देह खेह होय जायगी कौन कहेगा देह दोहे का अर्थ(Deh Kheh Hoy jayagei Kaun Kahega Deh Dohe Ka Arth in Hindi):-
देह खेह होय जायगी, कौन कहेगा देह।निश्चय कर उपकार ही, जीवन का फन येह।
देह खेह होय जायगी कौन कहेगा देह दोहे का अर्थ(Deh Kheh Hoy jayagei Kaun Kahega Deh Dohe Ka Arth in Hindi):-
मरने के पश्चात् तुमसे कौन देने को कहेगा ? अतः निश्चित पूर्वक परोपकार करो, यही जीवन का फल है।
