Ram Bhajan

तू ही दाता विश्व विधता लिरिक्स (Tu Hi Data Vishv Vidhata Lyrics in Hindi) - Hey Ram Hey Ram - Bhaktilok

436 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

हे राम: विश्व के दाता की स्तुति

अपने हृदय की भक्ति से यह भजन गाएं और श्री राम की कृपा को प्राप्त करें।

 तू ही दाता विश्व विधता लिरिक्स (Tu Hi Data Vishv Vidhata Lyrics in Hindi) -हे राम हे रामजग में साचो तेरो नाम हे राम हे रामहे राम हे राम तू ही माता तू ही पिता हैतू ही माता तू ही पिता है तू ही तो है राधा का श्यामहे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे रामजग में साचो तेरो नाम हे राम हे रामहे राम हे राम तू अंतर्यामी सबका स्वामीतू अंतर्यामी सबका स्वामी तेरे चरणों में चारो धामहे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे रामजग में साचो तेरो नाम हे राम हे रामहे राम हे राम तू ही बिगाड़े तू ही सवारेतू ही बिगाड़े तू ही सवारे इस जग के सारे कामहे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे रामजग में साचो तेरो नाम हे राम हे रामहे राम हे राम तू ही जगदाता विश्वविधता.तू ही जगदाता विश्वविधता तू ही सुबह तू ही शामहे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे रामजग में साचो तेरो नाम हे राम हे रामहे राम हे राम *** Singer - Jagjit Singh ***
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्यテーマ भगवान राम को सर्वशक्तिमान और दाता के रूप में वर्णित करना है। 'तू ही दाता विश्व विधता' कहकर भगवान राम को सृष्टि के रचियता और इस जग के सभी जीवों के पालनहार के रूप में देखा गया है। यह पद भगवान के प्रति भक्ति और श्रद्धा दर्शाता है। इसके साथ ही, 'तू ही माता तू ही पिता है' से यह बताता है कि श्री राम केवल एक पूज्य देवता नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक संरक्षक और अभिभावक हैं। भजन की यह पंक्ति दर्शाती है कि भगवान समाप्ति तक हमारे साथ हैं, हमें शक्ति और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

भजन का भावार्थ हमें भगवान राम की दया और करुणा के प्रति ध्यान केंद्रित करता है। 'तेरे चरणों में चारो धाम' की पंक्ति से यह बात उजागर होती है कि जहां कहीं भी व्यक्ति भगवान राम की शरण में जाता है, वहां उसे चारों धामों का लाभ मिलता है। एक भक्ति मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति के लिए, यह भजन मन की शांति और संतोष प्रदान करता है। जब श्रद्धालु 'हे राम' का जाप करता है, तो उसका मन और आत्मा भक्ति से भर जाती है, जिससे उसे आंतरिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है।

इस भजन में भगवान राम को संसार का स्वामी और अंतर्यामी बताया गया है। भक्ति मार्ग की यह विशेषता है कि भक्त अपने हृदय की गहराइयों से भगवान को पुकारता है। 'तू ही बिगाड़े तू ही सवारे' इस भाव को प्रस्तुत करता है कि हम सभी के भाग्य का निर्धारण भगवान के हाथ में है। भक्त की वास्तविकता यह है कि वह अपने जीवन की सारी परेशानियों को भगवान के दर पर रखता है। यह भजन भगवान में पूर्ण समर्पण की अभिव्यक्ति करता है, जो कि भक्ति का सर्वोच्च स्तर है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन श्री राम की महिमा का वर्णन करता है, जो हिंदू धर्म के महाकाव्य रामायण में प्रमुखता से वर्णित है। रामayana में भगवान राम को धर्म के प्रतीक और आदर्श मानवता के रूप में देखा गया है। यह भजन उन भक्तों के लिए प्रेरणादायक है, जिन्होंने अपने जीवन में संकट के समय भगवान राम की शक्ति को अनुभव किया। श्री राम के प्रति इस तरह भक्ति का स्वरूप हमें उनके अद्वितीय गुणों को समझने और जीवन में अनुशासन लाने की प्रेरणा देता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का नियमित जाप मानसिक शांति, स्थिरता और विचारों की स्पष्टता उत्पन्न करता है। यह तनाव को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक है। अपने हृदय को भगवान राम के प्रति खोलने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और इस भजन की सच्ची भावना हमें आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

सुबह के समय, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में इस भजन का पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है। भक्ति के साथ बैठकर एक दीपक जलाएं और राम के चरणों में पुष्प अर्पित करें। प्रार्थना करते समय शांत और समर्पित स्थिति में बैठें, ताकि आप भगवान के प्रति अपनी भक्ति को सच्चे हृदय से प्रकट कर सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

तू ही दाता विश्व विधता का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति का अर्थ है कि भगवान राम इस संसार के सृष्टि और पालनहार हैं, जो सभी जीवों के कल्याण की चिंतन करते हैं।

क्या इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है?

हाँ, इस भजन का जाप करने से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है, और इससे मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है।

क्या मैं इस भजन का पाठ किसी भी समय कर सकता हूँ?

हालांकि, सुबह का समय सर्वोत्तम है। सुबह की ताजगी में, भगवान के प्रति भक्ति और ध्यान में गहराई आती है।

श्रेणियां: Ram Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!