Parvati Stotram

घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ भजन लिरिक्स (Ghar Mein Padharo Gajanan Ji Lyrics in Hindi) - Sohini Mishra Ganesh Bhajan - Bhaktilok

124 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ भजन लिरिक्स (Ghar Mein Padharo Gajanan Ji Lyrics in Hindi) - Sohini Mishra Ganesh Bhajan - Bhaktilok

भगवान श्री गणेश जी प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता, और मंगलमूर्ति के रूप में सनातन संस्कृति में सर्वोच्च स्थान रखते हैं। सोहिनी मिश्रा (Sohini Mishra) की मधुर वाणी में गाया गया लोकप्रिय गणेश भजन "घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ" देश भर के भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इस पावन भजन में भगवान गणेश के साथ-साथ त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, शिव) और त्रिमाताओं (लक्ष्मी, गौरी, सरस्वती) के साथ-साथ भगवान श्री राम और माता सीता के आह्वान का अत्यंत सुंदर और भावुक वर्णन मिलता है। जब भी घर में कोई मांगलिक कार्य, नया अनुष्ठान, गणेश चतुर्थी, विवाह, या गृह प्रवेश होता है, तो इस भजन का गान करके गणेश जी का स्वागत किया जाता है। इस विस्तृत गाइड में आपको इस भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स, सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ, गायन विधि, और इसके आध्यात्मिक महत्व की पूरी जानकारी मिलेगी।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ
घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ
रिध्धी सिध्धी लेके आओ गणराजा
मेरे घर मे पधारौ।।

राम जी आना लक्ष्मण जी आना
संग मे लाना सीता मैया
मेरे घर मे पधारौ।।

ब्रम्हा जी आना विष्णु जी आना
भोले शंकर को ले आना
मेरे घर मे पधारौ।।

लक्ष्मी जी आना गौरी जी आना
सरस्वती मैया को ले आना
मेरे घर मे पधारौ।।

विघ्न को हरना मंगल करना
कारज शुभ कर जाना
मेरे घर मे पधारौ।।

घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ
रिध्धी सिध्धी लेके आओ गणराजा
मेरे घर मे पधारौ।।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन भगवान गणेश के प्रति एक भक्त की आर्त पुकार और निश्छल समर्पण का प्रतीक है। भक्त अपने आराध्य गजानन से करबद्ध प्रार्थना करता है कि वे अपनी दोनों अर्धांगिनियों—ऋद्धि (समृद्धि और सफलता) और सिद्धि (आध्यात्मिक पूर्णता और उपलब्धि) के साथ उसके घर में विराजमान हों। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य या गृह प्रवेश से पहले भगवान गणेश का आह्वान करना अनिवार्य माना जाता है।

भजन के अगले चरणों में भक्त केवल गणेश जी ही नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के आराध्य देवी-देवताओं को अपने घर आने का निमंत्रण देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, लक्ष्मण जी और माता सीता का आह्वान घर में धर्म, मर्यादा, प्रेम और शांति स्थापित करने का संकेत देता है। इसके बाद सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी, पालनहार विष्णु जी और संहारक एवं कल्याणकारी भोले शंकर (शिव जी) को आमंत्रित कर त्रिमूर्ति की कृपा की कामना की जाती है।

धन और वैभव की देवी महालक्ष्मी, जगत जननी माँ गौरी (पार्वती जी) और विद्या व बुद्धि की अधिष्ठात्री माता सरस्वती के आगमन से घर में सुख, ऐश्वर्य, ज्ञान और पवित्रता का संचार होता है। अंत में भक्त गणेश जी से विनती करता है कि वे उनके जीवन के समस्त विघ्नों (बाधाओं) को हर लें, सभी कार्य मंगलमय बनाएं और हर शुभ कार्य को निर्विघ्न संपन्न कराएं। इस प्रकार यह भजन सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि समस्त देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत पावन माध्यम है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, दीपवाली, नए घर में प्रवेश (गृह प्रवेश), और किसी भी मांगलिक अनुष्ठान के समय विशेष रूप से गाया जाता है। सोहिनी मिश्रा की स्वर लहरियों में सजे इस भजन को सुनकर मन में एक अलौकिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। भगवान गणेश के गजमुख (हाथी के मुख वाले) स्वरूप को बुद्धि का प्रतीक माना जाता है, जो जीवन के हर संकट को दूर करने की क्षमता रखते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को सुबह की पूजा के समय, संध्या वंदन के दौरान, या किसी भी विशेष धार्मिक आयोजन में गाया जा सकता है। भजन गाने या सुनने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें और दूर्वा, मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। एकाग्र चित्त होकर इस भजन का गान करने से मानसिक तनाव दूर होता है और घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर सकारात्मकता का प्रवाह होता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के मुख्य आराध्य देव प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश हैं, जिनके साथ रिद्धि और सिद्धि का वास होता है। इसके साथ ही इसमें भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी, ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी, महालक्ष्मी, माँ गौरी और माँ सरस्वती का स्मरण किया गया है। यह भजन भारतीय संस्कृति की सर्वधर्म समभाव और सनातन दर्शन की समग्रता को दर्शाता है जहाँ सभी देवताओं को एक साथ पूजने की परंपरा है।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

