Hanuman Bhajan

श्री हनुमान स्तवन - अर्थ सहित | Hanuman Stavan With Lyrics | Anup Jalota Hanuman Mantra - Bhaktilok

65 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

भक्ति का अद्वितीय मार्ग

श्री हनुमान का स्तवन संपूर्ण भक्ति के साथ निपुणता से पाठ करने के लिए प्रेरित करता है।

श्री हनुमान स्तवन जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी रामायाण सिया राम चन्द्र की श्रीराम के दास तुम्हारी महिमा भक्ति में रंगी है धरती सारी राम भक्त हनुमान की बारी सोने के मंदिर में बसी बाईहै भक्ति का ऐसा जोशीला माहौल श्री रंगनाथ की सुंदर छवि रेंखाक्रुर तब है मन में हर्ष का जादू जप लीजिए हनुमान चालीसा भक्ति से चढ़े, सब काम हो सजा गरभ में जो तात्साम्यमानी बाप-बेटा, माँ-बेटा की नाद सब के दुख दूर करने वाला हनुमान देवी-देवताओं का सच्चा दास आपको सबको मिले आशीर्वाद हर संकट से बचाए बिन कष्ट हनुमान के इस स्तवन का रसा गरमी में सर्दी-दुख से लौटाना आपका सच्चा नाम हनुमान परजन्स के संकट का सच्चा नाशक।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

श्री हनुमान स्तवन का मुख्य विषय हनुमान जी की महिमा और उनकी असीम शक्ति को दर्शाना है। इस स्तवन में हनुमान जी को 'ज्ञान गुण सागर' कहा गया है, जो उनकी ज्ञान, साहस, और यह गुणों के प्रभाव को दर्शाता है। इसमें रामभक्ति की अहमियत भी उजागर की गई है, जहाँ हनुमान जी को श्रीराम का अनन्य भक्त बताया गया है। हनुमान जी के द्वारा प्रेम और समर्पण का संदेश मिलता है, जो भक्ति के मार्ग का अनुसरण करने का प्रेरणास्त्रोत है। इस गीत के द्वारा भक्तों को हनुमान जी की शक्ति और उनकी कृपा पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया गया है।

इस स्तवन में हनुमान जी की कई विशेषताओं का उल्लेख किया गया है, जैसे कि 'महावीर विक्रम बजरंगी'। यह दर्शाता है कि वे केवल बलशाली ही नहीं बल्कि साहसी भी हैं, जो हर चुनौतियों का सामना करते हैं। इसके अलावा, 'कुमति निवार सुमति के संगी' का भावार्थ यह है कि हनुमान जी मोहमाया और बुरी सोच को समाप्त कर सच्ची समर्पण की ओर ले जाते हैं। भक्त को हनुमान जी के प्रति भक्ति और श्रद्धा रखने से सभी संकटों के समाधान की विश्वास दिलाई जाती है।

हनुमान स्तवन में भक्ति मार्ग के महत्व को स्पष्ट किया गया है, जिसमें समर्पण, प्रेम और विश्वास की विशेषता है। हनुमान जी का चरित्र श्रद्धा का प्रतीक है, और उनके प्रति भक्ति रखने से जीवन में सकारात्मकता और सुख का संचार होता है। भक्तों को अपने जीवन के हर पहलू में हनुमान जी की उपासना करने का मार्गदर्शन दिया गया है। इस प्रकार, यह स्तवन न केवल भक्ति का मार्ग बताता है, बल्कि जीवन को सुगम बनाने के लिए भी प्रेरित करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान जी का उल्लेख मुख्य रूप से वाल्मीकी रामायण में किया गया है, जहाँ वे राम के अनन्य भक्त और निमित्त हैं। हनुमान जी की पूजा करने से संजीवनी शक्ति का अनुभव होता है, जैसा कि रामायण में उनकी कई लीलाओं से प्रमाणित होता है। पौराणिक कथाओं में उनका बल और भक्ति का चित्रण किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे संकट के समय एक सच्चे भक्त का सहारा बनते हैं।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान स्तवन का जप करने से मानसिक शांति, शारीरिक शक्ति और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है। यह व्यक्ति के भीतर आत्मविश্বাস जगाता है तथा नकारात्मकता को दूर करता है। नियमित रूप से इस स्तवन का पाठ करने से जीवन में संकटों से पार पाने की शक्ति मिलती है और भक्त के जीवन में सुख-शांति का स्थान स्थापित होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

यह स्तवन सुबह या संध्या की आरती के समय करना शुभ होता है। गृह में एक दिया जलाएं और हनुमान जी की तस्वीर के सामने ध्यान लगाएं। अच्छी स्थिति में बैठें और मन में विचार करें कि हनुमान जी सर्वदा आपके साथ हैं। भक्तिभाव और समर्पण के साथ इस स्तवन का पाठ आपके जीवन में अमिट प्रभाव डालेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

श्री हनुमान स्तवन का मुख्य संदेश क्या है?

श्री हनुमान स्तवन का मुख्य संदेश हनुमान जी की महानता, भक्ति की महत्ता, और संकटों से मुक्ति का विश्वास है। यह दर्शाता है कि भक्ति में शक्ति है।

इस स्तवन का पाठ कब करना उचित है?

इस स्तवन का पाठ सुबह या संध्या के समय किया जाना चाहिए, जब मन पूरी तरह से शुद्ध और शांति से भरा हो। इस समय का विशेष महत्व है।

हनुमान की उपासना से हमें क्या लाभ होता है?

हनुमान जी की उपासना से शारीरिक और मानसिक बल की प्राप्ति होती है, जिसके माध्यम से भक्त किसी भी संकट का सामना कर सकता है। आत्मा की शांति भी प्राप्त होती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 19 Sep 2026

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