृति में भगवान सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। 'जय कश्यप नंदन ॐ जय अदिति नंदन' सूर्य देव की यह आरती साधक के भीतर ओज, तेज और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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