Parvati Stotram

माझा बाप्पा किती गोड दिसतो लिरिक्स (Majha Bappa Kiti God Disto Lyrics in Hindi) - Deeya Wadkar Ganesh Bhajan - Bhaktilok

1,132 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

सोनं पावलांनी आले बाप्पा

शेंदूर मस्तकी लावून टिळा

सोन पावलांनी आले बाप्पा

शेंदूर मस्तकी लावून टिळा


माझा बाप्पा किती गोड दिसतो

माझा मोरया किती गोड दिसतो

माझा बाप्पा किती गोड दिसतो

माझा मोरया किती गोड दिसतो


सुंदर निरागस रूप हे तुझे

भक्तीत तल्लीन झाले मन माझे

सुंदर निरागस रूप हे तुझे

भक्तीत तल्लीन झाले मन माझे


तू विश्वाचा पालनहारी

किमया तुझी देवा आहे न्यारी

तू विश्वाचा पालनहारी

किमया तुझी देवा आहे न्यारी


माझा बाप्पा किती गोड दिसतो

माझा मोरया किती गोड दिसतो

माझा बाप्पा किती गोड दिसतो

माझा मोरया किती गोड दिसतो


माझा मोरया रं

तू विश्वाचा पालनहारी

किमया तुझी देवा आहे न्यारी

तू विश्वाचा पालनहारी

किमया तुझी देवा आहे न्यारी


सोनं पावलांनी आले बाप्पा

शेंदूर मस्तकी लावून टिळा

सोन पावलांनी आले बाप्पा

शेंदूर मस्तकी लावून टिळा ||

माझा बाप्पा किती गोड दिसतो लिरिक्स (Majha Bappa Kiti God Disto Lyrics in Hindi) - Deeya Wadkar Ganesh Bhajan - Bhaktilok
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी का यह भजन "माझा बाप्पा किती गोड दिसतो लिरिक्स (Majha Bappa Kiti God Disto Lyrics in Hindi) - Deeya Wadkar Ganesh Bhajan - Bhaktilok" सभी कार्यों के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना से गाया जाता है। विघ्नहर्ता गणेश जी बुद्धि, ज्ञान और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं। इस भजन के प्रत्येक शब्द में गणेश जी के गजमुख, विशाल उदर, और चूषक वाहन का सुंदर वर्णन है।

इस भजन की मूल भावना विघ्न विनाश और शुभ-लाभ की प्राप्ति की है। जीवन में जब भी कोई नया कार्य प्रारंभ करना हो, तो गणेश जी का स्मरण करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि वे ऋद्धि-सिद्धि के प्रदाता हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

गणेश पुराण के अनुसार, श्री गणेश जी की स्तुति और भजन सुनने से बुद्धि का विकास होता है, विद्या अर्जन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और घर में शांति का वातावरण बनता है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। गणेश संकीर्तन से मानसिक अशांति दूर होती है, बुद्धि कुशाग्र होती है और किसी भी कार्य में आने वाली विघ्न-बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

बुधवार और गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी के सम्मुख दूर्वा और मोदक अर्पित कर इस भजन का संकीर्तन करें। गायन के समय सिंदूर का तिलक लगाना शुभ होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गणेश जी की पूजा में 'दूर्वा' (दूब घास) क्यों चढ़ाई जाती है?

दूर्वा शीतलता प्रदान करने वाली है। अनलासुर नामक दैत्य को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में उत्पन्न जलन को शांत करने के लिए मुनियों ने उन्हें दूर्वा चढ़ाई थी। तब से गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।

गणेश जी के भजन किस दिन विशेष रूप से गाने चाहिए?

बुधवार का दिन और हर माह आने वाली संकष्टी व विनायक चतुर्थी की तिथियां गणेश आराधना के लिए सर्वोत्तम हैं।

क्या प्रथम पूज्य गणेश जी का स्मरण हर पूजा से पहले जरूरी है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव से मिले वरदान के कारण किसी भी शुभ कार्य या देव पूजा की शुरुआत गणेश जी के पूजन व स्मरण से ही की जाती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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