Hanuman Bhajan

हनुमान चालीसा बंगाली में (hanuman chalisa in bangali )

53 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रस्तावना एवं परिचय

प्रस्तावना एवं परिचय

, যুগল

শ্রী গুরু চরণ সরোজ রাজ

আমার মনু মুকুরুকে উন্নত কর।

বরনৌন রঘুবর বিমল জাসু৷

জো দাইকু ফল চারি৷

মগজহীন তনু জানিকে

সুমিরন পবন-কুমার।

বাল বুধি বিদ্যা দেহু মোহিন৷

হারহু কালেস বিকার

, চতুর্মুখী

প্রভু হনুমান জয় করুন।

জয় কপিস তিহুঁ লোক উন্মোচিত৷

রামের দূত অতুলনীয় শক্তি ধামা।

অঞ্জনীর পুত্র পবনসুত নামা।

মহাবীর বিক্রম বজরঙ্গী।

যিনি মন্দ চিন্তা দূর করেন এবং মহৎ ব্যক্তির সাহচর্য দান করেন।

কাঞ্চন বরন বিরাজ সুবেসা।

4

হাত বজরা অরু ধ্বজা বিরাজয়।

কান্ধে মুঞ্জ জানিউ সাজাই

শঙ্কর সুবন কেশরী নন্দন।

তেজ প্রতাপ মহা জগবন্দন

খুব চালাক.

রাম করিবে উদগ্রীব।

আপনি ঈশ্বরের মহিমা শুনতে আনন্দিত.

রাম লখন সীতা মন বসিয়া….

আপনার সূক্ষ্ম ফর্ম দেখান.

বিকট রূপ ধরি লঙ্কা জরাওয়া৷

রাক্ষসরা ভীমের রূপ ধারণ করল।

রামচন্দ্রের কব্জা থেকে মুক্তি পান।

বাঁচি জীবন লখন।

মিঃ রঘুবীর হরষি উর আনা

রঘুপতি তার অনেক প্রশংসা করলেন।

তুমি মম প্রিয় ভারতী সাম ভাই 12

সহস দেহ তুমি যাস গ্রাম।

শ্রীপতিকে দেখতে কোথায় যাবেন?

সনকাদিক ব্রহ্মাদি মুনিসা।

নারদ সারদ সহ অহিসা

জাম কুবের দিগপাল জাহান তে।

কোথায় বলতে পারেন?

আপনি কৃতজ্ঞ.

রাম মিলায় রাজ পদ দিহনা ১৬

তুমি মন্ত্রটিকে বিভীষণ বলে মনে করেছিলে।

লঙ্কেশ্বর ভায়ে সব জগ জানে৷

জগ সহস্ত্র জোজনে ভানু।

লিলিও তহি মিষ্টি ফল জানু৷

প্রভু মোহরের মুখে।

আমি অবাক হই না যে জল পার হয়ে গেল।

দুর্গম কাজ জগতের জীবন।

আপনার জন্য সহজ অনুগ্রহ 20

ভগবান রাম আমাদের রক্ষা করেন।

হট না আজনা বিনু পয়সারে

সব সুখ তোমার সারনা।

তুমি রক্ষক কহু ভয়।

আপনি দ্রুত চকমক.

তিনটি জগৎ

ভুত ভ্যাম্পায়াররা কাছে আসে না।

মহাবীর যখন নাম সুনাভাই 24

নাসাই রোগ হরাই সব পীরা।

নিরন্তর হনুমন্ত বিরা জপ

কষ্ট থেকে মুক্তি পান হনুমান।

মন অনুক্রম, বচন ধ্যান, যা প্রয়োগ।

রাম তপস্বী রাজা সবার উপরে।

আপনি খড় সঙ্গে ভাল

যে কোন ইচ্ছা নিয়ে তোমার কাছে আসে।

সোই অমিত জীবন ফল পাওয়াই ২৮৷

তোমার জাঁকজমক চার যুগ জুড়ে।

বিখ্যাত জগৎ উজ্জারা।

আপনি সাধু সাধুদের অভিভাবক।

অসুর নিকন্দন রাম দুলারে

অষ্ট সিদ্ধি নয় নিধি দাতা।

আস বার দিন জানকী মাতা৷

রাম রসায়ন তোমার পাশা।

সর্বদা রঘুপতির সেবক হও 32

আপনার প্রার্থনা প্রভু রামের কাছে পৌঁছায়।

জন্ম জন্মের দুঃখ

অবশেষে গেল রঘুবরপুরে।

হরিভক্তের জন্ম কোথায় হয়েছিল?

আর থেমে যাননি দেবতা।

হনুমত বলল সার্ব সুখ।

সমস্ত বিপদ দূর হয়ে যাবে এবং সমস্ত ব্যথা অদৃশ্য হয়ে যাবে।

জো সুমিরই হনুমত বলবীর ৩৬

জয়, জয়, জয়, শ্রী হনুমান, ইন্দ্রিয়ের অধিপতি।

দয়া করে আমাকে গুরুদেবের মতো করুন।

যে ব্যক্তি এটি 100 বার পড়বে।

মহা সুখ-দুঃখ আছে।

যে এই হনুমান চালিসা পাঠ করবে।

হোয় সিদ্ধি সখী গৌরীসা

তুলসীদাস সদা হরি চেরা।

কিজই নাথ হৃদয় মাহ ডেরা 40

, যুগল

বায়ু শক্তি সংকট,

মঙ্গল মূর্তি।

সীতার সাথে রাম লখন,

হৃদয় বসু সুর ভূপ

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "हनुमान चालीसा बंगाली में (hanuman chalisa in bangali )" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 19 Sep 2026

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