Parvati Stotram

Jeevan Hai Anmol, Isse Aise Na Kho (Nirgun Bhajan) – जीवन है अनमोल, इसे ऐसे न खो

165 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

जीवन है अनमोल, इसे ऐसे न खो

(Jeevan Hai Anmol, Isse Aise Na Kho) – Nirgun Bhajan 2025
🎤 गायक: Roshan Ji ✍️ गीत: Traditional 🏷️ लेबल: Madhur Music

जीवन है अनमोल, इसे ऐसे न खो,

पल भर में मिट्टी में मिल जाना है।

धोखा है ये जग, मोह है झूठा,

क्यों इसमें तू अपना मन खोता है॥

दौड़ रहा है इंसान यहाँ,

पल-पल बढ़ाए माया का खज़ाना।

लेकिन अंत में हाथ कुछ न आना,

तेरे संग चलेगा केवल नाम तेरा॥

सुमिरन कर ले उस अविनाशी का,

जो इस जग का रचनहार है।

बिना सहारे ये दुनिया है,

उसके द्वार ही सच्चा द्वार है॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह निर्गुण भजन हमें जीवन के वास्तविक मूल्य को समझने की प्रेरणा देता है। “जीवन है अनमोल, इसे ऐसे न खो” – यह पंक्ति मनुष्य को जागरूक करती है कि यह मानव जीवन बहुमूल्य है, इसे केवल सांसारिक सुखों में नष्ट न करें। भजन कहता है कि यह संसार नश्वर है, मोह-माया छलावा है। अंत में केवल प्रभु का नाम ही काम आता है। इसलिए जीवन को सत्कर्म और भक्ति में लगाएं।

गायक रोशन जी ने इस भजन के माध्यम से गहरे आध्यात्मिक संदेश को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया है। यह भजन संतों की वाणी की तरह जीवन जीने की सही राह दिखाता है – प्रभु भक्ति और नेक कर्म ही ऐसे धन हैं जो अंत तक साथ देते हैं।

🎵 गायक: रोशन जी (Roshan Ji)

रोशन जी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध निर्गुण एवं भक्ति गायक हैं। उनकी मधुर एवं गंभीर आवाज़ ने ‘डगर है मुश्किल’, ‘चलती पवन कहे’, ‘जीवन है अनमोल’ जैसे अनेक भजनों को लोकप्रिय बनाया। वे पिछले 15 वर्षों से भजन संध्या और कीर्तन कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। ‘मधुर म्यूजिक’ लेबल ने उनके कई गीतों को प्रकाशित किया है।

🚩 निर्गुण भजन • जीवन संदेश 📅 प्रकाशित: अक्टूबर 2025
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "Jeevan Hai Anmol, Isse Aise Na Kho (Nirgun Bhajan) – जीवन है अनमोल, इसे ऐसे न खो" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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