मन लागो मेरो यार फकीरी में

(Man Lago Mero Yaar Fakiri Mein) – Nirgun Bhajan 2025
🎤 गायक: Anand Bhaskar ✍️ गीत: Traditional (संत कबीर) 🏷️ लेबल: Spiritual Vibes

मन लागो मेरो यार फकीरी में,

जो सुख पायो नर नारी में,

सो सुख नाही भिखारी में,

मन लागो मेरो यार फकीरी में॥

जोग लगाया जंगल जाऊँ,

बन बन काटा बोवऊँ,

मन का मद नहीं जाऊँ,

मन लागो मेरो यार फकीरी में॥

कबीरा खड़ा बाजार में,

मांगे सबसे प्यार में,

जो तू लागे प्रभु के द्वार में,

मन लागो मेरो यार फकीरी में॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अमर निर्गुण भजन संत कबीर के दोहों से प्रेरित है। “मन लागो मेरो यार फकीरी में” – मन को संसार के मोह-माया से हटाकर उस परमात्मा की भक्ति (फकीरी) में लगाने की प्रेरणा देता है। भजन कहता है कि सांसारिक सुख (नर-नारी) जो सुख देते हैं, वह सच्चे संतोष (भिखारी) को नहीं मिलता। बाहरी साधना (योग, वन जाना) तब तक निरर्थक है जब तक मन का अहंकार न जाए। अंत में कबीर कहते हैं कि सच्ची भक्ति तो प्रेम और प्रभु के द्वार पर लगने से मिलती है।

यह भजन हमें सिखाता है कि बाहरी आडंबरों से नहीं, बल्कि मन की शुद्धि और प्रेम भाव से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। फकीरी का अर्थ है – ममता, अहंकार और संग्रह से मुक्त होकर केवल राम का नाम लेना।

🎵 गायक: आनंद भास्कर (Anand Bhaskar)

आनंद भास्कर मध्य प्रदेश के एक सुप्रसिद्ध भजन गायक और संगीतकार हैं। उनकी गहरी, भावपूर्ण आवाज ने ‘मन लागो मेरो यार’, ‘झीनी झीनी बीनी चदरिया’, ‘हम मिट्टी का नाम’ जैसे भजनों को घर-घर पहुँचाया है। वे पिछले 20 वर्षों से भक्ति संगीत को समर्पित हैं और ‘स्पिरिचुअल वाइब्स’ लेबल पर उनके अनेक एल्बम रिलीज़ हुए हैं।