Krishna Bhajan

जरुर सुनना ये भजन |Krishna Bhajan 2023 |Shyam Bhajan 2023 |bhajan |New Krishna Bhajan 2023 | bhajan - Bhaktilok

62 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भक्ति और संगीत का संगम ही वह मार्ग है जो जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ता है। "जरुर सुनना ये भजन" (Krishna Bhajan 2023) की यह श्रृंखला उन भक्तों के लिए है जो कलयुग की भागदौड़ भरी जिंदगी में श्री कृष्ण के प्रेम और उनकी मधुर बांसुरी की तान को अपने हृदय में अनुभव करना चाहते हैं। यह भजन न केवल कानों को प्रिय लगने वाला एक मधुर गीत है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक साधना है जो मन को शांत, स्थिर और प्रभु के चरणों में समर्पित करने में सहायक सिद्ध होती है। इस भजन में निहित भाव, श्री श्याम की करुणा और राधा रानी की भक्ति का वह अद्भुत मिश्रण है, जो सुनने वाले के अंतर्मन को पवित्र कर देता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

(मुखड़ा)
जरुर सुनना ये भजन, मन को शांति दे जाएगा,
मेरे सांवरे की यादों में, यह दिल खो जाएगा।
श्याम की मुरली की धुन, कानों में जब आएगी,
भक्ति की पावन धारा, जीवन में बह जाएगी।

(अंतरा 1)
दुनिया के इन झमेलों से, कुछ पल तो दूर हो जा,
मेरे बांके बिहारी के, चरणों में चूर हो जा।
जो भी मांगा है दिल से, वो सब मिल जाएगा,
मेरे सांवरे की यादों में, यह दिल खो जाएगा।

(अंतरा 2)
राधा रानी की कृपा, जिस पर भी बरसती है,
उसकी हर एक इच्छा, प्रभु पूरी करते हैं।
प्रेम की इस नगरी में, हर कोई खो जाएगा,
मेरे सांवरे की यादों में, यह दिल खो जाएगा।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मुख्य भाव 'शरणागति' और 'स्मरण' है। भक्त यहाँ प्रभु के नाम और उनकी मुरली की धुन को संसार के दुखों से मुक्ति का एकमात्र साधन मानता है। "जरुर सुनना ये भजन" का आह्वान केवल एक गीत सुनने के लिए नहीं, बल्कि उस दिव्य ध्वनि को सुनने के लिए है जो हमारे भीतर निरंतर गूंज रही है। जब हम सांसारिक चिंताओं को त्यागकर श्याम के चरणों में ध्यान लगाते हैं, तो मन की चंचलता समाप्त हो जाती है। राधा रानी की कृपा का उल्लेख यहाँ भक्ति की पराकाष्ठा को दर्शाता है, जहाँ भक्त को विश्वास है कि यदि वह सच्चे हृदय से पुकारेगा, तो प्रभु उसकी हर मनोकामना पूर्ण करेंगे।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे हैं। श्री कृष्ण का 'श्याम' स्वरूप करुणा और प्रेम का प्रतीक है। इस भजन की लय और शब्द संरचना ऐसी है जो ध्यान (Meditation) के लिए अत्यंत उपयुक्त है। इसे सुनने से हृदय में सात्विक भावों का उदय होता है और नकारात्मकता दूर होती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में या संध्या आरती के समय सुन सकते हैं। इसे सुनते समय यदि आप शांत चित्त होकर बैठें और श्री कृष्ण के विग्रह का ध्यान करें, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसे सामूहिक सत्संग या एकांत में भी गाया जा सकता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
सांवरे श्री कृष्ण उनका श्याम वर्ण
मुरली बांसुरी प्रभु का दिव्य नाद
झमेलों संसार की उलझनें माया का बंधन
चरणों में चूर पूर्ण समर्पण भक्ति की पराकाष्ठा

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम जरुर सुनना ये भजन
आराध्य देव श्री कृष्ण (श्याम)
विषय भक्ति एवं समर्पण
भाषा हिंदी
भाव प्रेम एवं शांति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न: यह भजन सुनने का सबसे अच्छा समय क्या है?
    उत्तर: इसे किसी भी समय सुना जा सकता है, लेकिन सुबह का समय मन की शांति के लिए सर्वोत्तम है।
  • प्रश्न: क्या इस भजन को सुनकर ध्यान किया जा सकता है?
    उत्तर: हाँ, इसकी शांत धुन ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में बहुत सहायक है।
  • प्रश्न: राधा-कृष्ण की भक्ति का क्या महत्व है?
    उत्तर: राधा-कृष्ण की भक्ति जीव और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री श्रीमद्भागवत पुराण, भक्ति साहित्य और पारंपरिक कृष्ण भजनों के भावों पर आधारित है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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