आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२९ PM | सूर्यास्त: ०५:३३ AM
Hanuman Bhajan

दुनिया में देव हज़ारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना (हनुमान भजन) लिरिक्स | Duniya Mein Dev Hazaron Hain Bajrang Bali Ka Kya Kehna Hanuman Bhajan Lyrics

283 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah
आकार:
कंट्रास्ट:

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 दुनिया में देव हज़ारों हैं – बजरंग बली का क्या कहना

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

(Duniya Mein Dev Hazaron Hain – Bajrang Bali Ka Kya Kehna) – हनुमान भजन

🌸 सात समुन्दर लाँघ गए – लंका जलाई – संजीवनी बूटी लाए – राम दीवाना

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / बालाजी भजन
🎶 भाव: शक्ति, भक्ति, वीरता, समर्पण
🎤 रचनाकार: बनवारी (अंतरे में उल्लेख)
📀 विशेषता: हनुमान जी की अपरंपार शक्ति और भक्ति का गुणगान – दुनिया के सभी देवताओं में बजरंग बली अद्वितीय

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

ये सात समुन्दर लाँघ गए,
ये गढ़ लंका में कूद गए।
रावण को डराना क्या कहना,
लंका को जलाना क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

जब लक्ष्मण जी बेहोश हुए,
संजीवनी बूटी लाने गए।
पर्वत को उठाना क्या कहना,
लक्ष्मण को जिलाना क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

‘बनवारी’ इनके सीने में,
सिया राम की जोड़ी रहती है।
ये राम दीवाना क्या कहना,
गुण गाए ज़माना क्या कहना।
इनकी शक्ति का क्या कहना,
इनकी भक्ति का क्या कहना।
दुनिया में देव हज़ारों हैं,
बजरंग बली का क्या कहना॥

🎵 रचनाकार : बनवारी (अंतरे में उल्लेखित)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत शक्तिशाली हनुमान भजन है। “दुनिया में देव हज़ारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना” – भक्त कहता है कि संसार में हजारों देवता हैं, लेकिन बजरंग बली (हनुमान) की तुलना किसी से नहीं। उनकी शक्ति और भक्ति का वर्णन असंभव है।

पहले अंतरे में – हनुमान जी सात समुद्र लाँघ गए, लंका के किले में कूद पड़े। रावण को डराना और लंका जलाना – उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं।

दूसरे अंतरे में – लक्ष्मण के बेहोश होने पर वे संजीवनी बूटी लाने गए, पर्वत उठाया, और लक्ष्मण को जीवित किया।

तीसरे अंतरे में – रचनाकार ‘बनवारी’ कहते हैं कि हनुमान जी के सीने में सिया-राम (सीता-राम) की जोड़ी बसती है। वे राम के दीवाने हैं, और पूरी दुनिया उनके गुण गाती है।

यह भजन हनुमान जी की अपार शक्ति और राम-भक्ति का गुणगान करता है, और उन्हें सभी देवताओं में श्रेष्ठ बताता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

“बजरंग बली का क्या कहना” – स्तुति का अलंकार: यह भजन बार-बार “क्या कहना” कहकर हनुमान जी की महिमा को शब्दों से परे बताता है।

सात समुद्र लाँघना: यह हनुमान जी की अलौकिक शक्ति का प्रतीक है, जो उन्होंने सीता की खोज में प्रदर्शित की।

रचनाकार ‘बनवारी’: अंतरे में रचनाकार का नामोल्लेख है, जो इस भजन को व्यक्तिगत बनाता है।

💖 बजरंग बली की अद्वितीय महिमा

🎯 संदेश

हजारों देवताओं में बजरंग बली अनोखे हैं – उनकी शक्ति अपरंपार, उनकी भक्ति अद्वितीय। जो भी उन्हें सच्चे मन से स्मरण करता है, उसकी रक्षा वे स्वयं करते हैं।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन हनुमान भक्तों के हृदय में आत्मविश्वास और श्रद्धा भरता है। “बजरंग बली का क्या कहना” – यह पंक्ति ही सब कुछ कह जाती है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय बजरंगबली ।। दुनिया में देव हज़ारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना ।।

॥ इति हनुमान भजनम् ॥
॥ ये राम दीवाना क्या कहना – गुण गाए ज़माना क्या कहना – बजरंग बली का क्या कहना ॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "दुनिया में देव हज़ारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना (हनुमान भजन) लिरिक्स | Duniya Mein Dev Hazaron Hain Bajrang Bali Ka Kya Kehna Hanuman Bhajan Lyrics" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

श्रेणियां: Hanuman Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!