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श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है (Shyam Prabhu Ki Kirpa Jispe Barasti Hai Lyrics in Hindi) - Khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok

95 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जो खाटू श्याम जी के भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। यह भजन न केवल प्रभु श्री श्याम के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि जिस भक्त पर श्याम बाबा की कृपा दृष्टि पड़ जाती है, उसका जीवन धन्य हो जाता है। खाटू श्याम, जिन्हें कलियुग का अवतार माना जाता है, अपने भक्तों के कष्टों को हरने वाले और उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करने वाले देव हैं। इस भजन का गायन और श्रवण मन को शांति, धैर्य और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना से भर देता है। यह भजन विशेष रूप से एकादशी, फाल्गुन मेले और श्याम संकीर्तन के आयोजनों में गाया जाता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है,
उसकी तो हर एक मन्नत पूरी होती है।
श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है,
उसकी तो हर एक मन्नत पूरी होती है।

जब से मैंने श्याम को अपना माना है,
जीवन का हर पल खुशियों से सजाना है।
जो भी मांगू मैं, वो झोली में भरते हैं,
श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है...

दुख के बादल जब भी जीवन में छाते हैं,
श्याम बाबा ही आकर राह दिखाते हैं।
हारे का सहारा बनकर वो आते हैं,
श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है...

श्याम नाम की महिमा बड़ी निराली है,
जिसने भी पुकारा, उसकी बिगड़ी संभाली है।
भक्तों के दिल में वो सदा ही रहते हैं,
श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ यह है कि भगवान श्याम की कृपा किसी साधारण आशीर्वाद से कहीं बढ़कर है। जब भक्त पूर्ण श्रद्धा के साथ बाबा श्याम की शरण में जाता है, तो प्रभु उसकी हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं। भजन की पंक्तियाँ स्पष्ट करती हैं कि श्याम बाबा 'हारे का सहारा' हैं। जब जीवन में दुख और अंधकार आता है, तब केवल श्याम नाम का स्मरण ही भक्त को उस संकट से बाहर निकालता है। यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर के प्रति समर्पण ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का भाव: यह भजन शरणागति और विश्वास का प्रतीक है।
  • कलियुगी अवतार: खाटू श्याम जी को कलियुग में भक्तों की रक्षा करने वाला देव माना गया है।
  • मानसिक शांति: इस भजन के नियमित श्रवण से मन की चंचलता समाप्त होती है और एकाग्रता बढ़ती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप किसी भी समय गा सकते हैं, परंतु एकादशी के दिन, सुबह की पूजा के समय या श्याम संकीर्तन के दौरान इसका गायन विशेष फलदायी होता है। इसे गाते समय मन में बाबा श्याम की छवि का ध्यान करना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
किरपा कृपा या आशीर्वाद
मन्नत मनोकामना या इच्छा
हारे का सहारा जो निराश लोगों को संबल प्रदान करे
बिगड़ी संभालना कठिन परिस्थितियों को सुधारना

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम श्याम प्रभु की किरपा जिसपे बरसती है
देवता खाटू श्याम जी (श्री कृष्ण)
विषय भक्ति एवं शरणागति
उपयुक्त अवसर एकादशी, श्याम कीर्तन, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

खाटू श्याम जी की पूजा के लिए शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है।

हाँ, आप इसे घर पर अपने दैनिक पूजा पाठ के दौरान श्रद्धापूर्वक गा सकते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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