सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

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श्री श्री बटुक भैरव
41 पाठ

श्री बटुक भैरव जी की पावन आरती - ॐ जय बटुक देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री बटुक भैरव जी की पावन आरती 'ॐ जय बटुक देवा' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व को जानें Bhaktilok.in पर।

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श्री भगवान शिव
40 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव जी की पावन प्रातः आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा, स्वामी जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के त्रैलोक्य रक्षक स्वरूप श्री भुवनेश्वर महादेव जी की पावन प्रातः आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ और विस्तृत पूजा विधि यहाँ प्राप्त करें।

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श्री भगवान श्री कृष्ण (बांके बिहारी)
40 पाठ

भगवान श्री कृष्ण (bhagwan shri krishna) बांके बिहारी जी की आरती - श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं सम्पूर्ण पद व भावार्थ

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं... भगवान श्री कृष्ण के त्रिभंग स्वरूप बांके बिहारी जी की इस अत्यंत मधुर आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और पूजन विधि को जानें।

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श्री माँ अम्बे / दुर्गा
39 पाठ

माता अम्बे जी की आरती - जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी

माँ अम्बे की पावन आरती 'जय अम्बे गौरी' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, और शास्त्रीय पूजन विधि का संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री श्री चित्रगुप्त भगवान
38 पाठ

श्री चित्रगुप्त भगवान की आरती - ॐ जय चित्रगुप्त देवा, स्वामी जय चित्रगुप्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तिलोक के इस विस्तृत आलेख में पढ़ें श्री चित्रगुप्त भगवान की आरती के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की संपूर्ण जानकारी।

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श्री श्री राम दरबार
38 पाठ

श्री राम नवमी विशेष राम दरबार आरती - ॐ जय श्री राम चन्द्र भगवान की आरती: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राम नवमी के पावन पर्व पर राम दरबार की संपूर्ण आरती, भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत मार्गदर्शिका।

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श्री श्री राधा रानी
37 पाठ

श्री राधिका जी की पावन आरती - जय जय श्री राधिके, कृष्ण प्राण जीवन धन: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राधिका रानी की पावन आरती 'जय जय श्री राधिके, कृष्ण प्राण जीवन धन' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व का संपूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री श्री गणेश
37 पाठ

श्री संकटनाशन गणेश आरती - संकटनाशन गणेश स्तोत्र व आरती: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री संकटनाशन गणेश आरती और स्तोत्र के संपूर्ण बोल, भावार्थ, नियम और पूजा विधि की विस्तृत मार्गदर्शिका। भगवान गणेश जी की कृपा प्राप्ति का अनुपम साधन।

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श्री माँ गंगा
37 पाठ

श्री गंगा जी की आरती - ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन संस्कृति में माँ गंगा को लोकमाता, पापमोचनी और मोक्षदायिनी कहा गया है। 'ॐ जय गंगे माता' आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ और विधि सहित भक्तिमय मार्गदर्शिका।

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श्री श्री चित्रगुप्त भगवान
37 पाठ

श्री चित्रगुप्त भगवान की पावन आरती - ॐ जय चित्रगुप्त देवा, स्वामी जय चित्रगुप्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज की संपूर्ण आरती, इसके गहरे आध्यात्मिक भावार्थ, नियम, पूजा सामग्री और फलश्रुति की विस्तृत मार्गदर्शिका।

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श्री माँ गंगा
37 पाठ

श्री गंगा दशहरा विशेष माता गंगा आरती - ॐ जय गंगे सुरतरंगिणी: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

गंगा दशहरा के पावन पर्व पर माँ गंगा की पवित्र आरती 'ॐ जय गंगे सुरतरंगिणी' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि का आनंद लें।

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श्री माँ संतोषी
37 पाठ

श्री संतोषी माता की पावन आरती - जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तलोक.इन पर पढ़िए माँ संतोषी की पावन आरती के संपूर्ण बोल, उसका गूढ़ भावार्थ, शुक्रवार व्रत की विधि और इसके अलौकिक आध्यात्मिक लाभ।

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श्री भगवान श्री कृष्ण
37 पाठ

श्री कुंज बिहारी जी की आरती - आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान श्री कृष्ण के रासलीला स्वरूप को समर्पित 'आरती कुंज बिहारी की' के सम्पूर्ण बोल, गहन भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत मार्गदर्शिका।

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श्री भगवान शिव
36 पाठ

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान की पावन आरती - ॐ जय नागेश्वर देवा, स्वामी जय नागेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के दसवें ज्योतिर्लिंग श्री नागेश्वर की पावन आरती का संपूर्ण संकलन, भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी।

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श्री माँ दुर्गा / विंध्यवासिनी माता
36 पाठ

श्री विंध्यवासिनी माता की आरती - जय विंध्यवासिनी माता, मैया जय विंध्यवासिनी माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ विंध्यवासिनी की पावन आरती संपूर्ण बोल, भावार्थ, पूजा विधि और इसके अलौकिक आध्यात्मिक महत्व के साथ पढ़ें।

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श्री भगवान विष्णु / जगदीश
36 पाठ

भगवान जगदीश जी की आरती - ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट

भगवान विष्णु के अवतार श्री जगदीश जी की परम पावन आरती 'ॐ जय जगदीश हरे' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, इतिहास और अनुष्ठानिक विधि का सम्पूर्ण मार्गदर्शिका।

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श्री श्री हनुमान जी
35 पाठ

श्री राम भक्त हनुमान जी की पावन आरती - आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राम भक्त हनुमान जी की प्रसिद्ध आरती 'आरती कीजै हनुमान लला की' के संपूर्ण बोल, सरल हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी।

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श्री श्री राधा रानी
35 पाठ

श्री राधा रानी की पावन आरती - आरती श्री युगल किशोर की, सब जग हित उतपत्ति करत जो: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तिकुल की इस पावन प्रस्तुति में पढ़ें श्री राधा रानी और युगल किशोर की अत्यंत लोकप्रिय आरती के संपूर्ण बोल, उसका गहन भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व।

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श्री श्री चित्रगुप्त भगवान
35 पाठ

श्री चित्रगुप्त भगवान की पावन आरती - ॐ जय चित्रगुप्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री चित्रगुप्त भगवान न्याय के देवता और कर्मों के लेखाकार हैं। उनकी यह पावन आरती 'ॐ जय चित्रगुप्त देवा' संपूर्ण विधि-विधान और भावार्थ के साथ यहाँ पढ़ें।

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श्री भगवान शिव
35 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव जी की पावन संध्या आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा, स्वामी जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के त्रैलोक्यनाथ रूप श्री भुवनेश्वर महादेव की पावन संध्या आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व को जानें।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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