सनातन आरती मंजूषा · सम्पूर्ण सूची 222+ पावन आरतियाँ संदर्भ-आधारित समीक्षा

सम्पूर्ण देवी-देवता आरती संग्रह सूची

सनातन धर्म के समस्त पूजनीय देवी-देवताओं की लोकप्रिय आरतियाँ, नित्य स्तुति पाठ, राग-ताल, भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत संकलन।

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समस्त देवी-देवता आरती संग्रह परिचय

सनातन संस्कृति में आरती को पूजा-अर्चना का सर्वोत्कृष्ट मंगल अंग माना गया है। भगवान की स्तुति, धूप-दीप और पावन भाव से की गई आरती भक्त के समस्त कष्टों का निवारण कर आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह की प्रत्येक आरती को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, राग, ताल और भावार्थ के साथ संकलित किया गया है।

समस्त आरतियाँ (222)

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श्री हनुमान जी
84 पाठ

श्री हनुमान लला की आरती - आरती कीजै हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की सम्पूर्ण बोल व भावार्थ

सनातन संस्कृति में श्री हनुमान लला की आरती 'आरती कीजै हनुमान लला की' का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस लेख में संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और पूजन विधि प्रस्तुत है।

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श्री भगवान श्री कृष्ण
81 पाठ

श्री बालगोपाल भगवान कृष्ण की बालरूप आरती - सम्पूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

सनातन संस्कृति में भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप यानी बालगोपाल की पूजा और आरती का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस लेख में पढ़ें संपूर्ण बालरूप आरती और इसके भावार्थ।

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श्री श्री राधा रानी
67 पाठ

श्री राधा रानी की आरती - आरती श्री जुगल किशोर की, कीजै मनवांछित फल पावे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राधा रानी की अत्यंत पावन और मन को मुग्ध करने वाली आरती 'आरती श्री जुगल किशोर की, कीजै मनवांछित फल पावे' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, नियम एवं आध्यात्मिक लाभ।

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श्री भगवान शिव
66 पाठ

श्री महामृत्युंजय भगवान की आरती - ॐ जय महामृत्युंजय देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के महामृत्युंजय स्वरूप की अराधना और 'ॐ जय महामृत्युंजय देवा' आरती के संपूर्ण बोल, भावार्थ तथा पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शिका।

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श्री भगवान शिव
61 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के स्वरूप भुवनेश्वर महादेव की इस पवित्र आरती के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि के साथ आध्यात्मिक लाभ जानें।

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श्री श्री राधा कृष्ण
54 पाठ

श्री राधा कृष्ण जी की आरती - आरती युगल किशोर की कीजै, मनवांछित फल पावे: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भक्तिलोक के इस विस्तृत आलेख में जानिए श्री राधा कृष्ण जी की परम पावन आरती 'आरती युगल किशोर की कीजै' के संपूर्ण बोल, गहन भावार्थ, पूजा विधि और इसके अलौकिक आध्यात्मिक लाभ।

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श्री भगवान गणेश
53 पाठ

भगवान श्री गणेश जी की आरती - जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा सम्पूर्ण बोल

भगवान श्री गणेश जी की अत्यंत लोकप्रिय आरती 'जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा' के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और पूजन नियमों का प्रामाणिक संकलन।

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श्री भगवान शिव
52 पाठ

श्री भगवान भोलेनाथ की आरती - जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव की पावन आरती 'जय शिव ओंकारा' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व को जानें।

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श्री श्री बटुक भैरव
52 पाठ

श्री बटुक भैरव जी की पावन आरती - ॐ जय बटुक देवा, स्वामी जय बटुक देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री बटुक भैरव जी की पावन आरती 'ॐ जय बटुक देवा' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि, आवश्यक सामग्री और इसके धार्मिक महत्व को जानें।

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श्री श्री राधा कृष्ण
52 पाठ

श्री राधेश्याम जी की आरती - ॐ जय राधेश्याम देवा, स्वामी जय राधेश्याम देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राधेश्याम जी की आरती (ॐ जय राधेश्याम देवा, स्वामी जय राधेश्याम देवा) का संपूर्ण पाठ, भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी।

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श्री श्री गणेश
50 पाठ

श्री गणेश भगवान की आरती - जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री गणेश भगवान की पावन आरती 'जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा' के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, पूजा विधि और इसके अलौकिक आध्यात्मिक महत्व को यहाँ पढ़ें।

