ॐ जय एकादशी माता (एकादशी व्रत की मंगल आरती) (विशेष संस्करण #112)
एकादशी व्रत और माँ एकादशी की महिमा का गुणगान करती यह पावन आरती साधकों को विष्णु लोक की प्राप्ति और समस्त पापों से मुक्ति दिलाती है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण आरती, अर्थ और विधान।
सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।
सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।
भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।
एकादशी व्रत और माँ एकादशी की महिमा का गुणगान करती यह पावन आरती साधकों को विष्णु लोक की प्राप्ति और समस्त पापों से मुक्ति दिलाती है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण आरती, अर्थ और विधान।
माँ संतोषी की महिमा और उनकी पवित्र आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ और अनुष्ठानिक विधि का विस्तृत मार्गदर्शिका।
भगवान शिव के त्रैलोक्य स्वामी रूप 'श्री भुवनेश्वर महादेव' की पावन आरती। यहाँ पढ़ें संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि, आवश्यक सामग्री और इसके अलौकिक आध्यात्मिक लाभ।
भगवान शिव के एक अत्यंत पावन और कल्याणकारी स्वरूप श्री भुवनेश्वर महादेव जी की सायं कालीन आरती, संपूर्ण बोल, सरल भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि के साथ पढ़ें।
श्री गंगा दशहरा के पावन अवसर पर माँ गंगा की पवित्र आरती 'ॐ जय गंगे माता' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।
भक्तलोक.इन के इस पावन आलेख में प्रस्तुत है देवाधिदेव महादेव के रौद्र रूप श्री कालभैरव की आरती, संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि।
भगवान हयग्रीव ज्ञान, विद्या और बुद्धि के साक्षात स्वरूप हैं। इस लेख में उनकी आरती, भावार्थ और पूजा की संपूर्ण विधि का विस्तृत वर्णन किया गया है।
माता गायत्री जी की अत्यंत पावन और प्रसिद्ध आरती 'जयति जय गायत्री माता' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और पूजा विधि का सम्पूर्ण विवरण।
भगवान विष्णु के पांचवें अवतार, वामन देव की पावन आरती का संपूर्ण संग्रह। इस लेख में वामन अवतार की महिमा, आरती के बोल, पूजा विधि और आध्यात्मिक लाभों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
भगवान विष्णु की अत्यंत प्रसिद्ध आरती 'ॐ जय जगदीश हरे' के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।
भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) के संयुक्त स्वरूप 'हरिहर' की इस दिव्य आरती में जगत के पालन और संहार की शक्ति समाहित है। संपूर्ण बोल और भावार्थ पढ़ें।
माता अन्नपूर्णा जगत की पालनकर्ता और पोषण की देवी हैं। यहाँ पढ़ें उनकी संपूर्ण प्रामाणिक आरती, विस्तृत भावार्थ और पूजन विधि।
भगवान विष्णु का मोहिनी अवतार जगत को मोह-माया और अमृत का रहस्य समझाने वाला है। इस पावन आरती के माध्यम से प्रभु के इस दिव्य स्वरूप की आराधना करें।
श्री विनायक चतुर्थी के पावन अवसर पर प्रस्तुत है भगवान श्री गणेश की सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध आरती 'सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शन।
माँ महाकाली की अत्यंत प्रसिद्ध और ऊर्जावान आरती 'मंगल की सेवा सुन मेरी देवा' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, नियम और पूजा विधि की विस्तृत मार्गदर्शिका।
श्री दधिमती माता की पावन आरती का संपूर्ण पाठ, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके धार्मिक महत्व का विस्तृत विवरण Bhaktilok.in पर प्राप्त करें।
ज्ञान, बुद्धि और विद्या के अधिष्ठाता भगवान हयग्रीव की पावन आरती का संपूर्ण संग्रह। जानिए विधि, महत्व और भावार्थ।
माता कामधेनु, जो समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने वाली हैं, उनकी आरती का गायन और विधि विधान से पूजन करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।
भक्तलोक के इस पावन आलेख में जानिए श्री महाकाली माता की आरती 'ॐ जय काली माता' के संपूर्ण बोल, गंभीर भावार्थ, विधि-विधान और महाकाली उपासना के आध्यात्मिक लाभ।
श्री दत्तात्रेय भगवान की अत्यंत लोकप्रिय आरती 'ॐ जय गुरु दत्ता, स्वामी जय गुरु दत्ता' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शन।
प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।