Shyam Bhajan

हारों का एकमात्र सहारा दीनो का रखवाला ( Aisa Shyam Hamara Lyrics in Hindi ) - Shyam Bhajan Priyanka Shyam Diwani BhaktiLok

41 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

श्याम भक्ति: हर समस्या का समाधान

श्याम बाबा की भक्ति हमें कठिनाइयों से उभारती है, यह भजन सुनें और मन को शांति दें।

हारों का एकमात्र सहारा दीनो का रखवाला मोहिनी सूरत भला है, बलिहारी तेरी चाल, एक नज़र जो तुझ पे पड़े, हो जाएं सब मुहाल। कृष्ण कृपा से मिलती सलामती, हर संकट से हैं दूर, प्रेम से तुझे जो पुकारे, उसका सब हाल है दूर। हर सजे जो प्रेमों से, तेरा नाम लेता है यार, कृपा से कर दे सदा, संकट हरण है हमारा प्यारे श्याम।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में 'हारों का एकमात्र सहारा' यानि संकट में डाल दिए गए व्यक्तियों का आशीर्वाद और समर्थन पाने की भावना को दर्शाता है। भजन का आरंभ 'मोहिनी सूरत भला है' से होता है, जिसमें भगवान कृष्ण की मोहक और आकर्षक रूप की चर्चा होती है। यह दर्शाता है कि जब भी भक्त अपनी बाधाओं में घिरे होते हैं, तब वे उनके ऊपर कृपा बरसाने वाले श्याम का ध्यान करते हैं। यह भाव व्यक्ति को यह विश्वास दिलाता है कि कृष्ण की कृपा से हर समस्या का सुलझाव संभव है। भजन में श्री कृष्ण को संकट के क्षणों में राह दिखाने वाले के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो दीनों के रखवाले हैं।

इस भजन में प्रेम और भक्ति का गहराई से उल्लेख किया गया है, जो भक्त और भगवान के बीच के संबंध को मजबूत करता है। 'एक नज़र जो तुझ पे पड़े, हो जाएं सब मुहाल' इस पंक्ति में यह भाव है कि मात्र एक दृष्टि के माध्यम से कष्ट और दुश्वारियों का नाश हो सकता है। भक्तों की यह अपेक्षा होती है कि वे भगवान का ध्यान करने से हर मुश्किल से निकल जाएंगे। यह भजन जाति, धर्म, या सामाजिक स्थिति से परे सभी के लिए भगवान की अपार स्नेह और कृपा का आह्वान करता है, जो मन को दृढ़ता और साहस प्रदान करता है।

भक्ति मार्ग का एक महत्वपूर्ण तत्व यह है कि भक्त अपने हृदय में दिव्य प्रेम और श्रद्धा को बैठाता है। 'कृष्ण कृपा से मिलती सलामती' यह एक शाश्वत सत्य है कि जब हम कृष्ण की भक्ति के मार्ग पर चलने लगते हैं, तब जीवन की कठिनाइयां और समस्याएं तिरोहित होने लगती हैं। भजन हमें याद दिलाता है कि प्रेम और सच्ची भक्ति से भगवान की अनुकंपा प्राप्त होती है, जो न केवल हमारे मानसिक संताप का निवारण करती है, अपितु आत्मा को भी सक्रिय करती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का धार्मिक संदर्भ तत्कालीन पौराणिक कथाओं से जुड़ा है, जहाँ श्री कृष्ण को संकट के समय में मोक्षदाता और भक्तों का रक्षक माना जाता है। भगवद गीता में भी कहा गया है कि 'जो भक्त भक्ति भाव से मुझे स्मरण करते हैं, मैं उनके हर संकट को दूर करता हूँ।' इस प्रकार, कृष्ण की उपासना और उनकी लीलाओं का अद्भुत अनुभव भक्तों को सुनिश्चित करता है कि वे कभी भी अकेले नहीं हैं। यह भजन हमें याद दिलाता है कि भक्ति में शक्ति है और श्री कृष्ण का नाम लेना हर हाल में सुकून देता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित पाठ करने से मानसिक और भावनात्मक तनाव में कमी आती है। भक्तों को संतोष और शांति मिलती है, साथ ही उन्हें अपने जीवन के संघर्षों और संकटों से लड़ने की प्रेरणा भी मिलती है। यह भजन आत्मिक उन्नति, मानसिक स्थिरता और जीवन में संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जप सुबह की प्रार्थना के समय या संध्याकाल में करने से सर्वोत्तम लाभ मिलता है। पूजा के समय प्रज्वलित दीए और ताज़े फूलों का भोग अर्पित किया जाना चाहिए। अनुशासित होकर, सच्चे मन से भजन गाने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है। ध्यान करते समय एक शांत और सुसंगठित मुद्रा में बैठना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि भगवान कृष्ण हमारे संकटों के समय में हमारी सुरक्षा और मदद करते हैं, जब हम सच्चे मन से उन्हें पुकारते हैं।

किस प्रकार इस भजन का पाठ करना चाहिए?

भजन का पाठ सुबह या शाम के समय शांति से किया जाना चाहिए, और भक्त को ध्यान केंद्रित करके और सच्ची श्रद्धा से गाना चाहिए।

इस भजन का मानसिक और आध्यात्मिक लाभ क्या है?

इस भजन का नियमित पाठ करने से मन में शांति और संतोष की भावना विकसित होती है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और आध्यात्मिक उन्नति में सहायता मिलती है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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