🙏 जनम लियो है आज पवन कुमार – हनुमान जन्मोत्सव बधाई गीत
(Janam Liyo Hai Aaj Pawan Kumar – Hanuman Janmotsav Badhai Geet)
📝 गीत विवरण
📜 गीत लिरिक्स (हिन्दी में)
हो अंजनी के द्वारे धूम मची है,
खुशियों की शहनाई बजी है।
चैत पूर्णिमा मंगलवार,
बधाई हो, बधाई हो!
जन्म लियो है आज पवन कुमार
ओ, हाथी घोड़ा पालकी,
जय हो केसरी लाल की।
हाथी घोड़ा पालकी,
जय हो केसरी लाल की
ओ, सजी नगररियां, दिए जलाए न्यारे,
बंध रहे बंधनवार पताका प्यारे।
ओ, नाच रहे, झूम रहे,
ताल मिला ताल से,
बांटे माँ खैरात भर-भर के थाल से।
आँगन में खुशियों की है भरमार
आजी, जन्म लियो है आज पवन कुमार,
जन्म लियो है आज पवन कुमार।
ओ, हाथी घोड़ा पालकी,
जय हो केसरी लाल की
हाँ जी, लाल लाल मुख और केश घुंघराले,
जन्म लिए हैं राम भगत मतवाले
हाँ, लाल लाल मुख और केश घुंघराले,
जन्म लिए हैं राम भगत मतवाले।
होए टीका लगाए, मैया नज़र उतारती,
नोन और राई अपने लाला पे वारती।
गाए बृजराज तेरी लीला अपार
बजरंगी, जय बजरंगी, जय बजरंगी, जय हो!
जन्म लियो है आज पवन कुमार
होए अंजनी के द्वारे धूम मची है,
खुशियों की शहनाई बजी है।
चैत पूर्णिमा मंगलवार
जन्म लियो है आज पवन कुमार
ओ, हाथी घोड़ा पालकी,
जय हो केसरी लाल की
🎵 रचनाकार : लोक परम्परा (हनुमान जन्मोत्सव गीत)
🙏 गीत का अर्थ और संदेश
यह प्रसिद्ध हनुमान जन्मोत्सव गीत बजरंगबली के जन्म की खुशी में गाया जाता है। “हो अंजनी के द्वारे धूम मची है, खुशियों की शहनाई बजी है” – यह पंक्ति माता अंजनी के घर हनुमान जी के जन्म पर हुए उत्सव का वर्णन करती है। “चैत पूर्णिमा मंगलवार” – हनुमान जयंती का विशेष दिन, जब चैत्र मास की पूर्णिमा और मंगलवार का संयोग होता है।
“हाथी घोड़ा पालकी, जय हो केसरी लाल की” – यह पंक्तियाँ हनुमान जी के जन्म पर होने वाली शोभायात्रा और उनके पिता केसरी के प्रति सम्मान व्यक्त करती हैं। “सजी नगररियां, दिए जलाए न्यारे” – पूरा नगर सज जाता है, दिए जलते हैं, बंधनवार और पताकाएँ लगती हैं। लोग नाचते-झूमते हैं और माँ खैरात बाँटती हैं।
“लाल लाल मुख और केश घुंघराले, जन्म लिए हैं राम भगत मतवाले” – यहाँ हनुमान जी के बाल स्वरूप का सुंदर चित्रण है – लाल चेहरा, घुंघराले बाल, और वे राम के भक्त हैं। मैया टीका लगाती हैं, नज़र उतारती हैं, नोन-राई वारती हैं।
यह गीत हनुमान जयंती के अवसर पर भक्तों में अपार उत्साह और भक्ति भर देता है।
🔍 गीत का विशेष महत्त्व
हनुमान जयंती का उत्सव गीत: यह गीत हनुमान जयंती के दिन भक्तों द्वारा बड़े उल्लास के साथ गाया जाता है। इसमें हनुमान जी के जन्म की पूरी परम्परा और आनंद का वर्णन है।
लोक परम्परा और संस्कृति: गीत में “हाथी-घोड़ा-पालकी”, “बंधनवार”, “नोन-राई वारना” जैसे लोक तत्वों को शामिल किया गया है, जो भारतीय जन्मोत्सव परम्पराओं को दर्शाते हैं।
बधाई गीत का स्वरूप: “बधाई हो, बधाई हो!” का दोहराव इसे एक सामूहिक बधाई गीत का रूप देता है, जिसे समूह में गाकर लोग हनुमान जी के जन्म की खुशी मनाते हैं।
💖 उल्लास और भक्ति का संगम
🎯 संदेश
हनुमान जी का जन्म पूरे संसार में खुशियाँ लेकर आता है। यह गीत हमें सिखाता है कि भक्ति में उत्सव और उल्लास का बड़ा महत्व है।
✨ आस्था का प्रतीक
हर साल हनुमान जयंती पर यह गीत लाखों भक्तों के हृदय में भक्ति और आनंद भर देता है। यह गीत हनुमान जी के प्रति अपार श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है।
🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय हनुमान ।। बधाई हो बधाई हो, जन्म लियो पवन कुमार ।।