"श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है" भजन, खाटू श्याम बाबा के प्रति अटूट विश्वास और पूर्ण शरणागति का एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है। राजू मेहरा द्वारा स्वरबद्ध यह भजन उन भक्तों के लिए एक संबल है, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी प्रभु श्याम पर अपनी पूर्ण आस्था बनाए रखते हैं। इस भजन का मुख्य भाव 'आत्म-समर्पण' है, जहाँ भक्त अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी और जीवन की डोर प्रभु के हाथों में सौंप देता है। खाटू श्याम जी, जिन्हें कलियुग का 'हारे का सहारा' कहा जाता है, उनके प्रति यह भजन एक प्रार्थना भी है और एक विश्वास भी कि जब तक श्याम का हाथ सिर पर है, तब तक कोई भी संकट भक्त का कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है,
श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है।
तू ही नैया, तू ही खिवैया,
तू ही खेवनहार है, श्याम तेरे ही भरोसे...
जब से पकड़ा है बाबा तेरा हाथ मैंने,
छोड़ दी है दुनिया की हर बात मैंने।
तेरी चौखट ही मेरा संसार है,
श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है...
तूने ही संभाला है हर मोड़ पर,
मुझको रखा है तूने अपनी ओट में।
तेरा ही नाम मेरा आधार है,
श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है...
दुख में तू ही सुख में तू ही,
मेरे हर एक पल में तू ही तू ही।
तू ही मेरा इकलौता यार है,
श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है...
राजू मेहरा की ये अरदास है,
श्याम तेरे चरणों में ही विश्वास है।
तेरा ही नाम मेरा संसार है,
श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है...
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त कहता है कि हे श्याम! मेरा पूरा परिवार आपके भरोसे ही चल रहा है। जिस प्रकार एक नाव को चलाने वाला 'खिवैया' होता है, उसी प्रकार मेरे जीवन रूपी नाव को आप ही पार लगाने वाले हैं। भक्त स्वीकार करता है कि जब से उसने बाबा खाटू श्याम का हाथ थामा है, तब से उसने सांसारिक मोह-माया और व्यर्थ की चिंताओं को त्याग दिया है। उसके लिए अब केवल प्रभु की चौखट ही उसका वास्तविक संसार है। यह भजन सिखाता है कि यदि हम अपना भार प्रभु पर डाल दें, तो जीवन की सभी बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
यह भजन खाटू श्याम जी के प्रति 'अनन्य भक्ति' को दर्शाता है। इसकी विशेषता इसकी सरलता और हृदय की गहराई से निकली पुकार है। यह भजन न केवल व्यक्तिगत शांति प्रदान करता है, बल्कि पारिवारिक एकता और प्रभु के प्रति सामूहिक विश्वास को भी सुदृढ़ करता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को प्रतिदिन सुबह की पूजा या संध्या आरती के समय गाया जा सकता है। इसे एकांत में बैठकर या सामूहिक सत्संग में गाने से मन को असीम शांति मिलती है। खाटू श्याम जी के विशेष दिनों जैसे एकादशी या फाल्गुन मेले के दौरान इसका गायन विशेष फलदायी माना जाता है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द | अर्थ | संदर्भ |
|---|---|---|
| खिवैया | नाव चलाने वाला (नाविक) | जीवन रूपी नैया को पार लगाने वाला |
| चौखट | प्रभु का द्वार | शरण में आने का स्थान |
| ओट | आश्रय या सहारा | प्रभु की सुरक्षा |
| आधार | मूल सहारा | जीवन का मुख्य आधार |
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है |
|---|---|
| आराध्य देव | खाटू श्याम (श्री कृष्ण) |
| गायक | राजू मेहरा |
| भाषा | हिंदी |
| मुख्य भाव | शरणागति एवं विश्वास |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: यह भजन किस देवता को समर्पित है?
उत्तर: यह भजन खाटू श्याम जी (श्री कृष्ण के कलयुगी अवतार) को समर्पित है। - प्रश्न: इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस भजन का मुख्य संदेश प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण और उन पर अटूट विश्वास रखना है। - प्रश्न: क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, इसे घर पर पूजा के समय या किसी भी समय भक्ति भाव से गाया जा सकता है।
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References
यह सामग्री खाटू श्याम भक्ति परंपरा, भजन संकलन और प्रचलित धार्मिक गीतों के आधार पर तैयार की गई है।
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