🙏 दुनिया में देव हज़ारों हैं – बजरंग बली का क्या कहना

(Duniya Mein Dev Hazaron Hain – Bajrang Bali Ka Kya Kehna) – हनुमान भजन

🌸 सात समुन्दर लाँघ गए – लंका जलाई – संजीवनी बूटी लाए – राम दीवाना

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / बालाजी भजन
🎶 भाव: शक्ति, भक्ति, वीरता, समर्पण
🎤 रचनाकार: बनवारी (अंतरे में उल्लेख)
📀 विशेषता: हनुमान जी की अपरंपार शक्ति और भक्ति का गुणगान – दुनिया के सभी देवताओं में बजरंग बली अद्वितीय

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

ये सात समुन्दर लाँघ गए,
ये गढ़ लंका में कूद गए।
रावण को डराना क्या कहना,
लंका को जलाना क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

जब लक्ष्मण जी बेहोश हुए,
संजीवनी बूटी लाने गए।
पर्वत को उठाना क्या कहना,
लक्ष्मण को जिलाना क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

‘बनवारी’ इनके सीने में,
सिया राम की जोड़ी रहती है।
ये राम दीवाना क्या कहना,
गुण गाए ज़माना क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

🎵 रचनाकार : बनवारी (अंतरे में उल्लेखित)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत शक्तिशाली हनुमान भजन है। “दुनिया में देव हज़ारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना” – भक्त कहता है कि संसार में हजारों देवता हैं, लेकिन बजरंग बली (हनुमान) की तुलना किसी से नहीं। उनकी शक्ति और भक्ति का वर्णन असंभव है।

पहले अंतरे में – हनुमान जी सात समुद्र लाँघ गए, लंका के किले में कूद पड़े। रावण को डराना और लंका जलाना – उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं।

दूसरे अंतरे में – लक्ष्मण के बेहोश होने पर वे संजीवनी बूटी लाने गए, पर्वत उठाया, और लक्ष्मण को जीवित किया।

तीसरे अंतरे में – रचनाकार ‘बनवारी’ कहते हैं कि हनुमान जी के सीने में सिया-राम (सीता-राम) की जोड़ी बसती है। वे राम के दीवाने हैं, और पूरी दुनिया उनके गुण गाती है।

यह भजन हनुमान जी की अपार शक्ति और राम-भक्ति का गुणगान करता है, और उन्हें सभी देवताओं में श्रेष्ठ बताता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

“बजरंग बली का क्या कहना” – स्तुति का अलंकार: यह भजन बार-बार “क्या कहना” कहकर हनुमान जी की महिमा को शब्दों से परे बताता है।

सात समुद्र लाँघना: यह हनुमान जी की अलौकिक शक्ति का प्रतीक है, जो उन्होंने सीता की खोज में प्रदर्शित की।

रचनाकार ‘बनवारी’: अंतरे में रचनाकार का नामोल्लेख है, जो इस भजन को व्यक्तिगत बनाता है।

💖 बजरंग बली की अद्वितीय महिमा

🎯 संदेश

हजारों देवताओं में बजरंग बली अनोखे हैं – उनकी शक्ति अपरंपार, उनकी भक्ति अद्वितीय। जो भी उन्हें सच्चे मन से स्मरण करता है, उसकी रक्षा वे स्वयं करते हैं।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन हनुमान भक्तों के हृदय में आत्मविश्वास और श्रद्धा भरता है। “बजरंग बली का क्या कहना” – यह पंक्ति ही सब कुछ कह जाती है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय बजरंगबली ।। दुनिया में देव हज़ारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना ।।

॥ इति हनुमान भजनम् ॥
॥ ये राम दीवाना क्या कहना – गुण गाए ज़माना क्या कहना – बजरंग बली का क्या कहना ॥