Hanuman Bhajan

प्रभु राम का सेवक हूं लिरिक्स (Prabhu Ram Ka Sevak Hu Lyrics in Hindi) - Anjna Pardes Hanuman Bhajan - Bhaktilok

125 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"प्रभु राम का सेवक हूं" - यह भजन भक्ति की उस पराकाष्ठा को दर्शाता है जहाँ भक्त स्वयं को पूर्णतः अपने आराध्य के चरणों में समर्पित कर देता है। अंजना परदेस द्वारा स्वरबद्ध यह हनुमान भजन न केवल एक मधुर रचना है, बल्कि यह राम-भक्ति और हनुमान जी के प्रति अटूट निष्ठा का एक जीवंत उदाहरण है। इस भजन में 'सेवक' भाव की प्रधानता है, जो दास्य भक्ति का प्रतीक है। जब भक्त अपनी सांसों की माला में प्रभु का नाम पिरो लेता है, तो जीवन की समस्त बाधाएं स्वतः ही दूर होने लगती हैं। यह भजन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी की आराधना, सत्संग, और व्यक्तिगत साधना के समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। हनुमान जी, जो स्वयं 'राम-काज' के लिए समर्पित हैं, उनके चरणों में स्वयं को 'सेवक' के रूप में देखना भक्त के अहंकार के विसर्जन का मार्ग प्रशस्त करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

प्रभु राम का सेवक हूं,
हनुमान का सेवक हूं,
बाला जी अब ध्यान करो,
भक्तो का कल्याण करो,
भगवान का सेवक हूं,
बाला जी अब ध्यान करो,
भक्तो का कल्याण करो।

मेरी सांसों की माला,
ले प्रभु तेरा नाम,
तेरी पूजा तेरा वंदन,
करू सुबह शाम,
तेरे चरणों का सेवक हूं,
बाला जी अब ध्यान करो,
भक्तो का कल्याण करो।

जीवन नैया भटक रही है,
मंजिल कैसे पाऊं,
तेरी छैया मिले तो बाबा,
खुशियाँ भी मैं पाऊं,
डूबी नईया का सेवक हूं,
बाला जी अब ध्यान करो,
भक्तो का कल्याण करो।

राम भक्त तुम सबसे प्यारे,
संकट मोचन नाम,
जो भी आए शरण तुम्हारी,
पाए सुख विश्राम,
तेरी भक्ति का सेवक हूं,
बाला जी अब ध्यान करो,
भक्तो का कल्याण करो।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'शरणागति' है। भक्त हनुमान जी को संबोधित करते हुए कहता है कि वह प्रभु राम का दास है और हनुमान जी का सेवक है। 'बाला जी' हनुमान जी का ही एक स्वरूप है जो भक्तों के कष्टों को हरने वाले हैं। भक्त अपनी सांसों को प्रभु के नाम से जोड़कर निरंतर स्मरण की स्थिति में रहने की प्रार्थना करता है। जीवन की तुलना एक भटकती हुई 'नैया' (नाव) से की गई है, जिसे केवल हनुमान जी की कृपा रूपी छाया ही सही दिशा दे सकती है। यह भजन सिखाता है कि जब हम स्वयं को प्रभु के चरणों में समर्पित कर देते हैं, तो जीवन के सभी संकट स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • दास्य भक्ति: यह भजन दास्य भाव की पराकाष्ठा है, जहाँ भक्त स्वयं को हनुमान जी का सेवक मानकर अहंकार का त्याग करता है।
  • संकट मोचन भाव: हनुमान जी को 'संकट मोचन' कहा गया है, जो भक्तों के दुखों को दूर करने में समर्थ हैं।
  • निरंतर स्मरण: 'सांसों की माला' का अर्थ है कि प्रभु का नाम हर श्वास के साथ जुड़ा होना चाहिए।
  • मानसिक शांति: इस भजन का श्रवण मन को एकाग्र करने और नकारात्मक विचारों को दूर करने में सहायक है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

यह भजन मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर में या घर पर हनुमान जी की पूजा के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे प्रातः काल ध्यान के समय या संध्या आरती के बाद भी गाया जा सकता है। भजन गाते समय मन में हनुमान जी के 'राम-भक्त' स्वरूप का ध्यान करना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
सेवक दास या सेवा करने वाला भक्त का हनुमान जी के प्रति भाव
बाला जी हनुमान जी का बाल स्वरूप आराध्य देव
नैया नाव जीवन रूपी संसार
संकट मोचन दुखों को दूर करने वाला हनुमान जी का विशेषण

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम प्रभु राम का सेवक हूं
आराध्य देव श्री हनुमान (बाला जी)
भाषा हिंदी
भाव दास्य भक्ति, समर्पण
उपयुक्त अवसर मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह भजन प्रसिद्ध गायिका अंजना परदेस द्वारा स्वरबद्ध किया गया है।

हनुमान जी की आराधना के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य, हनुमान चालीसा के भावार्थ और लोक-भजनों की परंपरा पर आधारित है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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