Hanuman Bhajan सोमवार विशेष (महादेव शिव व चंद्र देव)

वो लाल लंगोटे वाला है, माँ अंजनी का लाला है (हनुमान भजन) लिरिक्स

वो लाल लंगोटे वाला है माँ अंजनी का लाला है हनुमान भजन के लिरिक्स, गायक पी. सुधीर व्यास जी की आवाज़ में, अर्थ व वीडियो सहित।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 वो लाल लंगोटे वाला है – माँ अंजनी का लाला है

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

(Wo Lal Langote Wala Hai – Maa Anjani Ka Lala Hai) – हनुमान भजन

🎤 गायक: पी. सुधीर व्यास जी | लाल लंगोटे वाला, राम नाम मतवाला

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: पी. सुधीर व्यास जी
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / लोकप्रिय भजन
🎶 भाव: श्रद्धा, भक्ति, रक्षा, वीरता
📀 विशेषता: हनुमान जी के बाल स्वरूप – लाल लंगोटे वाले, राम नाम में मतवाले, भक्तों के संकट हरने वाले

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

वो राम नाम मतवाला है,
माँ अंजनी का लाला है,
वो लाल लंगोटे वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

सब सुख लहे तुम्हारी शरणा,
सब सुख लहे तुम्हारी शरणा,
तुम रक्षक काहू को डरना,
तुम रक्षक काहू को डरना,
वो तो भय को भगाने वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

भूत पिशाच निकट नहीं आवे,
भूत पिशाच निकट नहीं आवे,
महावीर जब नाम सुनावे,
महावीर जब नाम सुनावे,
वो तो भूत भगाने वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

नासे रोग हरे सब पीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा,
जपत निरंतर हनुमत वीरा,
जपत निरंतर हनुमत वीरा,
वो तो रोग मिटाने वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता,
अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता,
अस वर दीन जानकी माता,
अस वर दीन जानकी माता,
वो तो कृपा बरसाने वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

संकट कटे मिटे सब पीरा,
संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा,
वो तो रण को जिताने वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

वो राम नाम मतवाला है,
माँ अंजनी का लाला है,
वो लाल लंगोटे वाला है,
माँ अंजनी का लाला है।।

🎤 गायक : पी. सुधीर व्यास जी

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत लोकप्रिय हनुमान भजन है। “वो लाल लंगोटे वाला है, माँ अंजनी का लाला है” – हनुमान जी लाल रंग का लंगोटा पहनते हैं (बाल स्वरूप में) और माता अंजनी के पुत्र हैं। वे “राम नाम मतवाला” हैं, अर्थात राम नाम में सदा मस्त रहते हैं।

प्रत्येक अंतरे में हनुमान जी के एक विशिष्ट गुण का वर्णन है – वे भय को भगाने वाले, भूत-प्रेत बाधाओं को दूर करने वाले, रोग मिटाने वाले, अष्ट सिद्धि और नवनिधि के दाता, कृपा बरसाने वाले, और रण (युद्ध) में जीत दिलाने वाले हैं।

यह भजन हनुमान चालीसा की पंक्तियों से मेल खाता है – “नासै रोग हरै सब पीरा”, “भूत पिशाच निकट नहिं आवै”, “अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता” आदि। यह भजन सरल भाषा में हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

लाल लंगोटे वाला – बाल हनुमान: यह संबोधन हनुमान जी के बाल स्वरूप का स्मरण कराता है, जो भक्तों में वात्सल्य भाव जगाता है।

राम नाम मतवाला: हनुमान जी सदा राम नाम के रस में डूबे रहते हैं – यह उनकी अनन्य भक्ति का प्रतीक है।

पी. सुधीर व्यास जी का स्वर: इस भजन को पी. सुधीर व्यास जी के भावपूर्ण स्वर में प्रस्तुत किया गया है, जो भक्तों के हृदय को छूता है।

💖 हनुमान भक्ति का सार

🎯 संदेश

हनुमान जी सभी संकटों, रोगों, भयों और बाधाओं से रक्षा करते हैं। उनकी शरण में आने वाले को सभी सुख मिलते हैं। “लाल लंगोटे वाला” हमारी रक्षा के लिए सदा तत्पर है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन हर हनुमान भक्त के हृदय में श्रद्धा का संचार करता है। “वो लाल लंगोटे वाला है” सुनते ही बाल हनुमान की छवि साकार हो जाती है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय बजरंगबली ।। वो लाल लंगोटे वाला है ।।

॥ इति हनुमान भजनम् ॥
॥ वो राम नाम मतवाला है – माँ अंजनी का लाला है – वो लाल लंगोटे वाला है ॥
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "वो लाल लंगोटे वाला है, माँ अंजनी का लाला है (हनुमान भजन) लिरिक्स | Wo Lal Langote Wala Hai Maa Anjani Ka Lala Hai Hanuman Bhajan Lyrics" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

श्रेणियां: Hanuman Bhajan

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 19 Oct 2026

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