उठे तो राम राम बोले तो राम राम (Uthe To Ram Ram Bole To Ram) - हनुमान भजन बबीता शर्मा
URL Slug: 2022/12/uthe-to-ram-ram-bole-to-ram-hanuman.html | Categories: hanuman, Hanuman Bhajan, Hanuman Mantra, Ram Bhajan, Shri Hanuman
"उठे तो राम राम, बोले तो राम राम" - यह पावन भजन भगवान श्री हनुमान जी की अनन्य राम-भक्ति, अगाध समर्पण और उनके रोम-रोम में बसे प्रभु श्रीराम के पावन स्वरूप का अत्यंत जीवंत प्रमाण है। प्रसिद्ध गायिका बबीता शर्मा द्वारा स्वरबद्ध यह भजन भक्त के हृदय में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और संकटमोचन हनुमान जी के प्रति अटूट विश्वास, भक्ति और शरणागति का भाव जागृत करता है। भारतीय सनातन भक्ति परंपरा में, विशेषकर हनुमान उपासना में, राम नाम का संकीर्तन सर्वोपरि माना गया है। हनुमान जी का संपूर्ण जीवन ही प्रभु श्रीराम की सेवा, उनके नाम स्मरण और उनकी आज्ञापालन को समर्पित रहा है। यह भजन न केवल एक संगीतमय प्रस्तुति है, बल्कि यह एक उच्च कोटि की आध्यात्मिक साधना है जो साधक को सांसारिक कोलाहल, चिंताओं और बंधनों से दूर प्रभु के नाम-स्मरण में लीन होने की प्रेरणा देती है। जब कोई भक्त अपने उठने, बैठने, चलने, रोने, हँसने और बोलने की प्रत्येक श्वास और क्रिया को प्रभु श्रीराम को समर्पित कर देता है, तो उसका साधारण जीवन स्वयं एक जीवंत भजन और तपस्या बन जाता है। इस विस्तृत आलेख में हम इस अद्भुत भजन के संपूर्ण बोल, इसके गहरे आध्यात्मिक अर्थ, गायन की विधि और हनुमान-राम भक्ति के दार्शनिक पक्षों का रसास्वादन करेंगे।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
बबीता शर्मा द्वारा गाए गए इस लोकप्रिय हनुमान भजन के संपूर्ण और मूल बोल निम्नलिखित हैं:
उठे तो राम राम, बोले तो राम राम, मेरे हनुमान जी को भाए राम राम। राम राम जपे दिन-रात हनुमान, राम नाम में बसे इनके प्राण। सोए तो राम राम, जागे तो राम राम, मेरे हनुमान जी को भाए राम राम। राम नाम की माला गले में सजाई, राम नाम की ही धुन इन्होंने लगाई। चलते तो राम राम, रुकते तो राम राम, मेरे हनुमान जी को भाए राम राम। संकट मोचन प्रभु राम के सहारे, राम नाम जपते हैं भक्त ये प्यारे। हँसे तो राम राम, रोए तो राम राम, मेरे हनुमान जी को भाए राम राम। जिसने भी राम नाम दिल से पुकारा, पवनसुत ने दिया उसको सहारा। उठते बैठते राम नाम का ध्यान, यही है पवनसुत हनुमान की शान। जो राम नाम की महिमा को गाए, उसके जीवन से हर संकट मिट जाए।
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन की पंक्तियों में हनुमान जी की राम-भक्ति का अत्यंत सूक्ष्म और सुंदर चित्रण किया गया है। गीतकार और गायिका ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि हनुमान जी की चेतना का प्रत्येक स्तर केवल और केवल प्रभु श्रीराम को समर्पित है। 'उठे तो राम राम, बोले तो राम राम' का अर्थ है कि हनुमान जी की जागृति का आरंभ ही राम नाम से होता है और उनका प्रत्येक शब्द राममयी है। जिस प्रकार एक शरीर के बिना प्राण जीवित नहीं रह सकते, उसी प्रकार हनुमान जी के प्राण केवल राम नाम में बसते हैं। भजन के अंतरा में आगे कहा गया है कि वे सोते और जागते समय भी राम नाम का ही स्मरण करते हैं। उनके गले में राम नाम की रत्नों से जड़ी माला नहीं, बल्कि राम नाम की प्रेम और समर्पण की माला सुशोभित है। वे जब चलते हैं या कहीं विश्राम करते हैं, तो उनकी गति और स्थिरता दोनों में राम का ही स्मरण होता है। जो संकटमोचन स्वयं दूसरों के समस्त संकटों को हरने वाले हैं, वे भी अपनी शक्ति का स्रोत प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद और उनके नाम को मानते हैं। यह भजन हमें यह सिखाता है कि मनुष्य चाहे कितना भी शक्तिशाली या ज्ञानी क्यों न हो जाए, उसे अपने अहंकार का त्याग करके प्रभु के चरणों में शरणागत रहना चाहिए। जब भक्त सच्चे भाव से राम नाम का जप करता है, तो पवनसुत हनुमान उसके जीवन के सभी संकटों को दूर करने के लिए स्वयं दौड़े चले आते हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
