Shyam Bhajan

तेरे नाम के पागल हैं (Tere Naam Ke Pagal Hain Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan by Anjali Dwivedi - Bhaktilok

107 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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तेरे नाम के पागल हैं (Tere Naam Ke Pagal Hain Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan by Anjali Dwivedi

लेखक: संपादन टीम Bhaktilok | श्रेणी: श्याम भजन | गायक: अंजलि द्विवेदी (Anjali Dwivedi)

कलिजुग में बाबा श्याम (खाटू श्याम जी) की महिमा अपरंपार है और उनके भक्तों का उनके प्रति अनन्य प्रेम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। अंजलि द्विवेदी की मधुर और soulful आवाज़ में गाया गया यह लोकप्रिय श्याम भजन "तेरे नाम के पागल हैं" भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। यह भजन केवल एक संगीत रचना नहीं है, बल्कि यह भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप खाटू श्याम के प्रति एक आस्तिक भक्त की पराकाष्ठा, समर्पण, और अलौकिक प्रेम की जीवंत अभिव्यक्ति है। जब एक साधक या भक्त अपने इष्ट के नाम में पूरी तरह लीन हो जाता है, तो उसे संसार के सुख-दुख, मान-अपमान और भौतिक बंधनों की कोई परवाह नहीं रहती। इस भजन में उसी प्रेम-दीवानेपन (मस्ती) का सजीव चित्रण किया गया है जहाँ भक्त यह घोषणा करता है कि उसे श्याम बाबा का सानिध्य मिल जाने के बाद इस संसार की किसी भी अन्य वस्तु या रिश्ते की कोई अभिलाषा नहीं शेष रही। इस विस्तृत आलेख में हम इस पावन भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स, शब्दार्थ, पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ और इसके आध्यात्मिक महत्व का रसास्वादन करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन — शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें:

तेरे नाम के पागल हैं, हमें दुनिया की परवाह नहीं,
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं।
तेरे नाम के पागल हैं...

श्याम का प्रेमी होना प्यारे, छोटी बात नहीं है,
श्याम प्रेम से बढ़के, दूजी कोई सौगात नहीं है।
श्याम प्रेम से बढ़के, जग में कोई सौगात नहीं है,
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं।
तेरा साथ मिला हमको, किसी और के साथ की चाह नहीं,
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं।
तेरे नाम के पागल हैं...

हर दिन हर पल तेरे प्रेम की, मस्ती चढ़ जाए,
तेरे कीर्तन भजन बिना, हमें और ना कुछ भी भाये।
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं,
तेरा रंग चढ़ा हम पे, किसी और रंग की चाह नहीं।
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं,
तेरे नाम के पागल हैं...

श्याम से रिश्ता जोड़ के, मोहित मालामाल हुए हैं,
श्याम के थोड़ा करीब आके, हम निहाल हुए हैं।
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं,
हमें इतना मिला सम्मान, किसी और मान की चाह नहीं।
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं,
तेरे नाम के पागल हैं...

तेरे नाम के पागल हैं, हमें दुनिया की परवाह नहीं,
तुमको पाके इस जीवन की, अब तो कोई चाह नहीं।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

अंजलि द्विवेदी द्वारा स्वरबद्ध यह भजन भक्त और भगवान के मधुर, अनन्य और गाढ़ संबंधों की गहराई को प्रकट करता है। भजन की हर एक पंक्ति में परमतत्व के प्रति पूर्ण समर्पण (आत्म-समर्पण) झलकता है।

स्थायी (मukhda) का भाव: भक्त बाबा श्याम को संबोधित करते हुए कहता है कि हम तो केवल तुम्हारे नाम के दीवाने (पागल) हो चुके हैं। जब इंसान को साक्षात् प्रेम का अनुभव हो जाता है, तो उसे बाहरी दुनिया, समाज की आलोचना या वाहवाही की कोई चिंता नहीं सताती। श्याम को पा लेने का अर्थ है जीवन की समस्त इच्छाओं की पूर्ति हो जाना। इसके बाद संसार की किसी भी भौतिक वस्तु की लालसा शेष नहीं रहती।

प्रथम अंतरे का भाव: कवि या रचनाकार स्पष्ट करता है कि खाटू श्याम (श्री कृष्ण) का सच्चा प्रेमी बनना कोई साधारण बात नहीं है। यह कोटि-कोटि जन्मों के पुण्यों का फल है। इस संसार में श्याम के प्रेम से बढ़कर कोई अन्य उपहार या सौगात हो ही नहीं सकती। जब श्याम का साथ मिल जाता है, तो किसी अन्य सहारे या व्यक्ति के साथ की आवश्यकता ही नहीं महसूस होती।

द्वितीय अंतरे का भाव: भक्त की यह अभिलाषा है कि उसके मन पर केवल श्याम नाम का ही रंग चढ़ा रहे। सांसारिक मोह-माया के रंग फीके पड़ जाएं और उसे केवल बाबा के कीर्तन, सत्संग और भजन में ही आनंद आए। इस भक्ति की मस्ती में वह इस प्रकार डूब चुका है कि उसे अन्य किसी सुख की इच्छा नहीं है।

