Ram Bhajan

मने राम नाम धुन लागी आज लिरिक्स (Mane Ram Naam Dhun Lagi Aaj Lyrics in Hindi) - Shri Ram Bhajan - Bhaktilok

120 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

"मने राम नाम धुन लागी आज" एक अत्यंत हृदयस्पर्शी और भक्तिपूर्ण भजन है, जो प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। यह भजन विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो संसार की मोह-माया से विरक्त होकर प्रभु के नाम संकीर्तन में लीन होना चाहते हैं। इस भजन का भाव 'प्रेम लक्षणा भक्ति' का है, जहाँ भक्त का रोम-रोम प्रभु के नाम के रंग में रंग गया है। सत्संग की महिमा और गुरु की कृपा से हृदय के कपाट खुलने का वर्णन इस भजन को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध बनाता है। यह भजन न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि साधक को आत्म-साक्षात्कार की दिशा में भी प्रेरित करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मने राम नाम धुन लागी आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
मैं तो मोह माया ने त्यागी आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

ऐसी लगन हरी संग लागी आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
सब बंधन जग का छूट्या आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

हरी चरणा में रम जाऊँ आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
मने राम नाम धुन लागी आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

गुरु अंतर का पट खोल्या आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
हरी नाम बिना नहीं दूजो काज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

म्हारे रोम रोम में बस गया राम,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
हरी कारण छोड़ी लोक ने लाज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

म्हारा सपना में रामजी पधारया आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
म्हारी जनम जनम की मिट गई प्यास,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

मने मिल गयो राम को आशीर्वाद,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो।
मैं तो झूम झूम हरी गुण गाऊं आज,
सतसंग में म्हारो मन लाग्यो॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मुख्य भाव 'सत्संग' और 'नाम जप' की महिमा है। भक्त कहता है कि आज मेरे मन में प्रभु श्री राम के नाम की ऐसी धुन लगी है कि अब मुझे संसार की मोह-माया व्यर्थ लगने लगी है। सत्संग के माध्यम से भक्त का मन सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर प्रभु के चरणों में रम गया है। गुरु ने भक्त के हृदय के अज्ञान रूपी कपाट खोल दिए हैं, जिससे उसे यह बोध हुआ है कि प्रभु के नाम के अतिरिक्त संसार में कोई अन्य कार्य श्रेष्ठ नहीं है। यह भजन उस अवस्था का वर्णन करता है जहाँ भक्त को स्वप्न में भी प्रभु के दर्शन होते हैं और उसके जन्म-जन्मांतर की तृष्णा शांत हो जाती है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति भाव: यह भजन 'दास्य' और 'प्रेम' भाव का मिश्रण है।
  • सत्संग का महत्व: भजन स्पष्ट करता है कि सत्संग ही वह मार्ग है जो जीव को माया से हटाकर ईश्वर से जोड़ता है।
  • गुरु की कृपा: गुरु को ही वह शक्ति माना गया है जो हृदय के कपाट खोलकर ईश्वर से साक्षात्कार कराती है।
  • नाम संकीर्तन: राम नाम की धुन को ही मोक्ष का सरल मार्ग बताया गया है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, परंतु ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) या संध्या काल में इसका गायन विशेष फलदायी होता है। इसे सामूहिक सत्संग, मंदिर में कीर्तन, या घर पर एकांत में बैठकर गाया जा सकता है। गाते समय मन में प्रभु श्री राम की छवि का ध्यान रखें और लयबद्ध होकर इसे गाएं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
धुन लगाव या निरंतर स्मरण
सतसंग सत्य का साथ (ईश्वर चर्चा)
पट कपाट या दरवाजे (अज्ञान के)
लोक लाज संसार की मर्यादा या लोक-लज्जा

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मने राम नाम धुन लागी आज
इष्ट देव प्रभु श्री राम
मुख्य विषय भक्ति, सत्संग, समर्पण
भाषा राजस्थानी मिश्रित हिंदी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस भजन को प्रातःकाल या संध्याकालीन आरती के समय गाना सबसे उत्तम माना जाता है।

सत्संग का अर्थ है 'सत्य का संग'। ईश्वर के नाम का गुणगान करना और संतों के विचारों को सुनना ही सत्संग है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। अधिक जानकारी के लिए हमारे अन्य लेख जैसे श्री राम स्तुति और हनुमान चालीसा पढ़ें।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह भजन पारंपरिक भक्ति साहित्य और लोक परंपराओं से संकलित है। इसका भावार्थ श्रीमद्भगवद्गीता और रामचरितमानस के भक्ति सिद्धांतों पर आधारित है।

श्रेणियां: Ram Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!