सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

पृष्ठ 6 का 12
ए
श्री एकादशी माता
18 पाठ

ॐ जय एकादशी माता (एकादशी व्रत की मंगल आरती) (विशेष संस्करण #112)

एकादशी व्रत और माँ एकादशी की महिमा का गुणगान करती यह पावन आरती साधकों को विष्णु लोक की प्राप्ति और समस्त पापों से मुक्ति दिलाती है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण आरती, अर्थ और विधान।

स
श्री संतोषी माता
18 पाठ

माता संतोषी जी की आरती - जय संतोषी माता मैया जय संतोषी माता अपने सेवक जन को सुख सम्पति दाता

माँ संतोषी की महिमा और उनकी पवित्र आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ और अनुष्ठानिक विधि का विस्तृत मार्गदर्शिका।

भ
श्री भगवान शिव
17 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव जी की पावन आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा, स्वामी जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के त्रैलोक्य स्वामी रूप 'श्री भुवनेश्वर महादेव' की पावन आरती। यहाँ पढ़ें संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि, आवश्यक सामग्री और इसके अलौकिक आध्यात्मिक लाभ।

भ
श्री भगवान शिव
17 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव जी की पावन सायं आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा, स्वामी जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के एक अत्यंत पावन और कल्याणकारी स्वरूप श्री भुवनेश्वर महादेव जी की सायं कालीन आरती, संपूर्ण बोल, सरल भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि के साथ पढ़ें।

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श्री माँ गंगा
17 पाठ

श्री गंगा दशहरा पावन आरती - ॐ जय गंगे माता, हर हर गंगे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री गंगा दशहरा के पावन अवसर पर माँ गंगा की पवित्र आरती 'ॐ जय गंगे माता' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।

श
श्री श्री कालभैरव
16 पाठ

श्री कालभैरव भगवान की पावन आरती - ॐ जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तलोक.इन के इस पावन आलेख में प्रस्तुत है देवाधिदेव महादेव के रौद्र रूप श्री कालभैरव की आरती, संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि।

भ
श्री भगवान हयग्रीव (भगवान विष्णु का अवतार)
16 पाठ

श्री हयग्रीव भगवान की आरती: ॐ जय हयग्रीव देवा, स्वामी जय हयग्रीव देवा - संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं ज्ञान प्राप्ति की विधि

भगवान हयग्रीव ज्ञान, विद्या और बुद्धि के साक्षात स्वरूप हैं। इस लेख में उनकी आरती, भावार्थ और पूजा की संपूर्ण विधि का विस्तृत वर्णन किया गया है।

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श्री माता गायत्री
16 पाठ

माता गायत्री जी की आरती - जयति जय गायत्री माता जयति जय गायत्री माता जो तुमको ध्यावे सो सुख पावे

माता गायत्री जी की अत्यंत पावन और प्रसिद्ध आरती 'जयति जय गायत्री माता' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और पूजा विधि का सम्पूर्ण विवरण।

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श्री भगवान विष्णु
15 पाठ

श्री वामन अवतार भगवान की पावन आरती - ॐ जय वामन देवा, स्वामी जय वामन देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के पांचवें अवतार, वामन देव की पावन आरती का संपूर्ण संग्रह। इस लेख में वामन अवतार की महिमा, आरती के बोल, पूजा विधि और आध्यात्मिक लाभों का विस्तृत वर्णन किया गया है।

भ
श्री भगवान विष्णु
15 पाठ

श्री विष्णु भगवान की आरती - ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु की अत्यंत प्रसिद्ध आरती 'ॐ जय जगदीश हरे' के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री भगवान हरिहर (विष्णु और शिव)
15 पाठ

श्री हरि हर संयुक्त आरती - ॐ जय हरिहर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) के संयुक्त स्वरूप 'हरिहर' की इस दिव्य आरती में जगत के पालन और संहार की शक्ति समाहित है। संपूर्ण बोल और भावार्थ पढ़ें।

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श्री माता अन्नपूर्णा
15 पाठ

श्री अन्नपूर्णा माता आरती: माता अन्नपूर्णा की संपूर्ण आरती, विधि और कृपा प्राप्ति के मंत्र

माता अन्नपूर्णा जगत की पालनकर्ता और पोषण की देवी हैं। यहाँ पढ़ें उनकी संपूर्ण प्रामाणिक आरती, विस्तृत भावार्थ और पूजन विधि।

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श्री भगवान विष्णु (मोहिनी अवतार)
14 पाठ

श्री मोहिनी अवतार भगवान की पावन आरती - ॐ जय मोहिनी देवा, स्वामी जय मोहिनी देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु का मोहिनी अवतार जगत को मोह-माया और अमृत का रहस्य समझाने वाला है। इस पावन आरती के माध्यम से प्रभु के इस दिव्य स्वरूप की आराधना करें।

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श्री श्री गणेश
14 पाठ

श्री विनायक चतुर्थी विशेष - श्री गणेश जी की पावन आरती (सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची): संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री विनायक चतुर्थी के पावन अवसर पर प्रस्तुत है भगवान श्री गणेश की सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध आरती 'सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री माँ महाकाली
14 पाठ

श्री महाकाली माता की पावन आरती - मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरी आरती गाऊं: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ महाकाली की अत्यंत प्रसिद्ध और ऊर्जावान आरती 'मंगल की सेवा सुन मेरी देवा' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, नियम और पूजा विधि की विस्तृत मार्गदर्शिका।

श
श्री श्री दधिमती माता
14 पाठ

श्री दधिमती माता की पावन आरती - जय दधिमती माता, मैया जय दधिमती माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री दधिमती माता की पावन आरती का संपूर्ण पाठ, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके धार्मिक महत्व का विस्तृत विवरण Bhaktilok.in पर प्राप्त करें।

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श्री भगवान हयग्रीव (भगवान विष्णु के अवतार)
14 पाठ

श्री हयग्रीव भगवान की पावन आरती - ॐ जय हयग्रीव देवा, स्वामी जय हयग्रीव देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

ज्ञान, बुद्धि और विद्या के अधिष्ठाता भगवान हयग्रीव की पावन आरती का संपूर्ण संग्रह। जानिए विधि, महत्व और भावार्थ।

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श्री माता कामधेनु
14 पाठ

श्री कामधेनु माता आरती: मनोकामना पूर्ति हेतु संपूर्ण विधि एवं बोल

माता कामधेनु, जो समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने वाली हैं, उनकी आरती का गायन और विधि विधान से पूजन करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

म
श्री माँ महाकाली
14 पाठ

श्री महाकाली माता की आरती - ॐ जय काली माता, मैया जय काली माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तलोक के इस पावन आलेख में जानिए श्री महाकाली माता की आरती 'ॐ जय काली माता' के संपूर्ण बोल, गंभीर भावार्थ, विधि-विधान और महाकाली उपासना के आध्यात्मिक लाभ।

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श्री श्री दत्तात्रेय भगवान
14 पाठ

श्री दत्तात्रेय भगवान की आरती - ॐ जय गुरु दत्ता, स्वामी जय गुरु दत्ता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री दत्तात्रेय भगवान की अत्यंत लोकप्रिय आरती 'ॐ जय गुरु दत्ता, स्वामी जय गुरु दत्ता' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शन।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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