प्रस्तावना एवं परिचय
सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
🙏 वो राम नाम मतवाला है – माँ अंजनी का लाला
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।
(Wo Ram Nam Matwala Hai – Maa Anjani Ka Lala) – Hanuman Bhajan
विवरण एवं मुख्य बिंदु
📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)
॥ स्थायी ॥
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो लाल लंगोटे वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो लाल लंगोटे वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
॥ अंतरा १ – शरणागति एवं भय नाश ॥
सब सुख लहै तुम्हारी शरणा।
सब सुख लहै तुम्हारी शरणा।
तुम रक्षक काहू को डरना।
तुम रक्षक काहू को डरना।
वो तो, वो तो,
वो तो भय को भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
॥ अंतरा २ – भूत-पिशाच निकट न आवे ॥
भूत पिशाच निकट नहीं आवे।
भूत पिशाच निकट नहीं आवे।
महावीर जब नाम सुनावे।
महावीर जब नाम सुनावे।
वो तो, वो तो,
वो तो भूत भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम रखवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
॥ अंतरा ३ – रोग एवं पीड़ा निवारण ॥
नासे रोग हरे सब पीरा।
नासे रोग हरे सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत वीरा।
जपत निरंतर हनुमत वीरा।
वो तो, वो तो,
वो तो रोग मिटाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम रखवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
॥ अंतरा ४ – अष्ट सिद्धि, नवनिधि के दाता ॥
अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।
अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।
असवर दीन जानकी माता।
असवर दीन जानकी माता।
वो तो, वो तो,
वो तो कृपा बरसाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम रखवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
॥ अंतरा ५ – संकट मोचन, रण विजय ॥
संकट कटे मिटे सब पीरा।
संकट कटे मिटे सब पीरा।
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।
वो तो, जय हो, वो तो, जय हो,
वो तो रण को जिताने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो भय को भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो भूत भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो रोग मिटाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो कृपा बरसाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो रण को जिताने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो लाल लंगोटे वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह अत्यंत लोकप्रिय हनुमान भजन भक्त के हृदय में बसे बालाजी के स्वरूप का वर्णन करता है। "वो राम नाम मतवाला है, माँ अंजनी का लाला है" – यह पंक्ति हनुमान जी की राम-भक्ति और माता अंजनी के पुत्र के रूप में उनकी पहचान को दर्शाती है। "लाल लंगोटे वाला" कहकर भक्त उनके बाल स्वरूप का स्मरण करता है।
हर अंतरे में बाबा के विभिन्न गुणों का गायन है – वे भय, भूत, रोग, संकट सबको दूर करने वाले हैं। शरणागत को सभी सुख प्राप्त होते हैं और वे रक्षक होने के कारण किसी से डरने की आवश्यकता नहीं। "अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता" कहकर उनकी दिव्य शक्तियों का बखान किया गया है।
यह भजन हनुमान जी की महिमा, उनके आशीर्वाद से मिलने वाली सुरक्षा, आरोग्य और समृद्धि का गुणगान करता है। अंत में सभी विशेषताओं को दोहराकर भक्ति रस को चरम पर पहुँचाया गया है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व
राम नाम की मतवाली अवस्था: हनुमान जी सदा राम नाम में मग्न रहते हैं। यह भजन उनकी इस भक्ति अवस्था को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है।
संकटमोचन का आश्वासन: हर अंतरे में बताया गया है कि बाबा किस प्रकार विभिन्न संकटों (भय, भूत, रोग, संकट) को दूर करते हैं। यह भक्त को मानसिक शांति और सुरक्षा का अहसास कराता है।
सिद्धि-निधि के दाता: हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नवनिधि का स्वामी माना गया है। उनकी कृपा से भक्त को सांसारिक एवं आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर लाभ प्राप्त होता है।
💖 भक्ति रस का संगम
🎯 संदेश
हनुमान जी का स्मरण मात्र से सभी कष्ट दूर होते हैं। वे भक्तों के रक्षक, संकटमोचक और कृपा के सागर हैं। यह भजन उनके प्रति समर्पण और विश्वास को दृढ़ करता है।
✨ आस्था का प्रतीक
हर पंक्ति में हनुमान जी की महिमा और उनकी लीला का गुणगान है। यह भजन उन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है जो जीवन में सुरक्षा, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
🙏 ॐ हनुमते नमः ।। श्री रामदूत हनुमान जी की जय ।।
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "वो राम नाम मतवाला है, माँ अंजनी का लाला है (हनुमान भजन) लिरिक्स | Wo Ram Nam Matwala Hai Maa Anjani Ka Lala Hai Hanuman Bhajan Lyrics" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ and अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।
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