जीवन है अंधियारा, उजला किनारा

(Jeevan Hai Andhiyara, Ujla Kinara) – Nirgun Bhajan 2025
🎤 गायक: Roshan Ji ✍️ गीत: Traditional 🏷️ लेबल: Madhur Music

जीवन है अंधियारा, उजला किनारा,

पल में बने ना, पल में हारा।

जो बैठा है उस नैया के खिवैया,

पार लगे वो ही सहारा॥

मन के मेले, तन के धागे,

सब रिश्ते हैं कच्चे धागे।

एक दिन टूटे, एक दिन बिखरे,

फिर क्यों इनसे लागे लागे॥

साँसों की माला सिमटी पल में,

पल में खोए पल में मिले।

राम नाम ही इक सहारा है,

बाकी सब है झूठा नज़ारा॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह निर्गुण भजन जीवन की नश्वरता और ईश्वर भक्ति के महत्व को दर्शाता है। “जीवन है अंधियारा, उजला किनारा” – अर्थात यह संसार रूपी अंधकार में केवल प्रभु का सहारा ही उजले किनारे (मोक्ष) तक पहुँचा सकता है। मन और तन के सारे रिश्ते कच्चे धागे समान हैं, जो कभी भी टूट सकते हैं। इसलिए मोह-माया में न उलझकर राम नाम का सुमिरन ही एकमात्र सत्य और सहारा है।

भजन में जीवन को एक पल में बनने और मिटने वाला बताया गया है, और प्रभु को खिवैया (मल्लाह) कहकर उन पर विश्वास रखने की सीख दी गई है। यह भजन संतों की वाणी की तरह आत्मचिंतन और भक्ति की ओर प्रेरित करता है।

🎵 गायक: रोशन जी (Roshan Ji)

रोशन जी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध निर्गुण एवं भक्ति गायक हैं। उनकी मधुर एवं गंभीर आवाज़ ने ‘डगर है मुश्किल’, ‘जीवन है अंधियारा’, ‘चलती पवन कहे’ जैसे अनेक भजनों को लोकप्रिय बनाया। वे पिछले 15 वर्षों से भजन संध्या और कीर्तन कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। ‘मधुर म्यूजिक’ लेबल ने उनके कई गीतों को प्रकाशित किया है।