सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

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श्री श्री बांके बिहारी / श्री राधा कृष्ण
25 पाठ

श्री बांके बिहारी जी की पावन आरती - आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरिधारी की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री बांके बिहारी जी की पावन आरती 'आरती कुंज बिहारी की' के संपूर्ण बोल, सरल हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री भगवान चित्रगुप्त
25 पाठ

श्री चित्रगुप्त भगवान की संध्या आरती - ॐ जय चित्रगुप्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

धर्मराज भगवान श्री चित्रगुप्त जी की संध्या आरती के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और धार्मिक महत्व का विस्तृत एवं प्रामाणिक मार्गदर्शिका।

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श्री माता तुलसी
25 पाठ

माता तुलसी जी की आरती - जय जय तुलसी माता मैया जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता वर दाता

माता तुलसी जी की आरती 'जय जय तुलसी माता' का संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ और पूजन विधि पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित प्रस्तुत यह पावन आरती तुलसी विवाह और एकादशी व्रत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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श्री माँ दुर्गा
24 पाठ

श्री दुर्गा माता की आरती - जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ दुर्गा की दिव्य आरती 'जय अम्बे गौरी' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की संपूर्ण जानकारी Bhaktilok.in पर प्राप्त करें।

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श्री श्री बटुक भैरव
22 पाठ

श्री बटुक भैरव भगवान की पावन आरती - ॐ जय बटुक भैरव देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री बटुक भैरव भगवान की पावन आरती 'ॐ जय बटुक भैरव देवा' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक लाभों का सम्पूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री श्री बटुक भैरव
22 पाठ

श्री बटुक भैरव भगवान की पावन आरती - ॐ जय बटुक देवा, स्वामी जय बटुक देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान श्री बटुक भैरव की पावन आरती 'ॐ जय बटुक देवा' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा की विधि और इसके चमत्कारी आध्यात्मिक लाभों की संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री माँ गंगा
22 पाठ

श्री गंगा मैया की पावन माता की आरती - ॐ जय गंगे माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन संस्कृति में माँ गंगा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी, पतितपावनी और साक्षात देवी के रूप में पूजा जाता है। यहाँ पढ़ें श्री गंगा मैया की पावन आरती के संपूर्ण बोल और विस्तृत भावार्थ।

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श्री भगवान कार्तिकेय
21 पाठ

श्री कार्तिकेय स्वामी की पावन आरती - ॐ जय स्कंद देवा, स्वामी जय कार्तिकेय देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव और माता पार्वती के प्रतापी पुत्र देव सेनापति कार्तिकेय स्वामी की पावन आरती 'ॐ जय स्कंद देवा' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और पूजा विधि का विस्तृत वर्णन।

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श्री भगवान परशुराम
21 पाठ

श्री परशुराम भगवान की पावन आरती - ॐ जय परशुराम देवा, स्वामी जय परशुराम देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान विष्णु के छठे अवतार अमरत्व प्राप्त भगवान परशुराम की पावन आरती 'ॐ जय परशुराम देवा' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री श्री हनुमान जी
21 पाठ

श्री हनुमान जी की पावन आरती - आरती संकट मोचन हनुमान की, लंका विध्वंस ज्ञान की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री हनुमान जी की पावन आरती संकट मोचन हनुमान की संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री श्री राधा रानी
20 पाठ

श्री राधा अष्टमी विशेष - श्री राधारानी की पावन आरती (कीजै राधिका सुमेरु की आरती): संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राधा अष्टमी के पावन अवसर पर प्रस्तुत है श्री राधारानी की अत्यंत मनोहारी और सिद्ध आरती 'कीजै राधिका सुमेरु की आरती' के संपूर्ण बोल, भावार्थ और विस्तृत पूजा विधि।

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श्री श्री हनुमान जी
20 पाठ

श्री हनुमान जी की आरती - आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन धर्म में श्री हनुमान जी की आरती 'आरती कीजै हनुमान लला की' का विशेष महत्व है। यहाँ पढ़ें इस पावन आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, नियम और पूजा विधि।

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श्री माता लक्ष्मी
20 पाठ

श्री महालक्ष्मी अष्टकम एवं महालक्ष्मी आरती - ॐ जय लक्ष्मी माता सम्पूर्ण बोल एवं भावार्थ

सनातन संस्कृति में धन, वैभव, ऐश्वर्य और सौभाग्य की अधिष्ठाता माता महालक्ष्मी की उपासना का विशेष महत्व है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण महालक्ष्मी अष्टकम, महालक्ष्मी आरती 'ॐ जय लक्ष्मी माता', और उनका विस्तृत भावार्थ।

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श्री भगवान शिव
19 पाठ

श्री भोलेनाथ जी की पावन आरती - जय शिव ओमकारा, स्वामी जय शिव ओमकारा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव की अत्यंत लोकप्रिय और पवित्र आरती 'जय शिव ओमकारा' के सम्पूर्ण बोल, गहन भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक लाभ के साथ विस्तृत गाइड।

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श्री माता त्रिपुरसुंदरी (मां ललिता राजराजेश्वरी)
19 पाठ

श्री त्रिपुरसुरा सुंदरी माता आरती: मां राजराजेश्वरी की संपूर्ण आरती और विधान

महाविद्या मां ललिता त्रिपुरसुंदरी की यह दिव्य आरती श्रीविद्या साधना, ऐश्वर्य, मानसिक शांति और मोक्ष की प्रदायिका है। यहाँ आरती के प्रामाणिक बोल, गूढ़ तांत्रिक भावार्थ और शास्त्रीय थाली चालन विधि का विस्तृत संकलन है।

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श्री शनि देव
19 पाठ

शनि देव जी की आरती - जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी सम्पूर्ण बोल

शनि देव जी की प्रसिद्ध आरती 'जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व को जानें।

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श्री माता सरस्वती
19 पाठ

माता सरस्वती जी की आरती - जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता सद्गुण वैभव शालिनी त्रिभुवन विख्याता

विद्या, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की प्रसिद्ध आरती 'जय सरस्वती माता' के सम्पूर्ण बोल, सरल भावार्थ और शास्त्रीय विधान का विस्तृत पाठ।

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श्री माता कामधेनु
18 पाठ

श्री कामधेनु माता की पावन आरती - ॐ जय सुरभि माता, मैया जय कामधेनु माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन धर्म में गौ माता को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है। कामधेनु माता की आरती करने से सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस लेख में आरती के संपूर्ण बोल और विधि का वर्णन है।

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श्री श्री राधिका माता
18 पाठ

श्री राधिका माता की पावन आरती - जय राधिका माता, मैया जय राधिका माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राधिका माता की पावन आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व को जानें Bhaktilok.in के इस विस्तृत गाइड में।

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श्री यमुना माता एवं एकादशी माता
18 पाठ

यमुना माता सर्व संकट निवारक शक्तिपीठ आरती: ॐ जय एकादशी माता मैया जय एकादशी माता का शुद्ध पाठ एवं भावार्थ

यमुना माता और एकादशी माता के पावन चरणों में समर्पित इस सर्व संकट निवारक आरती के माध्यम से साधक अपने जीवन के समस्त कष्टों का नाश कर परम मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ संपूर्ण पाठ, भावार्थ और विधि दी गई है।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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