Parvati Stotram

चोला मैंने पहना है तेरे नाम का – Chola Maine Pehna Hai Tere Naam Ka Lyrics (Nirgun Bhajan)

215 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रस्तावना एवं परिचय

(Chola Maine Pehna Hai Tere Naam Ka) – Nirgun Bhajan 2025
🎤 गायक: अनिल रामूर्ति भोपाल ✍️ गीत: Traditional

चोला मैंने पहना है तेरे नाम का

चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम का ॥

बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥

तुम्हें, मेरे भगवन, भूल नहीं पाऊँगा,

बिना, भजन तेरे, रह नहीं पाऊँगा ॥

हृदय में, दिखा दूँ फोटो, सियाराम का ।

बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥

चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...

सीता, माता का, पता ले आऊँगा,

लक्ष्मण, भईया के, प्राण बचाऊँगा ॥

मिल जाए, मुझे बस, आदेश आपका ।

बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥

चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...

रावण, को मार, सिया राम से मिलाएंगे,

लंका का, राज्य, विभीषण को दे आएंगे ॥

बजा देंगे, डंका जब, सिया राम का ।

बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥

चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...

राम से, मुक्ति शक्ति, लक्ष्मण से मिलेगी.

हनुमान, से भक्ति, भक्तों को मिलेगी ॥

मिल जाए, खज़ाना प्रभु, तेरे नाम का ।

बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥

चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह निर्गुण भजन भगवान राम के प्रति गहरी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करता है। भजन में भक्त अपने आप को राम के नाम का दीवाना बताता है और भगवान राम की भक्ति में लीन हो जाता है। भजन में रामायण केVarious episodes का उल्लेख है और भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के प्रति भक्ति की अभिव्यक्ति है।

भजन में भक्त भगवान राम से अपने हृदय में बसने की प्रार्थना करता है और उन्हें अपनी जिंदगी का अभाव महसूस नहीं होने देता। भजन में रामायण के पात्रों जैसे सीता, लक्ष्मण और हनुमान का भी उल्लेख है और भगवान राम की कृपा और आशीर्वाद की कामना की गई है।

🎵 गायक: अनिल रामूर्ति भोपाल

अनिल रामूर्ति भोपाल एक प्रसिद्ध भजन गायक हैं जिन्होंने कई भजनों और कीर्तनों को अपनी मधुर आवाज से सजाया है। उनके गायन में भक्ति और भावना की गहराई है जो श्रोताओं के दिलों को छू लेती है।

🚩 निर्गुण भजन • भक्ति भजन 📅 प्रकाशित: अक्टूबर 2025
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "चोला मैंने पहना है तेरे नाम का – Chola Maine Pehna Hai Tere Naam Ka Lyrics (Nirgun Bhajan)" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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