सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

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श्री श्री दत्तात्रेय भगवान
14 पाठ

श्री दत्तात्रेय भगवान की आरती - ॐ जय गुरु दत्ता, स्वामी जय गुरु दत्ता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री दत्तात्रेय भगवान की अत्यंत लोकप्रिय आरती 'ॐ जय गुरु दत्ता, स्वामी जय गुरु दत्ता' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री भगवान विष्णु (हयग्रीव अवतार)
14 पाठ

श्री हयग्रीव भगवान की आरती: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं ज्ञान प्राप्ति की विधि

विद्या, बुद्धि और ज्ञान के अधिष्ठाता भगवान हयग्रीव की आरती का संपूर्ण मार्गदर्शक। जानें विधि, महत्व और फलश्रुति।

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श्री श्री शीतला माता
14 पाठ

श्री शीतला माता आरती: संपूर्ण बोल, विधि और आरोग्य प्राप्ति के मंत्र

सनातन हिंदू धर्म में मां शीतला को भगवती दुर्गा का साक्षात स्वरूप माना गया है। संक्रामक रोगों की अधिष्ठात्री माता शीतला की यह दिव्य आरती जन-कल्याण और आरोग्य प्राप्ति के लिए संदर्भ एवं व्याख्या सहित प्रस्तुत है।

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श्री श्री शालिग्राम भगवान / भगवान विष्णु
13 पाठ

श्री शालिग्राम भगवान की आरती - ॐ जय शालिग्राम देवा, स्वामी जय शालिग्राम देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री शालिग्राम भगवान की संपूर्ण आरती, सरल हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी Bhaktilok.in पर पढ़ें।

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श्री माता गायत्री
13 पाठ

श्री गायत्री माता की आरती - जयति जय गायत्री माता, संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री गायत्री माता की आरती 'जयति जय गायत्री माता' वेदों की माता और जगत जननी मां गायत्री की आराधना का सबसे उत्तम साधन है। यहां पढ़ें इसके सम्पूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि।

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श्री भगवान भुवनेश्वर (लिंगराज शिव)
13 पाठ

श्री भुवनेश्वर भगवान की आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

समस्त त्रिभुवन के स्वामी देवाधिदेव भगवान भुवनेश्वर की यह पावन आरती असीम शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली है। यहाँ पढ़ें आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और शास्त्रीय विधि।

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श्री माँ गंगा
12 पाठ

श्री गंगा मैया की पावन आरती - ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ गंगा की पावन आरती 'ॐ जय गंगे माता' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व की संपूर्ण जानकारी Bhaktilok.in पर प्राप्त करें।

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श्री माँ शीतला
12 पाठ

श्री शीतला माता की पावन आरती - जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ शीतला की पावन आरती, संपूर्ण बोल, सरल हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व का विस्तृत devotional guide।

भ
श्री भगवान शिव
12 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव जी की पावन रात्रि आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के पावन स्वरूप श्री भुवनेश्वर महादेव जी की रात्रि आरती के संपूर्ण बोल, सरल भावार्थ और विधि-विधान सहित संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी जी
12 पाठ

श्री लक्ष्मीनारायण भगवान की आरती - ॐ जय लक्ष्मीनारायण देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन धर्म में श्री लक्ष्मीनारायण की उपासना सुख, समृद्धि और वैवाहिक सौहार्द का प्रतीक है। प्रस्तुत है श्री लक्ष्मीनारायण भगवान की आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि एवं इसके आध्यात्मिक महत्व की संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री भगवान विष्णु
11 पाठ

श्री मत्स्य अवतार भगवान की पावन आरती - ॐ जय मत्स्य देवा, स्वामी जय मत्स्य देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के प्रथम मत्स्य अवतार की महिमा का गुणगान करती यह पावन आरती भक्तों को भवसागर से पार लगाने वाली है। इस लेख में मत्स्य आरती के संपूर्ण बोल, अर्थ और पूजा विधि का विस्तृत वर्णन है।

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श्री भगवान विष्णु (हंसावतार)
11 पाठ

श्री हंसावतार भगवान की पावन आरती - ॐ जय हंस देवा, स्वामी जय हंस देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के हंसावतार की दिव्य आरती, जो ज्ञान, विवेक और मोक्ष प्रदान करने वाली है। इस लेख में आरती के बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत वर्णन है।

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श्री माँ सरस्वती
11 पाठ

श्री सरस्वती माता की आरती - जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी हैं। 'जय सरस्वती माता' आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि के साथ उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

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श्री श्री काल भैरव जी
11 पाठ

श्री काल भैरव जी की आरती - ॐ जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान श्री काल भैरव के चरणों में समर्पित 'ॐ जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा' आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, नियम और पूजा विधि का यह पावन ग्रंथ पढ़ें।

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श्री माँ नर्मदा / देवी
11 पाठ

श्री नर्मदा माता की आरती - ॐ जय नर्मदा मैया: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

पावन सलिला, मोक्षदायिनी माँ नर्मदा (रेवा) की पावन आरती 'ॐ जय नर्मदा मैया' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पौराणिक पृष्ठभूमि तथा शास्त्रीय पूजा विधि का प्रामाणिक संग्रह।

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श्री भगवान विष्णु (कुर्म अवतार)
10 पाठ

श्री कुर्म अवतार भगवान की पावन आरती - ॐ जय कुर्म देवा, स्वामी जय कुर्म देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के कच्छप (कुर्म) अवतार की पावन आरती, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शिका। समुद्र मंथन के आधार स्तंभ प्रभु कुर्म की भक्ति का आनंद लें।

श
श्री श्री सुरभि माता (कामधेनु गोमाता)
10 पाठ

श्री सुरभि माता की पावन आरती - ॐ जय सुरभि माता, मैया जय सुरभि माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन संस्कृति में श्री सुरभि माता यानी कामधेनु गोमाता को जगत की जननी और सभी देवताओं का वास-स्थान माना गया है। प्रस्तुत है सुरभि माता की संपूर्ण आरती, भावार्थ और पूजा विधि।

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श्री भगवान विष्णु
10 पाठ

श्री विष्णुकान्त भगवान की पावन आरती - ॐ जय विष्णुकान्त देवा, स्वामी जय विष्णुकान्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के पावन स्वरूप 'विष्णुकान्त' की इस दिव्य आरती में संपूर्ण ब्रह्मांड के पालनहार की महिमा का गुणगान किया गया है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण बोल और भावार्थ।

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श्री भगवान विष्णु (वराह अवतार)
10 पाठ

श्री वराह भगवान की पावन आरती - ॐ जय वराह देवा, स्वामी जय वराह देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के तृतीय वराह अवतार की पावन आरती 'ॐ जय वराह देवा' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, नियम और धार्मिक महत्व का विस्तृत devotional guide।

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श्री माँ अन्नपूर्णा
10 पाठ

श्री अन्नपूर्णा माता की पावनआरती - जय अन्नपूर्णे मैया, स्वामी जय अन्नपूर्णे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ अन्नपूर्णा जगत को पोषण प्रदान करने वाली आदि शक्ति हैं। उनकी पावन आरती 'जय अन्नपूर्णे मैया' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व को जानें।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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