Parvati Stotram

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि (108 Shri Ganesh Ji Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

195 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

श्री गणेश की अष्टोत्तर नामावलि: कृपा की प्राप्ति का साधन

श्री गणेश की इस अष्टोत्तर नामावलि से प्राप्त करें कृपा और आशीर्वाद, जीवन में विघ्नों का नाश करें।

ॐ गणेशाय नमः 1. श्री गणेशाय नमः 2. विघ्नेश्वराय नमः 3. गभीराय नमः 4. गजमुखाय नमः 5. लम्बोदराय नमः 6. एकदन्ताय नमः 7. महाकायाय नमः 8. बुद्धिनाथाय नमः 9. श्रवणाय नमः 10. यशस्विनाय नमः 11. सिद्धिर्धात्री नमः 12. वरदाय नमः 13. भक्तवत्सलाय नमः 14. मोक्षदाय नमः 15. अकाशाय नमः 16. आदिकाय नमः 17. अविद्या नाशकाय नमः 18. सर्वशक्तिमयाय नमः 19. साक्षीप्रसणाय नमः 20. ध्यानमूर्तये नमः 21. सुखदायकाय नमः 22. उत्पातेय नमः 23. साधकाय नमः 24. सर्वमंगल्याय नमः 25. ज्ञानाय नमः 26. गुणकारी नमः 27. रूपाय नमः 28. सौम्याय नमः 29. करुणाधिपाय नमः 30. सर्वदुख निवारिणे नमः 31. सारतत्त्वाय नमः 32. भगवते नमः 33. अनंताय नमः 34. शान्ताय नमः 35. परमात्माय नमः 36. जनार्दनाय नमः 37. वरदाय नमः 38. संकल्पाय नमः 39. भव्याय नमः 40. आडंबर नाशकाय नमः 41. गणाधिपाय नमः 42. श्रेष्ठाय नमः 43. आधारभूताय नमः 44. भ्रष्टाचार निवारिणे नमः 45. महानुग्रहाय नमः 46. स्वर्णवर्णाय नमः 47. जगतांत्याय नमः 48. सर्वानंदमयाय नमः 49. शिवाय नमः 50. पुष्टिकाय नमः 51. सर्व भक्तों का वत्सलाय नमः 52. लक्ष्मी नाथाय नमः 53. गांधर्वाय नमः 54. सखाय नमः 55. जपाकुसुमाय नमः 56. हनुमानप्रयागाय नमः 57. देवलोक नायकाय नमः 58. मूल सिद्धाय नमः 59. पांडित्याय नमः 60. कश्यपाय नमः 61. देवता रमायणाय नमः 62. अनंतशक्ति नमः 63. समृद्धि दायकाय नमः 64. मधुरस्वरूपाय नमः 65. अकारण दायकाय नमः 66. यदा दीनाय नमः 67. विजयाय नमः 68. मायानाशकाय नमः 69. स्थिरताय नमः 70. साक्षात्काराय नमः 71. प्रसन्नाय नमः 72. हृषीकेशाय नमः 73. धनीश्वराय नमः 74. अद्वितीयाय नमः 75. सर्वज्ञानाय नमः 76. धर्मध्वजाय नमः 77. चित्तवृत्ति निवारिणे नमः 78. महामंत्राय नमः 79. धर्माय नमः 80. परमानंदाय नमः 81. अखंडिताय नमः 82. ध्यान की मूर्तिपूज्याय नमः 83. श्रद्धाय नमः 84. सर्वाची कर्त्ता नमः 85. चिदानंदाय नमः 86. सगुणाय नमः 87. ध्यानक्रियाय नमः 88. लाभाश्रयाय नमः 89. गुरुशिष्यभक्ताय नमः 90. श्रद्धांजली नमः 91. सुखी जनाप्रिया नमः 92. शुद्धाय नमः 93. पूर्णता दायकाय नमः 94. तत्त्वाकाराय नमः 95. साक्षात्कारी नमः 96. मातृदिव्यात्मा नमः 97. भक्तिपादुका नमः 98. सर्वज्ञताय नमः 99. दरबारी नमः 100. संतोषकराय नमः 101. पूज्यनाय नमः 102. साधकाय नमः 103. राजाधिराजाय नमः 104. भक्तिपूर्णात्मा नमः 105. उपास्याय नमः 106. हरिप्रिया नमः 107. विघ्न विनाशिनाय नमः 108. गणेशाय नमः
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस अष्टोत्तर नामावलि में भगवान श्री गणेश के 108 नामों का वर्णन किया गया है, जो उनकी दिव्यता और गुणों का बखान करते हैं। इनमें से 'विघ्नेश्वराय नमः' नाम का अर्थ है कि भगवान गणेश विघ्नों का नाशक हैं। उनका एक और नाम 'लम्बोदराय' है, जिसका संदर्भ उनके विशाल पेट को दर्शाता है, जो सभी प्राणियों को सहारा देने की क्षमता का प्रतीक है। यहाँ प्रत्येक नाम के साथ 'नमः' जोड़कर श्रद्धापूर्वक उनका स्मरण किया जाता है, जिससे भक्त भगवान गणेश से उनकी कृपा प्राप्त कर सकें। विभिन्न नामों में गणेश की महिमा, कृपा, और भक्तों के प्रति उनके वात्सल्य की भावना झलकती है।

