मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो भजन लिरिक्स (Mein kasmir nahi jaungi mujhe jammu utar do Lyrics in Hindi)

मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो भजन लिरिक्स (Mein kasmir nahi jaungi mujhe jammu utar do Lyrics in Hindi) - Bhaktilok


मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो

पहला संदेसा वैष्णो माँ का आया

कोई बहाना न मैंने बनाया

वैष्णो मैया को चूनर ओढ़ाउंगी

मुझै कटरा उतार दो

मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो


दूजा संदेसा माँ कालका का आया

कोई बहाना न मैंने बनाया

काली मैया को खप्पर चढाउंगी

मुझै कलकत्ता उतार दो

मैं कश्मीर नहीं जाउंगी  मुझै जम्मू उतार दो


तीजा संदेसा माँ शारदा का आया

कोई बहाना न मैंने बनाया

शारदा मैया को कंगन पहनाऊँगी

मुझे  सतना उतार दो

मैं कश्मीर नहीं जाउंगी  मुझै जम्मू उतार दो


चौथा संदेसा ब्रजेश्वरी माँ का आया

कोई बहाना न मैंने बनाया

मैया को भेटे चढाउंगी

मुझे काँगड़ा उतार दो

मैं कश्मीर नहीं जाउंगी  मुझै जम्मू उतार दो


पांचवा संदेसा मेरी अम्बे माँ का आया  

कोई बहाना न मैंने बनाया

अम्बे मैया को नारियल चढाउंगी

मुझे सूरत उतार दो

मैं कश्मीर नहीं जाउंगी  मुझै जम्मू उतार दो