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श्री माँ संतोषी
48 पाठ

श्री संतोषी माता की आरती - जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

माँ संतोषी की कृपा प्राप्ति के लिए पढ़ें संपूर्ण श्री संतोषी माता की आरती, इसके गहरे आध्यात्मिक भावार्थ, पूजा विधि और शुक्रवार व्रत के नियमों की विस्तृत जानकारी।

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श्री श्री चित्रगुप्त भगवान
48 पाठ

श्री चित्रगुप्त जी की संध्या आरती - ॐ जय चित्रगुप्त भगवान, स्वामी जय चित्रगुप्त भगवान: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री चित्रगुप्त जी की संध्या आरती 'ॐ जय चित्रगुप्त भगवान' के संपूर्ण बोल, हिंदी भावार्थ, पूजा विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत वर्णन।

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श्री भगवान शिव
48 पाठ

भगवान शिव जी की आरती - ॐ जय शिव ओंकारा प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा

भगवान शिव की अत्यंत लोकप्रिय आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' के संपूर्ण बोल, भावार्थ, राग और आरती करने की शास्त्रीय विधि की विस्तृत जानकारी।

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श्री श्री राम दरबार
46 पाठ

श्री राम दरबार की पावन आरती - श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन व आरती युगल किशोर की: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री राम दरबार की पावन आरती, श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन और युगल किशोर की आरती के संपूर्ण बोल, गूढ़ भावार्थ, और शास्त्रीय पूजा विधि का विस्तृत मार्गदर्शन।

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श्री भगवान शिव
46 पाठ

श्री भुवनेश्वर महादेव जी की आरती - ॐ जय भुवनेश्वर देवा, स्वामी जय भुवनेश्वर देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान शिव के त्रैलोक्य रक्षक स्वरूप श्री भुवनेश्वर महादेव जी की संपूर्ण आरती, भावार्थ और शास्त्रीय पूजा विधि का आनंद लें।

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श्री भगवान शिव
45 पाठ

भगवान शिव जी की आरती - ॐ जय शिव ओंकारा प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा

भगवान शिव की सर्वप्रिय आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' का प्रामाणिक पाठ, प्रत्येक पद का दार्शनिक एवं आध्यात्मिक अर्थ, राग-ताल विवरण तथा आरती नीराजन की शास्त्रीय पूजन विधि।

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श्री श्री बटुक भैरव
44 पाठ

श्री बटुक भैरव जी की आरती - ॐ जय बटुक भैरवा, स्वामी जय बटुक भैरवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

श्री बटुक भैरव जी की आरती भगवान शिव के बाल रूप भैरवनाथ की आराधना का पावन स्त्रोत है। इसे विधि-विधान से गाने और पूजा करने से सभी प्रकार के कष्ट, भय और बाधाएं दूर होती हैं।

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श्री भगवान श्री कृष्ण
42 पाठ

श्री बांके बिहारी जी की आरती - आरती बांके बिहारी की, टकटकी लगाए देखूं सांवरिया को: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप श्री बांके बिहारी जी की आरती के संपूर्ण बोल, गूढ़ भावार्थ, नियम एवं पूजन विधि का विस्तृत विवरण भक्तीलोक पर पढ़ें।

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श्री श्री चित्रगुप्त भगवान
41 पाठ

श्री चित्रगुप्त जी की विशेष संध्या आरती - ॐ जय चित्रगुप्त देवा, स्वामी जय चित्रगुप्त देवा: संपूर्ण बोल, भावार्थ एवं पूजा विधि

भगवान श्री चित्रगुप्त जी की संध्या आरती (ॐ जय चित्रगुप्त देवा) के संपूर्ण बोल, गूढ़ भावार्थ, पूजन सामग्री, विधि और आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत मार्गदर्शिका।

आरती संग्रह से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में यदि कोई विधि-विधान की कमी या मंत्रोच्चारण में त्रुटि रह गई हो, तो अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर लेने से पूजा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

आरती हमेशा दोनों हाथों से थाली पकड़कर सीधे खड़े होकर करनी चाहिए। शांत चित्त से देव मंत्र या आरती गान करते हुए विनम्र भाव से थाली घुमानी चाहिए।

कपूर को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह बिना कोई अवशेष छोड़े पूर्णतः जल जाता है (अहंकार शून्यता का प्रतीक)। गाय के शुद्ध घी की बत्ती से भी आरती समान रूप से शुभ मानी जाती है।
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