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बोलो राम राम राम (Bolo Ram Ram Ram Lyrics in Hindi) - by Sunny Hari Shri Ram Bhajan - Bhaktilok

191 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हरी भजन | Ram Bhajan

बोलो राम राम राम (Bolo Ram Ram Ram Lyrics in Hindi) - Sunny Hari Shri Ram Bhajan

लेखक/गायक: सनी हरी | श्रेणी: राम भजन, रामचरितमानस, HARIHARAN Bhajan | पावन संकीर्तन


सनातन धर्म और भक्ति परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि साक्षात तारक मंत्र है। "बोलो राम राम राम (Bolo Ram Ram Ram Lyrics in Hindi) - by Sunny Hari Shri Ram Bhajan" आधुनिक युग के सुप्रसिद्ध और कर्णप्रिय भजनों में से एक है, जो श्रोताओं को आत्मिक शांति और भक्ति रस से सराबोर कर देता है। गायक सनी हरी द्वारा स्वरबद्ध यह भजन राम नाम की महिमा का गुणगान करता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण के सिद्धांतों के अनुसार, कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही भवसागर से पार पाने का एकमात्र सरल और अचूक उपाय है। इस भजन का मुख्य भाव शरणागति, आत्म-समर्पण और निरंतर भगवन्नाम स्मरण है। जब एक साधक इस भजन के माध्यम से राम नाम की ध्वनि में लीन होता है, तो उसके अंतःकरण के सारे विकार, अज्ञान और भय स्वतः समाप्त होने लगते हैं। प्रातःकालीन वंदना, सत्संग, संध्या आरती अथवा घर-परिवार में होने वाले मांगलिक आयोजनों के लिए यह भजन अत्यंत पावन और ऊर्जावान माना जाता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

॥ स्थायी (मुखड़ा) ॥

बोलो राम राम राम, राजा राम राम राम, श्री राम राम राम, जय श्री राम राम राम। अधरों पे नाम तेरा, दिल में है धाम तेरा, तुझसे ही जिंदगी है, ओ मेरे राम तेरा। बोलो राम राम राम, राजा राम राम राम...

॥ प्रथम अंतरा ॥

अयोध्या के वासी तू, सब घट के वासी तू, दीनों के नाथ मेरे, भक्तों के प्यासी तू। तेरे चरणों की धूल, पावन ये संसार करे, जो भी तेरा सिमरन करे, भव से पार उतरे। बोलो राम राम राम, राजा राम राम राम...

॥ द्वितीय अंतरा ॥

सीता के स्वामी तू, लक्ष्मण के भैया तू, भरत और शत्रुघ्न के, प्राणों की छैया तू। हनुमत के सीने में, तू ही तो समाया है, जिसने तुझे ध्याया उसने, सब कुछ पाया है। बोलो राम राम राम, राजा राम राम राम...

॥ तृतीय अंतरा ॥

कलयुग के जीवों पर, कृपा तू बरसा दे, राम नाम की गंगा, मन में तू बहा दे। सनी हरी गाए गुण, तेरे चरणों में झुककर, दर्शन दे दो राम, अब ना तरसाओ मुझको छुपकर। बोलो राम राम राम, राजा राम राम राम, श्री राम राम राम, जय श्री राम राम राम।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

"बोलो राम राम राम" भजन केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह एक गहरी आध्यात्मिक साधना और शरणागति का प्रतीक है। भजन के मुखड़े में गायक सनी हरी भगवान श्रीराम के पावन नाम के निरंतर स्मरण पर बल देते हैं। "अधरों पे नाम तेरा, दिल में है धाम तेरा" पंक्ति का गहरा दार्शनिक अर्थ यह है कि जब मनुष्य के होठों पर निरंतर राम नाम का जप होता है, तो उसका हृदय स्वतः ही भगवान का पावन धाम (अयोध्या या साकेत) बन जाता है।

प्रथम अंतरे में भगवान को सर्वव्यापक ("सब घट के वासी तू") बताया गया है। वे केवल अयोध्या के राजा नहीं हैं, बल्कि कण-कण में विराजमान परम ब्रह्म हैं। संसारी जीवों के दुखों को दूर करने वाले दीनानाथ जब भक्त की पुकार सुनते हैं, तो उसके जीवन के सारे कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं। चरणों की धूल की महिमा दर्शाती है कि भगवान के चरणों की शरण में जाने मात्र से जीव आवागमन के चक्र से मुक्त हो जाता है।