तृतीय अंतरे का भाव: अंत में भक्त बताता है कि श्याम बाबा से नाता जोड़कर वह आन्तरिक रूप से मालामाल (धनी) हो गया है। उसे संसार में जो सम्मान और प्रेम मिला है, वह केवल श्याम की कृपा का परिणाम है। अब उसे किसी अन्य मान-सम्मान या यश की कोई लालसा नहीं है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • ✓ अनन्य भक्ति का संदेश: यह भजन साधक को संसार के बंधनों से मुक्त होकर केवल प्रभु भक्ति में लीन होने की प्रेरणा देता है।
  • ✓ मधुर स्वर और संगीत: अंजलि द्विवेदी की भावपूर्ण गायकी इसे सुनने वालों के दिलों में सीधा उतर जाने वाला भजन बनाती है।
  • ✓ खाटू श्याम महिमा: हारे के सहारे बाबा श्याम के भक्तों के बीच यह संकीर्तन और उत्सवों का एक मुख्य भजन है।
  • ✓ मानसिक शांति और सकारात्मकता: इस भजन के नियमित श्रवण या गायन से मन का तनाव दूर होता है और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत को अपनाने के लिए किसी विशेष नियम की आवश्यकता नहीं होती, फिर भी यदि इसे विधि-विधान से गाया जाए तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है:

  • उचित समय: ब्रह्म मुहूर्त में, संध्याकालीन पूजा के समय, या एकादशी व फाल्गुन महोत्सव के दौरान इस भजन को सुनना अत्यंत फलदायी माना गया है।
  • स्थान: घर के मंदिर में, खाटू श्याम के दरबार में, या किसी भी श्याम सत्संग व संकीर्तन मंडली में इसे सामूहिक रूप से गाया जा सकता है।
  • भाव: भजन गाते समय मन में पूर्ण समर्पण और बाबा श्याम के प्रति अगाध विश्वास होना चाहिए।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में महाभारत काल के वीर योद्धा और कलिजुग के देवता श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक जी) हैं। बर्बरीक जी ने अपनी वीरता और भगवान श्री कृष्ण को अपना शीश दान देने के कारण यह वरदान प्राप्त किया था कि कलिजुग में उन्हें 'श्याम' के नाम से पूजा जाएगा और वे 'हारे का सहारा' बनेंगे।

श्याम बाबा के संकीर्तन में उनके भक्त अपने अहंकार को त्यागकर उनके चरणों में समर्पित हो जाते हैं। आप खाटू श्याम जी के अन्य लोकप्रिय भजनों जैसे हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा और श्याम चले आओ भजन के माध्यम से भी अपनी भक्ति को और प्रगाढ़ कर सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संधर्भित भाव
पागल दीवाना, प्रेम में सुधि-बुधि खो देने वाला भगवान के प्रति अनन्य एवं अटूट प्रेम
सौगात उपहार, भेंट श्याम का प्रेम जीवन का सबसे बड़ा उपहार है
निहाल प्रसन्न, कृतकृत्य, संतुष्ट बाबा की कृपा से जीवन का सफल हो जाना
मस्ती आनंद, अलौकिक उल्लास भक्ति रस में सराबोर होने की स्थिति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. "तेरे नाम के पागल हैं" भजन की गायिका कौन हैं?

यह लोकप्रिय श्याम भजन प्रसिद्ध गायिका अंजलि द्विवेदी (Anjali Dwivedi) द्वारा गाया गया है।

Q2. यह भजन किस भगवान को समर्पित है?

यह भजन कलिजुग के अवतार भगवान श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक जी) को समर्पित है।

Q3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम, संसार की मोह-माया से विरक्ति और पूर्ण समर्पण है।

Q4. क्या इस भजन को घर पर संकीर्तन के दौरान गाया जा सकता है?

हाँ, यह भजन किसी भी श्याम संकीर्तन, एकादशी पूजा या पारिवारिक सत्संग में आसानी से गाया जा सकता है।

Q5. श्याम प्रेम को जीवन में क्यों सबसे महत्वपूर्ण माना गया है?

क्योंकि श्याम प्रेम साधक को सभी प्रकार के सांसारिक दुखों और चिंताओं से मुक्त करके परमानंद की प्राप्ति कराता है।

Q6. खाटू श्याम जी का मेला कब प्रसिद्ध है?

खाटू श्याम जी का वार्षिक फाल्गुन लक्खी मेला फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के आसपास अत्यंत भव्य रूप से आयोजित होता है।

Q7. इस भजन के बोल कहाँ से प्राप्त हो सकते हैं?

आप इस भजन के सम्पूर्ण और शुद्ध बोल Bhaktilok.in से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

Q8. क्या श्याम भजन सुनने से मानसिक शांति मिलती है?

हाँ, श्याम भजन और संकीर्तन सुनने से मन को असीम शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्थिरता मिलती है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम तेरे नाम के पागल हैं (Tere Naam Ke Pagal Hain)
गायक / कलाकार अंजलि द्विवेदी (Anjali Dwivedi)
इष्ट देव श्री खाटू श्याम जी (बाबा श्याम)
श्रेणी श्याम भजन / भक्ति गीत
भाषा सरल हिंदी / ब्रज भावानुकूल
मुख्य भाव अनन्य प्रेम, समर्पण और भक्ति की मस्ती
उपयुक्त अवसर एकादशी, श्याम सत्संग, मासिक कीर्तन एवं दैनिक स्मरण

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

Bhaktilok.in पर प्रकाशित यह सामग्री सनातन धर्म, भक्ति परंपरा और खाटू श्याम संकीर्तन के प्रमाणित स्रोतों एवं लोक-साहित्य के आधार पर संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। हमारा उद्देश्य भक्तों तक शुद्ध लिरिक्स और उनका आध्यात्मिक भाव पहुंचाना है।

स्रोत एवं संदर्भ

पारंपरिक श्याम संकीर्तन मंडलियों के मौखिक एवं लिखित संग्रह, खाटू श्याम महिमा ग्रंथ तथा आधुनिक भक्ति संगीत मंचों से संकलित।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Sep 2026

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