यह भजन सनातन धर्म के दो सबसे बड़े आराध्यों—मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और उनके परम भक्त संकटमोचन हनुमान जी के अटूट संबंध को उजागर करता है। इसकी विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- अनन्य शरणागति: यह भजन साधक को पूर्ण शरणागति (Surrender) का मार्ग दिखाता है।
- नाम संकीर्तन की महिमा: कलियुग में कलिकाल के बंधनों से मुक्त होने के लिए राम नाम की महिमा को सर्वोपरि बताया गया है।
- मानसिक शांति और ऊर्जा: इस भजन के श्रवण से मन को असीम शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
- हनुमान उपासना का सार: यह भजन हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग प्रस्तुत करता है, क्योंकि हनुमान जी को उनकी स्तुति से अधिक राम नाम सुनना प्रिय है।
सांस्कृतिक दृष्टि से यह भजन सत्संग, सुंदरकांड पाठ, मंगलवार और शनिवार के विशेष अनुष्ठानों तथा हनुमान जयंती के अवसरों पर भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप श्री हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ के लाभ पढ़ सकते हैं।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
भक्ति संगीत में भाव और समय का विशेष महत्व होता है। 'उठे तो राम राम' भजन को निम्नलिखित अवसरों और विधि के अनुसार गाया और सुना जा सकता है:
- ब्रह्म मुहूर्त एवं प्रातः काल: दिन की शुरुआत इस भजन या इसके स्मरण से करने पर पूरा दिन सकारात्मकता से भरा रहता है।
- संध्याकालीन पूजा: संध्या के समय दीपक प्रज्वलित करते समय इसे गुनगुनाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- मंगलवार और शनिवार के व्रत: हनुमान जी के वार पर विशेष रूप से इस भजन का पाठ या श्रवण करने से विशेष कृपा मिलती है।
- सत्संग एवं रामायण पाठ: धार्मिक आयोजनों, सुंदरकांड मंडली और रामनवमी या हनुमान जयंती के उत्सवों पर इसे सामूहिक रूप से गाया जा सकता है।
भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint
इस भजन के केंद्र में भगवान श्री हनुमान (पवनसुत, संकटमोचन, अंजनीनंदन) और उनके आराध्य भगवान श्री राम हैं। हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या और अष्टसिद्धियों तथा नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता सीता ने हनुमान जी को अमरता और अजरता का वरदान दिया था कि वे जहां भी राम कथा होगी, वहां उपस्थित रहेंगे। बबीता शर्मा जैसी प्रसिद्ध भजन गायिका ने अपनी सुमधुर आवाज से इस पारंपरिक भक्ति भाव को आधुनिक संगीत प्रेमियों तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है।
भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background
लोक संगीत और पारंपरिक भक्ति रचनाओं की श्रृंखला में बबीता शर्मा द्वारा प्रस्तुत यह भजन लोक शैली (Folk Style) पर आधारित है। लोक शैलियों की यह विशेषता होती है कि वे सीधे हृदय को स्पर्श करती हैं। इसमें जटिल शास्त्रीय नियमों के स्थान पर सहज भाव, लय और ताल का प्रयोग किया जाता है, जिसे बच्चा-बच्चा और वृद्धजन आसानी से गा सकते हैं। इस भजन की पृष्ठभूमि ग्रामीण और पारंपरिक भारतीय संस्कृति से जुड़ी है जहाँ लोग अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत भगवान का नाम लेकर करते थे।
भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style
इस भजन की भाषा अत्यंत सरल, सहज और आम बोलचाल की हिंदी (खड़ी बोली एवं अवधी के प्रभाव से युक्त) है। इसमें अनुप्रास और पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है जैसे 'उठे तो राम राम, बोले तो राम राम'। यह पुनरुक्ति केवल शब्दों का दोहराव नहीं है, बल्कि यह साधक की तन्मयता और निरंतरता को दर्शाती है। सरल शब्दावली के कारण यह भजन श्रोता के मन में तुरंत उतर जाता है और बिना किसी कठिनाई के याद हो जाता है।
भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons
यह भजन हमें जीवन के कई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और व्यावहारिक पाठ पढ़ाता है:
- स्मरण की निरंतरता: सांसारिक कार्यों में व्यस्त रहते हुए भी अपने इष्ट का स्मरण बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है।
- संकटों से मुक्ति का उपाय: जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी बाधाएं क्यों न आएं, राम नाम और हनुमान जी का आशीर्वाद बड़े से बड़े पहाड़ को भी तिनके समान कर देता है।
- अहंकार का त्याग: हनुमान जी जैसे महाबली और सर्वज्ञानी होने के बावजूद स्वयं को केवल राम का सेवक मानते हैं, जो नम्रता का सर्वोच्च उदाहरण है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द / वाक्यांश | सरल हिंदी अर्थ | संदर्भ / भाव |
|---|---|---|
| पवनसुत | पवन (वायु देवता) के पुत्र | श्री हनुमान जी का एक लोकप्रिय संबोधन |
| संकटमोचन | संकटों को दूर करने वाला | भक्तों के दुखों का निवारण करने वाले हनुमान जी |
| राम नाम | भगवान श्रीराम का पावन नाम | तुलसीदास जी द्वारा महिमामंडित तारक मंत्र |
| प्राण बसना | जीवन का आधार होना | हनुमान जी के अस्तित्व का केंद्र राम भक्ति होना |
| संकीर्तन | ईश्वर के गुणों और नाम का सामूहिक गान | भक्ति का एक प्रमुख अंग |
पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation
"उठे तो राम राम, बोले तो राम राम, मेरे हनुमान जी को भाए राम राम।"
भावार्थ: इस पंक्ति का अर्थ है कि हनुमान जी की सुबह राम नाम से होती है और उनका प्रत्येक वचन राम को समर्पित है। उन्हें सांसारिक वस्तुओं से अधिक केवल राम नाम जपना भाता है।
"राम राम जपे दिन-रात हनुमान, राम नाम में बसे इनके प्राण।"
भावार्थ: हनुमान जी बिना किसी विश्राम के चौबीसों घंटे राम नाम का स्मरण करते हैं। उनके प्राणों की ऊर्जा का स्रोत केवल प्रभु श्रीराम का नाम ही है।
"संकट मोचन प्रभु राम के सहारे, राम नाम जपते हैं भक्त ये प्यारे।"
भावार्थ: जो हनुमान जी दूसरों के संकट हरते हैं, वे स्वयं भगवान राम के चरणों और नाम के सहारे जीवित हैं। ऐसे प्रिय भक्त का जो भी स्मरण करता है, उसके सभी कष्ट मिट जाते हैं।
भजन से जुड़े देवी-देवता एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok
इस भजन के साथ हनुमान जी के प्रसिद्ध श्लोक का स्मरण करना अत्यंत फलदायी होता है:
अंजनि सुत हनुमान की जय! प्रभु श्रीराम की जय!
हनुमान उपासना से जुड़े अन्य मंत्रों के लिए आप शक्ति और साहस के लिए हनुमान मंत्र का पाठ भी देख सकते हैं।
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भजन का नाम | उठे तो राम राम बोले तो राम राम (Uthe To Ram Ram) |
| स्वर / गायिका | बबीता शर्मा (Babita Sharma) |
| आराध्य देव | भगवान श्री हनुमान एवं प्रभु श्री राम |
| संगीत शैली | लोक भजन / भक्ति गीत |
| भाषा | सरल हिंदी / ब्रज-अवधी मिश्रित |
| मुख्य भाव | अनन्य राम भक्ति, समर्पण और शरण |
| उपयुक्त अवसर | मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, सत्संग |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह आलेख भारतीय भक्ति परंपरा, लोक संगीत और हनुमान उपासना के ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों को प्रामाणिक भजन लिरिक्स और उनके आध्यात्मिक अर्थ से अवगत कराना है। किसी भी प्रकार की धार्मिक अनुष्ठानिक परंपरा को स्थानीय गुरुजनों या मान्यताओं के अनुसार ही आचरण में लाना चाहिए।
स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References
- श्रीरामचरितमानस - गोस्वामी तुलसीदास जी
- हनुमान चालीसा एवं संकटमोचन हनुमानाष्टक
- पारंपरिक भारतीय लोक भजन संग्रह एवं संकीर्तन परंपरा
- बबीता शर्मा द्वारा प्रस्तुत हनुमान भजन ऑडियो रिकॉर्डिंग
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