द्वितीय अंतरे में भगवान श्रीराम के पारिवारिक और दिव्य स्वरूप का वर्णन है। माता सीता के प्रियतम, भ्राता लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के प्राण और संकटमोचन श्री हनुमान चालीसा के आराध्य हनुमान जी के हृदय में वास करने वाले राम ही समस्त ब्रह्मांड के मूल आधार हैं। तृतीय अंतरे में गायक कलियुग की विसंगतियों से त्रस्त मानव के लिए राम नाम को एकमात्र तारणहार बताते हैं। "सनी हरी" अपनी विनयपूर्ण प्रार्थना में भगवान से दर्शन की गुहार लगाते हैं, जो कि एक सच्चे भक्त की अनन्य भक्ति और विरह की पराकाष्ठा को दर्शाता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • सर्वसुलभ तारक मंत्र: राम नाम का जप सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अत्यंत सरल और फलदायी है।
  • मानसिक शांति: इस भजन के निरंतर श्रवण से मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • भक्ति भाव की वृद्धि: यह भजन साधक के मन में भगवान के प्रति प्रेम, निष्ठा और समर्पण की भावना को प्रगाढ़ करता है।
  • पारिवारिक व सांस्कृतिक एकता: राम कथा और राम भजन भारतीय संस्कृति की रीढ़ हैं, जो समाज को जोड़ते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए उचित समय और विधि का होना आवश्यक है:

  • सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4:00 से 6:00 बजे तक) या संध्याकाल (गोधूलि बेला) में इस भजन का श्रवण या गायन अत्यंत फलदायी होता है।
  • स्थान: घर के पूजा गृह में दीप प्रज्वलित करके अथवा किसी पवित्र मंदिर और सत्संग के दौरान इसे गाया जा सकता है।
  • विधि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें, भगवान श्रीराम के चित्र या विग्रह के समक्ष धूप-दीप दिखाएं और पूरी तल्लीनता के साथ इस संकीर्तन में भाग लें।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र बिंदु मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम हैं, जो त्रेतायुग में सूर्यवंश के राजा दशरथ और माता कौशल्या के जेठ पुत्र के रूप में प्रकट हुए थे। उनके साथ माता सीता, भ्राता लक्ष्मण और भक्त शिरोमणि हनुमान जी का स्मरण भी इस भजन को पूर्णता प्रदान करता है। संत तुलसीदास, वाल्मीकि और आधुनिक काल के रचनाकार व गायक जैसे सनी हरी इस महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। भगवान श्री कृष्ण के भक्तों के लिए श्री बैंकें बिहारी चालीसा की तरह ही राम भक्तों के लिए यह भजन अत्यंत प्रिय है।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

भजनकार सनी हरी ने आधुनिक संगीत धुनों और पारंपरिक भारतीय भक्ति रस का सुंदर समन्वय करते हुए इस भजन की रचना की है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं और वृद्धों दोनों को सनातन संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से इस सुमधुर भजन को तैयार किया गया है। इसकी लय ऐसी है कि एक बार सुनने वाला व्यक्ति स्वतः ही इसके शब्दों को गुनगुनाने लगता है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन सरल हिंदी (खड़ी बोली और ब्रज-अवधि के मिले-जुले स्वरूप) में रचा गया है। इसमें अनुप्रास और यमक अलंकारों का सहज प्रयोग हुआ है। भाषा की सरलता ही इस भजन की सबसे बड़ी शक्ति है, जिससे यह आम जनमानस के हृदय में आसानी से उतर जाता है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

  1. अहंकार का त्याग: भगवान के चरणों में शरणागति ही अहंकार को समाप्त करने का एकमात्र उपाय है।
  2. नाम जप की महिमा: विपत्ति के समय भगवन्नाम का स्मरण सबसे बड़ा संबल बनता है।
  3. नैतिकता और मर्यादा: श्रीराम का चरित्र हमें जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा का पालन करना सिखाता है।
  4. संतोष और शांति: ईश्वर में विश्वास रखने वाले मनुष्य को जीवन के किसी भी मोड़ पर निराशा नहीं होती।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / भावार्थ
अधर होठ मुख से निरंतर नाम उच्चारण करना
धाम निवास स्थान / पवित्र स्थल भगवान का हृदय या अयोध्या पुरी
सब घट के वासी कण-कण में बसने वाले सर्वव्यापक परमात्मा
भव से पार संसार रूपी सागर से मुक्ति मोक्ष या आवागमन से छुटकारा
छैया छाया / आश्रय संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करना