यह एक अत्यंत लोकप्रिय पारंपरिक गणेश भजन है जिसे समय-समय पर कई प्रख्यात गायकों ने अपनी आवाज दी है। गायिका सोहिनी मिश्रा द्वारा गाए गए इस संस्करण ने इसे आधुनिक संगीत प्रेमियों और पारंपरिक भक्तों के बीच एक नया आयाम दिया है। इसकी सरल शब्दावली और लयबद्ध धुन इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के द्वारा आसानी से गाने योग्य बनाती है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन अत्यंत सरल, सहज और मधुर हिंदी/अवधी-ब्रज मिश्रित लोक भाषा में रचित है। इसमें तुकबंदी (Rhyming) का बहुत ही सुंदर प्रयोग किया गया है जैसे— "आना, लाना, मैया", "करना, हरना, जाना"। यह सरल शैली आम जनमानस के हृदय को तुरंत छू लेती है और बिना किसी कठिन शब्द के सीधे ईश्वर तक भाव पहुँचाती है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

इस भजन से हमें यह आध्यात्मिक सीख मिलती है कि जीवन में आने वाली किसी भी बाधा या संकट से घबराने के बजाय प्रथम पूज्य भगवान गणेश का स्मरण करना चाहिए। अहंकार और अज्ञानता को त्यागकर भगवान की शरण में जाने से सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। परिवार में एकता, प्रेम और धार्मिक संस्कारों का होना इस भजन के माध्यम से रेखांकित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए आप श्री हनुमान चालीसा और शिव तांडव स्तोत्र के पावन पाठ भी पढ़ सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / पद सरल अर्थ संदर्भ
गजानँद जी हाथी के मुख वाले भगवान गणेश मुख्य आराध्य देव
रिध्धी-सिध्धी समृद्धि, सफलता और आध्यात्मिक उपलब्धि गणेश जी की देवियां/शक्तियां
गणराजा गणों के राजा, भगवान गणेश संबोधन
विघ्न बाधा, संकट, परेशानी निवारण हेतु प्रार्थना
कारज कार्य, कर्म, अनुष्ठान शुभता की कामना

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ, रिध्धी सिध्धी लेके आओ गणराजा..."
अर्थात हे विघ्नहर्ता गणेश जी! आप अपनी दोनों देवियों रिद्धि और सिद्धि के साथ हमारे निवास स्थान पर पधारें और हमारे घर को पवित्र करें।

"राम जी आना लक्ष्मण जी आना संग मे लाना सीता मैया..."
अर्थात हे प्रभु श्री राम, अनुज लक्ष्मण और माता सीता! आप सभी हमारे घर में आकर हमारे जीवन को मर्यादा और प्रेम से परिपूर्ण करें।

"ब्रम्हा जी आना विष्णु जी आना भोले शंकर को ले आना..."
अर्थात सृष्टि के संचालन से जुड़े ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवता हमारे घर में अपनी दिव्य उपस्थिति दर्ज कराएं।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

गणेश जी के स्मरण के समय निम्नलिखित पावन मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए:

"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥"

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

विवरण तथ्य
भजन का नाम घर मे पधारौ गजानँद जी मेरे घर मे पधारौ
गायक / कलाकार सोहिनी मिश्रा (Sohini Mishra)
मुख्य देवता भगवान श्री गणेश
भाषा सरल हिंदी / लोक भाषा
भक्ति भाव विनय, स्वागत, समर्पण और उत्सव
उपयुक्त अवसर गणेश चतुर्थी, गृह प्रवेश, पूजा, अनुष्ठान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह पावन भजन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी को समर्पित है, जिसमें अन्य प्रमुख देवी-देवताओं का भी आह्वान किया गया है।

इस लोकप्रिय भजन को प्रसिद्ध गायिका सोहिनी मिश्रा (Sohini Mishra) ने अपनी मधुर आवाज में गाया है।

यह गणेश चतुर्थी, गृह प्रवेश, नया व्यापार आरंभ करने, विवाह समारोह और किसी भी मांगलिक उत्सव के समय मुख्य रूप से गाया जाता है।

रिद्धि का अर्थ भौतिक समृद्धि, सफलता और ऐश्वर्य से है, जबकि सिद्धि का अर्थ आध्यात्मिक पूर्णता और बौद्धिक क्षमता से है।

हाँ, दैनिक पूजा, संध्या आरती या विशेष अनुष्ठानों के दौरान इस भजन को पूरी भक्ति के साथ गाया जा सकता है।

भगवान गणेश को मोदक और बेसन के लड्डू सबसे अधिक प्रिय हैं।

इस भजन के श्रवण और गायन से घर के सभी विघ्न दूर होते हैं, मानसिक शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

हाँ, इस लेख में संपूर्ण भजन के लिरिक्स देवनागरी हिंदी लिपि में स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराए गए हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख भक्तों की आध्यात्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक स्रोतों और लोकप्रिय devotional प्रस्तुत Utsavs के आधार पर संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य पाठकों को सटीक लिरिक्स, सरल अर्थ और गणेश भक्ति की गहरी समझ प्रदान करना है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • पारंपरिक सनातन भजन परंपरा एवं लोक संगीत संग्रह
  • श्रीमद्भागवत पुराण एवं गणेश पुराण के संदर्भ
  • सोहिनी मिश्रा द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय गणेश भजन एल्बम

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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