खाटू श्याम बाबा के प्रति समर्पित यह भजन "दातार सांवरा" भक्त और भगवान के उस अटूट संबंध को दर्शाता है, जहाँ भक्त की पुकार पर सांवरा स्वयं दौड़े चले आते हैं। पूनम शुक्ला द्वारा स्वरबद्ध और कुंदन अकेला द्वारा रचित यह भजन कलयुग के अवतारी बाबा श्याम की उदारता और उनकी करुणा का जीवंत चित्रण है। यह भजन न केवल एक प्रार्थना है, बल्कि उन सभी भक्तों के लिए एक आश्वासन है जो जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। इसमें बाबा की उस महिमा का वर्णन है, जहाँ से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। भक्ति रस से ओत-प्रोत यह रचना सत्संग, कीर्तन और व्यक्तिगत साधना के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
सांवरिया दरबार की सदियों से यही दस्तूर है,
कोई ना लौटा खाली यहाँ से बाबा देता ज़रूर है।
ख्वाइश की जिसने घर की उसे दे दिया महल दुमहला,
बच्चों ने Division जो माँगा दे दिया नंबर पहला।
सबकी बातें ध्यान से सुनता फिर करता मंज़ूर है,
कोई ना लौटा खाली यहाँ से बाबा देता ज़रूर है॥
कोई मांगता Business की रफ़्तार मेरी बढ़ जाए,
कोई कहता बाबा सूनी गोद मेरी भर जाए।
सबकी झोलियाँ भरता पल में ऐसा इसका नूर है,
कोई ना लौटा खाली यहाँ से बाबा देता ज़रूर है॥
मांग ले तू भी जाके कुंदन सेठ है ये दातारी,
मन की मुरादें पूरी करता कलयुग का अवतारी।
सुनता उसकी आया बाबा जो जग से मजबूर है,
कोई ना लौटा खाली यहाँ से बाबा देता ज़रूर है॥
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का मूल भाव बाबा श्याम की 'दाता' (देने वाले) के रूप में महिमा का बखान करना है। भक्त कहता है कि खाटू नरेश का दरबार ऐसा है जहाँ सदियों से यह परंपरा चली आ रही है कि जो भी यहाँ आता है, वह कभी निराश होकर नहीं लौटता। बाबा अपने भक्तों की छोटी-बड़ी हर इच्छा को पूरी करते हैं। चाहे वह भौतिक सुख-सुविधाएं हों, जैसे घर या शिक्षा में सफलता, या फिर जीवन की बड़ी चुनौतियां जैसे व्यापार में उन्नति या संतान प्राप्ति की कामना—बाबा श्याम सबकी झोलियां भर देते हैं। कवि कुंदन अकेला ने बाबा को 'सेठ' कहकर संबोधित किया है, जो अपने भक्तों की हर मुराद को अपनी कृपा से पूरा करते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि यदि हम सच्चे मन से मजबूर होकर बाबा की शरण में जाएं, तो वे हमारी पुकार अवश्य सुनते हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
- भक्ति का आधार: यह भजन पूर्णतः समर्पण और विश्वास पर आधारित है।
- सांत्वना का स्रोत: जीवन में हताश हो चुके भक्तों के लिए यह भजन एक नई आशा की किरण जगाता है।
- कलयुग के अवतारी: इसमें बाबा श्याम को कलयुग का साक्षात अवतारी मानकर उनकी महिमा गाई गई है।
- सरल भाषा: आम जनमानस की भाषा में होने के कारण यह भजन हर उम्र के भक्तों के हृदय को छू लेता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को आप किसी भी समय गा या सुन सकते हैं, परंतु एकादशी के दिन या बाबा श्याम के कीर्तन के दौरान इसे गाना विशेष फलदायी माना जाता है। इसे गाते समय मन में बाबा की छवि का ध्यान करें और पूर्ण श्रद्धा के साथ 'जय श्री श्याम' का उद्घोष करें।
भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background
यह भजन प्रसिद्ध गीतकार कुंदन अकेला द्वारा रचित है। इसे पूनम शुक्ला ने अपने मधुर स्वर में पिरोया है। इसका संगीत योगेश बजाज द्वारा तैयार किया गया है। यह रचना खाटू श्याम जी के प्रति भक्तों की बढ़ती आस्था और उनके चमत्कारों की लोक-कथाओं से प्रेरित है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| दातार | देने वाला, दाता |
| दस्तूर | परंपरा, नियम |
| दुमहला | दो मंजिला |
| अवतारी | अवतार लेने वाला |
| नूर | दिव्य प्रकाश, चमक |
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | दातार सांवरा |
|---|---|
| गायक | पूनम शुक्ला |
| गीतकार | कुंदन अकेला |
| संगीत | योगेश बजाज |
| श्रेणी | श्याम भजन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: दातार सांवरा भजन के गायक कौन हैं?
उत्तर: इस भजन को पूनम शुक्ला ने स्वरबद्ध किया है। - प्रश्न: क्या यह भजन खाटू श्याम जी के लिए है?
उत्तर: हाँ, यह भजन पूर्णतः खाटू श्याम बाबा को समर्पित है। - प्रश्न: इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: बाबा श्याम अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं और कोई भी उनके दरबार से खाली नहीं लौटता। - प्रश्न: क्या इसे घर पर गाया जा सकता है?
उत्तर: जी हाँ, इसे घर पर पूजा या कीर्तन के दौरान गाया जा सकता है। - प्रश्न: खाटू श्याम जी को 'सेठ' क्यों कहा गया है?
उत्तर: उन्हें 'तीन बाण धारी' और 'लीले के असवार' के साथ-साथ भक्तों की झोलियां भरने वाला 'सेठ' माना जाता है। - प्रश्न: क्या इस भजन को सुनने से मानसिक शांति मिलती है?
उत्तर: भक्तिपूर्ण भजनों को सुनने से मन को असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। - प्रश्न: कुंदन अकेला कौन हैं?
उत्तर: कुंदन अकेला इस भजन के प्रसिद्ध गीतकार हैं। - प्रश्न: बाबा श्याम के अन्य प्रसिद्ध भजन कौन से हैं?
उत्तर: आप खाटू श्याम के अन्य लोकप्रिय भजनों को भी सुन सकते हैं।
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References
यह सामग्री लोक-भक्ति परंपरा, भजन के आधिकारिक रिलीज और खाटू श्याम जी से संबंधित प्रचलित भजनों के संकलन पर आधारित है।
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