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"अधरों पे नाम तेरा, दिल में है धाम तेरा..."
इस पंक्ति का अर्थ है कि जब भक्त के मुख पर केवल राम का नाम रहता है, तो उसका हृदय मंदिर बन जाता है जहाँ भगवान स्वयं निवास करते हैं।

"अयोध्या के वासी तू, सब घट के वासी तू..."
यहाँ कवि बता रहा है कि भगवान राम केवल भौगोलिक रूप से अयोध्या तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण ब्रह्मांड और हर प्राणी के भीतर विराजमान हैं।

"हनुमत के सीने में, तू ही तो समाया है..."
यह पंक्ति हनुमान जी की अनन्य राम भक्ति को दर्शाती है, जिनके रोम-रोम में केवल श्रीराम का वास है।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

श्री राम राम रामेति, रमे रामे मनोरमे।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, राम नाम वरानने॥

(अर्थात: विष्णु सहस्रनाम के समान ही 'राम' नाम का स्मरण भी पवित्र और फलदायी है।)

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम बोलो राम राम राम (Bolo Ram Ram Ram)
गायक / रचनाकार सनी हरी (Sunny Hari)
आराध्य देव भगवान श्री राम, माता सीता, हनुमान जी
संगीत शैली भक्ति संगीत / संकीर्तन
भाषा हिंदी / अवधी
प्रमुख भाव शरणागति, भक्ति, प्रेम, स्मरण
उपयुक्त अवसर प्रातः पूजा, रामनवमी, सत्संग, दैनिक वंदना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस भजन को सुप्रसिद्ध गायक सनी हरी (Sunny Hari) द्वारा स्वरबद्ध किया गया है।

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम के निरंतर जाप से मानसिक शांति, पापों से मुक्ति और अंतःकरण की शुद्धि होती है। यह कलियुग में मोक्ष का सबसे सुलभ साधन माना गया है।

प्रातःकाल पूजा के समय, संध्या वंदना या किसी भी सत्संग और धार्मिक अनुष्ठान के दौरान इस भजन को गाना अत्यंत फलदायी होता है।

हाँ, भक्तिलok पर आपको इस भजन के संपूर्ण लिरिक्स शुद्ध देवनागरी लिपि में और सरल अर्थ के साथ उपलब्ध कराए गए हैं।

संत तुलसीदास जी के अनुसार राम का नाम स्वयं भगवान से भी अधिक महिमावान है, क्योंकि नाम के स्मरण मात्र से बड़े-बड़े संकट टल जाते हैं।

निश्चित रूप से! इस भजन की धुन और शब्द बहुत सरल हैं, जिससे बच्चे इसे आसानी से याद कर सकते हैं और उनमें बचपन से ही धार्मिक संस्कार विकसित होते हैं।

प्रतिदिन सुबह या शाम के समय एक या दो बार इस भजन को सुनने या गुनगुनाने से घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बनता है।

रामनवमी और दीपावली जैसे पावन पर्वों पर इस भजन का गायन विशेष रूप से उत्सव के आनंद को दोगुना कर देता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। इस आलेख में प्रस्तुत भजन के बोल, अर्थ और आध्यात्मिक व्याख्या को पारंपरिक सनातन ग्रंथों, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस तथा आधुनिक भक्ति संगीत के मानदंडों के अनुसार सत्यापित किया गया है। हमारा उद्देश्य पाठकों को प्रामाणिक, शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली भक्ति सामग्री प्रदान करना है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • श्रीरामचरितमानस - गोस्वामी तुलसीदास जी (बालकाण्ड एवं उत्तरकाण्ड संदर्भ)
  • वाल्मीकि रामायण - पारंपरिक संस्करण
  • सनातन भक्ति संगीत परंपरा एवं लोक संकीर्तन संग्रह
  • भक्तिलok संपादन कक्ष - धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभिलेख

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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