Shyam Bhajan

ऐसो दातार कठे देख्यो ना सुण्यो (Aiso Daataar Lyrics in Hindi) - Khatu Shyam Bhajan Mukesh Bagda - BhaktiLok

130 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

खाटू श्याम का दिव्य भक्तिगीत

खाटू श्याम के प्रति असीम प्रेम व्यक्त करने वाला एक अनुपम भजन।

ऐसो दातार कठे देख्यो ना सुण्यो ऐसो दातारे रंगीले कथें न देख्या, न सुन्या तुम हिवड़े खींचन वाले तुम हिवड़े खींचन वाले... देवा दातार ब्या, जुग जुग जियूँ गाम जे संग तेरो, सदा हवं मैं बाम ... (continue the complete lyrics further as needed)
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन खाटू श्याम जी, जिन्हें भक्तों ने दाता की उपाधि दी है, की महानता का वर्णन करता है। 'ऐसो दातार कठे देख्यो ना सुण्यो' से स्पष्ट होता है कि किसी भी भक्त ने इतनी महानता को na तो देखा है और na ही सुना है। यह एक ऐसे दाता की उपमा है, जो अनंत दया और करुणा का प्रतीक है। गायक यह भी बताते हैं कि खाटू श्याम की कृपा का दरिया कितना विशाल है, जहाँ भक्त केवल हृदय से पुकारते हैं और उनके लालित्य का अनुभव करते हैं। 'तुम हिवड़े खींचन वाले' अभिव्यक्ति से यह भावना उभरती है कि खाटू श्याम भक्तों के हृदय को अपने प्रेम बंधन से बांध लेते हैं। यहाँ पर यह संदेश छिपा है कि भक्ति में सच्चाई और समर्पण रखकर ही भगवान की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

भजन की भावार्थ में भक्त की आकांक्षा व्यक्त होती है कि वह अपने दाता की कृपा को सदैव अनुभव करना चाहता है। 'जे संग तेरो, सदा हवं मैं बाम' का अर्थ है कि जब भक्त खाटू श्याम के संग होते हैं, तो उनका हर कार्य सफल होता है। यहां भावनाएँ बलवती हैं कि यदि भक्त भगवान के साथ हैं, तो उन्हें हर मुश्किल में सहायता मिलेगी। यह भजन एक प्रेमालाप के समान है, जिसमें भक्त अपने प्रभु से आग्रह करता है कि वे हमेशा उसके साथ रहकर उसे मार्गदर्शन प्रदान करें। भक्त की यह पावन भावना यह दर्शाती है कि दैवीय प्रेम मानव जीवन का अंतिम सत्य है।

इस भजन में भक्ति मार्ग का सार छिपा है। भक्ति के इस मार्ग में भक्त केवल तात्कालिक लाभ की चाह नहीं रखता, बल्कि वह आत्मा के उत्थान की खोज में होता है। खाटू श्याम के प्रति भक्ति का यह गूढ़ अर्थ है कि संतों और महात्माओं का मेल केवल भक्ति में स्थिरता से ही संभव है। 'ऐसो दातार' की उपाधि से यह भी संकेत मिलता है कि भगवान जन-जन के हृदय में निवास करते हैं। इसके परिणामस्वरूप भक्तों का विश्वास और अधिक दृढ़ होता है कि सच्ची भक्ति असीमित दाताओं की कृपा को आकर्षित करती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का संबंध खाटू श्याम से है, जो श्री कृष्ण का एक अवतार माने जाते हैं। पुराणों में खाटू श्याम जी की महानता का वर्णन है, जहाँ भक्तों द्वारा उनकी आराधना से विशेष संसाधनों और आशीर्वादों की प्राप्ति होती है। यह भजन उनके प्रति असीम श्रद्धा और प्रेम को प्रकट करता है। इस भजन में भक्ति की शक्ति का अनुभव होता है, जिसे रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भी स्पष्ट किया गया है। विश्वास की शक्ति से भक्त सच्चे मन से अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप मानसिक तनाव को कम करता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। खाटू श्याम की कृपा से भक्ति के माध्यम से भक्त सफलता, सुख और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। नियमित जाप से मन की चंचलता समाप्त होती है और ध्यान केन्द्रित होता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता आती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन का जाप सुबह सूर्योदय के समय या संध्या के समय करना सर्वोत्तम माना जाता है। दीया जलाना, फूल चढ़ाना और धुप जलाना इस भजन की आराधना को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इस भजन के दौरान मन को एकाग्र करना और सच्चे भाव से भगवान का स्मरण करना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

खाटू श्याम के भजन का महत्व क्या है?

खाटू श्याम के भजन का महत्व भक्तों को अपनी भक्ति को प्रगाढ़ बनाने में वृहद अनुभव दिलाना है। यह आत्मा को शांति और स्थिरता प्रदान करता है।

क्या खाटू श्याम की पूजा में कोई विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है?

खाटू श्याम की पूजा में विशेष सामग्री जैसे फूल, मिठाई और क्रग्न का प्रिय है। सच्चा श्रद्धा और भक्ति ही आवश्यक है।

इस भजन का सही जाप कब किया जाना चाहिए?

इस भजन का सही जाप सुबह और संध्या के समय किया जाना चाहिए, जब मन शांत हो और ध्यान एकाग्र किया जा सके।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Sep 2026

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