भावार्थ की दृष्टि से, इस नामावलि का पाठ मन एवं आत्मा को शांति प्रदान करता है। जब भक्त इन नामों का जाप करते हैं, तो वे भगवान गणेश की महानता में डूब जाते हैं। उदाहरण के लिए, 'सर्वमंगल्याय नमः' का अर्थ है कि गणेश सर्व कल्याणकारी हैं। जब भक्त इस नाम का उच्चारण करते हैं, तो उनके मन में खुशी और आनन्द का संचार होता है। इसी प्रकार, 'बुद्धिनाथाय नमः' नाम से यह संदेश मिलता है कि भगवान गणेश ज्ञान और बुद्धि के अधिपति हैं, जो संसार के समस्त अज्ञान को दूर करने का कार्य करते हैं। इस नामावलि का श्रद्धा से पाठ करना, भक्त की आंतरिक भावनाओं को जगाता है, और उन्हें आत्मिक शुद्धि की ओर अग्रसर करता है।

सिद्धांत के दृष्टिकोण से, इस अष्टोत्तर नामावलि में भक्ति मार्ग (Bhakti Marga) का स्पष्ट प्रस्तुतीकरण है। इसमें श्रद्धा, समर्पण और अर्चना का गहरा समावेश है। जब भक्त इन नामों का जप करते हैं, तो वे अपने इष्टदेव के प्रति समर्पण की भावना को प्रबल करते हैं। इसके साथ ही, यह समर्पण साधक को भगवान की ओर खींचता है, जिससे उसे आत्मिक विकास और अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है। इसी तरह, संकीर्तन और नाम जप की भारतीय परंपरा में महत्वपूर्ण भूमिका है, और यह सीधे भगवान गणेश को अर्पित किया गया है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का पृष्ठभूमि हिंदू धर्म के शास्त्रों से है, जिनमें गणेश पुराण और अन्य पुराणों में भगवान गणेश का वर्णन मिलता है। ऐसी मान्यता है कि जिन भक्तों को विघ्नों का सामना करना पड़ता है, उन्हें इस अष्टोत्तर नामावलि का जाप करना चाहिए। यह कार्य मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। विशेष रूप से, गणेश की पूजा का अद्वितीय महत्त्व 'विनायक चतुर्थी' जैसे त्यौहारों पर होता है, जहाँ भक्त सामूहिक रूप से इन नामों का जप करते हैं। भगवान गणेश का महत्व पौराणिक कथाओं में बहुत गहरा है और उन्हें ज्ञान, समृद्धि और सभी विघ्नों का नाशक माना जाता है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। इस नामावलि का जाप करने से मानसिक शांति, आत्मिक संतोष, और तनाव का नाश होता है। भक्त जब श्रद्धापूर्वक इन नामों का उच्चारण करते हैं, तो उन्हें सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक बल की अनुभूति होती है। साथ ही, यह आर्थिक समृद्धि और भौतिक सुखों को भी आकर्षित करने में सहायक होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस अष्टोत्तर नामावलि का पाठ सुबह सूर्योदय से पहले या शाम को करना विशेष फलदायी होता है। भक्तों को चाहिए कि वे भगवान गणेश के चित्र के सामने दीप जलाएं और उनके प्रति श्रद्धा पूर्वक प्रणाम करें। सही मुद्रा में बैठकर आत्मिक ध्यान में लिप्त होकर इस नामावलि का जाप करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस अष्टोत्तर नामावलि का पाठ कब करना चाहिए?

इस नामावलि का पाठ सुबह या शाम को करना लाभकारी होता है, विशेष रूप से चतुर्थी तिथि पर।

क्या इस नामावलि के पाठ से विघ्ननाश होगा?

हाँ, यह नामावलि विघ्नों का नाश करने के लिए जानी जाती है, और भक्तों के जीवन में सुख-शांति लाने में सहायक है।

भगवान गणेश की इस नामावलि का महत्व क्या है?

इस नामावलि में भगवान गणेश के 108 नामों का जिक्र है, जो उनकी महानता और कृपा का प्रतीक हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!